ज्योतिष:सौभाग्य योग में सूर्य आद्रा नक्षत्र में प्रवेश, अधिक वर्षा के योग

कैथलएक महीने पहले
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सूर्य ने सौभाग्य योग में बुधवार सुबह 11:42 बजे आद्रा नक्षत्र में प्रवेश किया है। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक इसी के साथ वर्षा ऋतु आरंभ हो गई है। खेती-किसानी के कार्य शुरू हो गए। इस बार अच्छी वर्षा के योग बन रहे हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि ज्योतिष शास्त्र में प्रकृति से उत्तम तरीके से साम्य स्थापित किया गया है। यही वजह है कि प्रकृति, मौसम, पर्यावरण में होने वाले पल-पल के बदलाव को ज्योतिषीय गणना के माध्यम से सटीक रूप से बताया जा सकता है। वर्षा ऋतु की ही बात करें तो सूर्य के आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करने के समय से वर्षा ऋतु का आरंभ माना जाता है। आद्रा से नौ नक्षत्र तक वर्षा ऋतु का चक्र होता है। यानी सूर्य जब आद्रा से चित्रा नक्षत्र तक पहुंचता है तब तक वर्षा ऋतु चलती है।

आषाढ़ शुक्ल सप्तमी 6 जुलाई रात्रि तक आद्रा नक्षत्र रहेगा। ज्योतिषविद्ों के अनुसार ज्योतिष शास्त्र और मानव जीवन में सूर्य का आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करना उत्तम माना गया है। सूर्य को आरोग्य के कारक, ऊर्जा और प्रकाश के प्रतीक, जीवन में उम्मीद के संवाहक और संसार की आत्मा बताया गया है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य के आद्रा प्रवेश के समय चंद्र पूर्ण जलचर राशि मीन में स्थित होकर सूर्य से केंद्र स्थान में होने के कारण देश के अधिकांश क्षेत्रों में प्राय: अच्छी वर्षा होगी, कहीं मध्यम या खंड वृष्टि के योग हैं।

मध्यम या खंड वृष्टि के योग ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य के आद्रा प्रवेश के समय चंद्र पूर्ण जलचर राशि मीन में स्थित होकर सूर्य से केंद्र स्थान में होने के कारण देश के अधिकांश क्षेत्रों में प्राय: अच्छी वर्षा होगी, कहीं मध्यम या खंड वृष्टि के योग हैं। पक्षांत तक पश्चिमोत्तर भारत में धीरे-धीरे वर्षा के योग बनेंगे। भारत के अनेक भू भागों में सामान्य से अधिक वर्षा के योग बनेंगे।

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