पब्लिक हेल्थ ठेकेदारों ने किया यूनियन का गठन:पेमेंट रोकने व अन्य मुद्दों को लेकर अभियंता से मिलेगी यूनियन

जींद14 दिन पहले
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सरकार और विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते ठेकेदार। - Dainik Bhaskar
सरकार और विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते ठेकेदार।
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पेमेंट रोकने, जीएसटी बढ़ाने सहित अन्य समस्याओं को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों ने रविवार को यूनियन का गठन कर विभाग के प्रमुख अभियंता से मिलने का निर्णय लिया है। यूनियन में 11 सदस्य बनाए गए हैं। गौरतलब है कि कार्यों की पेमेंट नहीं होने से खफा ठेकेदारों ने जिले के 300 गांवों में जल जीवन योजना के तहत चल रहे कार्यों को रोका हुआ है। ठेकेदारों का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग जिले के ठेकेदारों की 200 करोड़ से ज्यादा की राशि राेकी हुई है। अब जीएसटी भी 12 प्रतिशत से बढ़ा कर 18 प्रतिशत कर दी गई है। जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदार बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके हैं।

अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रमुख अभियंता से मिलने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता तो यूनियन की प्रदेश स्तरीय बैठक बुला कर रणनीति बना संघर्ष का बिगुल फूंक दिया जाएगा। बैठक में सर्वसम्मति से भारत भूषण को जिला का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। साथ ही 11 सदस्य भी बनाए गए हैं। जिसमें नरेंद्र नाडा, रामपाल करेला, राजीव गोयल, राजपाल कंदोला, महाबीर सिवाच, रोहताश, सन्नी, उमेश, सुरेंद्र कुंडू, हिम्मत सिंह तथा अमित मलिक को शामिल किया गया है। ठेकेदारों ने कहा कि जिले के 200 करोड़ से ज्यादा की राशि अटकी हुई है। जिसके कारण वाे आगे कार्य नहीं कर पा रहे हैं।

यह रखी मांगें : उन्होंने मांग की कि टाइम एक्सटेंशन की फाइल एक सप्ताह के अंदर निकलनी चाहिए। जीएसटी को घटा कर छह प्रतिशत किया जाए। हर माह बिल जमा होने के साथ हर माह राशि का भुगतान होना चाहिए। भारत भूषण ने कहा कि 200 करोड़ से ज्यादा की राशि जिला के ठेकेदारों की अटकी हुई है।

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