आषाढ़ मास में 5 ग्रह स्वयं की राशि में रहेंगे:37 साल बाद मंगल-राहु का अंगारक योग बढ़ाएगा प्राकृतिक आपदाएं

कैथलएक महीने पहले
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ग्रहों के सेनापति मंगल देव 27 जून को अपनी ही राशि मेष में गोचर करने जा रहे हैं। मेष राशि में दूसरा आक्रामक ग्रह राहु पहले से ही विराजमान है। ऐसे में मंगल-राहु की यह युति अंगारक योग का निर्माण करने जा रही है, जो प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बनाती है। इससे पहले मंगल-राहु का अंगारक योग 1985 में बना था, उस दौरान भी प्राकृतिक आपदाएं व अतिवृष्टि हुई थी। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष में मंगल ग्रह को अग्नि तत्व का कारक माना गया है, जबकि राहु ग्रह को अशुभ ग्रह माना गया है। यह योग 10 अगस्त रात 9.08 पर मंगल के वृषभ राशि में प्रवेश करने के साथ समाप्त होगा।

आषाढ़ मास में 5 ग्रह स्वयं की राशि में रहेंगे ज्योतिषाचार्य कमलेश शर्मा ने बताया कि ग्रह गोचर की गणना से देखें तो आषाढ़ मास में पांच ग्रह स्वयं की राशि में रहेंगे। इसमें मंगल का मेष राशि में प्रवेश 27 जून को होगा, शुक्र 18 जून को वृषभ में जाएंगे, बुध का मिथुन में प्रवेश 1 जुलाई को होगा। इधर, शनि कुंभ राशि में और गुरु मीन राशि में पहले से ही गोचरस्थ हैं। इन पांच ग्रहों की उत्तम स्थिति के कारण ही वर्षा ऋतु में श्रेष्ठ बारिश के योग बन रहे हैं। साथ ही अंगारक योग के दौरान मेष, वृष, सिंह, कन्या, तुला, धनु, मकर और मीन राशि वालों को संभलकर रहना होगा।

मंगल का सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष | पराक्रम में वृद्धि से सम्मान बढ़ेगा। वृषभ | शत्रुओं से रहें सावधान मिथुन | यश और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कर्क | कार्यक्षेत्र में होगी उन्नति। सिंह | धार्मिक यात्रा के बनेंगे योग। कन्या | व्यर्थ के विवादों से बचें। तुला | व्यापार क्षेत्र से होगा बड़ा लाभ। वृश्चिक | शुभ समय का आरंभ होगा। धनु | अचानक धन लाभ के बनेंगे योग। मकर | स्वास्थ्य का रखें ध्यान। कुंभ | स्थान परिवर्तन के हैं योग। मीन | खर्चों की रहेगी अधिकता।

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