शारदा ने बताया:मरीजों की सेवा नर्सों का धर्म

जींद2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

मरीजों की सेवा नर्सों का सर्वोपरि धर्म है और इसके लिए कई बार परिवार से भी ज्यादा अहमियत अपनी ड्यूटी को देनी पड़ जाती है। कोरोना काल में नर्सें अपना यह धर्म अच्छे से निभा भी चुकी हैं। यह कहना है कि नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की प्रधान शारदा सहरावत का। शारदा देवी देर शाम को नर्सिंग डे पर शहर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में नर्सों को संबोधित कर रही थी।

इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान, पीएमओ डॉ. लोकवीर और डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जेके मान ने शिरकत की। सिविल सर्जन ने कोरोना काल में नर्सिंग स्टाफ के योगदान की सराहना की। शारदा ने कहा कि यूं तो नर्सें हमेशा से ही अपना फर्ज ईमानदारी के साथ निभाते आई हैं लेकिन कोरोना काल में सैकड़ों नर्सों ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल की तरफ काम किया और अपने परिवार तथा बच्चों से दूर रहकर ड्यूटी को निभाया।

नर्सों ने उस समय में भी अपनी ड्यूटी को निभाया है, जब परिवार के लोग भी कोरोना के मरीजों के पास नहीं आते थे और नर्सें उन्हें दवा से लेकर खाने-पीने तक की चीजें उपलब्ध करवाती थी। जींद में एक नर्स कोरोना से लड़ते हुए जिंदगी की जंग हार गई थी।

खबरें और भी हैं...