कपास फसल की बिजाई पर भी विपरीत असर:इस बार लगातार चढ़ रहा गर्मी का पारा, पिछले दस साल से अधिक के टूटे रिकॉर्ड

जींद2 महीने पहले
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मार्च के अंतिम पखवाड़े में शुरू हुई गर्मी इस बार लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक दशक के रिकॉर्ड इस बार गर्मी ने तोड़े हैं। सुबह नौ बजे से लू का प्रकोप शुरू हो जाता है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। गर्मी के कारण लोगों के कामकाज बाधित हो रहे हैं और तपत से हर कोई परेशान दिखाई देता है। शहर की सडक़ों पर दोपहर में आवागमन कम ही दिखाई देता है और सुबह शाम ही लोग घरों से निकलना मुनासिब समझते हैं। शुक्रवार को जींद का अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री तथा न्यूनतम 27 डिग्री रहा है।

कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा के मौसम विशेषज्ञ डा. राजेश कुमार के मुताबिक आगामी चार पांच दिन गर्मी का पारा और बढ़ सकता है और लू चलेंगी। 10 से 18 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धुल से भरी हवा चलेगी। गर्मी की वजह से खरीफ फसलों की बिजाई पर भी असर पड़ रहा है। किसान संतलाल सैनी, रामरूप, हरिराम व सतबीर ने बताया कि इन दिनों कपास की बिजाई का सीजन चल रहा है।

गर्मी और गुलाबी सूंडी बने हैं कारण
कृषि उपनिदेशक डाॅ. सुरेंद्र मलिक के मुताबिक तीन साल पहले उचाना क्षेत्र के गांव पालवां में एक जिनिंग मिल में गुलाबी सूंडी मिली थी। मिल मालिक आंध्र पदेश से माल लेकर आया था। जो मिल के सामने वाले किसान कृष्ण के खेत में मिली थी। इस बार गर्मी व गुलाबी सूंडी के प्रकोप के कारण 30 से 35 प्रतिशत एरिया कपास का घटेगा। जिला में 65 से 70 हजार हेक्टेयर भूमि में कपास की खेती होती थी, जो इस बार कम होगा।

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