1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक बैन:थोक विक्रेता असमंजस में क्या बेचें, क्या नहीं, जिले में रोजाना 15 लाख का कारोबार

कैथल2 महीने पहले
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सिटी स्क्वेयर के बाहर सड़क किनारे फैला कचरे में पड़ा प्लास्टिक। - Dainik Bhaskar
सिटी स्क्वेयर के बाहर सड़क किनारे फैला कचरे में पड़ा प्लास्टिक।

जिले में एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी) को बैन किया जा रहा है जिसकी सूचना से प्लास्टिक क्राॅकरी और पॉलीथिन के व्यवसाय से जुड़े हजारों छोटे-बड़े दुकानदार परेशान हैं। थोक विक्रेताओं को अपना बिजनेस बंद होता दिखाई दे रहा है। वहीं, छोटे दुकानदार पॉलीथिन का विकल्प खोज रहे हैं। दुकानदारों से मिली जानकारी के अनुसार कैथल जिले में दर्जनों सिंगल यूज प्लास्टिक के दर्जनों थोक विक्रेता हैं। जिले में प्रतिदिन 20 टन सिंगल यूज प्लास्टिक की खपत और 10 से 15 लाख रुपए का बिजनेस होता है।

पॉलिथीन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं की खपत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रतिदिन कचरे के रुप में में पांच टन के करीब पॉलीथिन, सिंगल यूज प्लास्टिक का कचरा सड़कों पर आता है। कचरे में अन्य चीजें कम पॉलीथिन ज्यादा दिखाई देता है। सिंगल यूज प्लास्टिक का सामान बेचने पर 500 से लेकर 25 हजार तक का जुर्माना किया जा सकता है।

ये होंगे टास्क फोर्स में
जिलास्तर पर डीसी टास्क फोर्स की चेयरमैन होंगे। सिटी लेवल पर जिला पालिका आयुक्त टास्क फोर्स के चेयरमैन होंगे। इसके अलावा नगर परिषद के सचिव, पॉल्यूशन बोर्ड के एसडीओ और कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद भी टास्क फोर्स में शामिल रहेंगे।

न मीटिंग, न कोई स्पष्ट जानकारी
नगर परिषद या पॉल्यूशन बोर्ड के अधिकारियों काे सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन करने की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन अब तक जिले में किसी भी दुकानदार या एसोसिएशन के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक के बैन को लेकर अधिकारियों ने कोई मीटिंग नहीं की है। दुकानदार इतना मानते हैं कि उन्हें थोड़ी जानकारी है कि एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन किया जा रहा है। लेकिन क्या बेचें, विकल्प क्या है। उसके बारे में किसी अधिकारी ने नहीं बताया है। कैरी बैग कितने माइक्रोन का बेचा सकेंगे, उसको लेकर भी दुकानदार असमंजस में हैं। एक दुकानदार ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के बैन से उनका व्यापार खत्म हो जाएगा। परिवार के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।

जानिए... क्या होगा बैन
जानकारी के अनुसार प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स, गुब्बारों की प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक/स्ट्रॉ, सजावटी थर्माकाेल, प्लास्टिक प्लेट, कप, चम्मच, कांटे, ट्रे, प्लास्टिक पैकिंग फिल्म, मिठाई के डिब्बों पर लगाने वाली पैकिंग प्लास्टिक फिल्म, प्लास्टिक के इनविटेशन कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से नीचे वाले पीवीसी बैनर सिंगज यूज प्लास्टिक में माने गए हैं। इन उत्पादों को दुकानदार बेच नहीं सकेंगे।

नगर परिषद और पॉल्यूशन बोर्ड की जिम्मेदारियां
नगर परिषद और पॉल्यूशन बोर्ड को प्रतिदिन की जाने वाली एक्शन रिपोर्ट को स्वच्छता पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसमें बताना होगा कि एसयूपी के कितने हॉटस्पॉट को चिह्नित किया गया। कितनी जगहों पर औचक निरीक्षण किया गया। कितना जुर्माना किया गया। एसयूपी के विकल्प के बारे में दुकानदारों और आमजन को बताना। रेस्टोरेंट, मंदिर, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, टूरिस्ट कॉम्पलेक्स, ऑफिसों में लोगों को जागरूक करना होगा।

एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन किया जा रहा है। इसके बेचने और बनाने पर जुर्माना किया जाएगा। राजेंद्र शर्मा, रीजनल ऑफिसर, एचएसपीसीबी, कैथल।

नगर परिषद ने काटे 5 दुकानदारों के चालान
नगर परिषद ने कैरी बैग बेचने पर पांच दुकानदारों पर एक-एक हजार रुपए का जुर्माना किया है। वहीं, उन्हें पॉलिथीन के कैरी बैग न रखने की हिदायत भी दी।

ये हो सकते हैं विकल्प
सिंगल यूज प्लास्टिक घर-घर की जरूरत है। अचानक से दूसरी चीजों को अपनाना कठिन हो सकता है। लेकिन सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्प के रूप में हम बता रहे हैं कि आम व्यक्ति क्या यूज कर सकता है। इसमें कोटन बड्स, बैंबू खिलौने और प्लेट्स, स्टील बर्तन, कम्पोस्ट होने वाली प्लास्टिक और कैरी बैग, बैंबों इयर बड्स, स्टील और बांस की स्ट्रा, कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग किया जा सकता है।

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