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पुनर्निर्माण:आवर्धन नहर का 500 करोड़ से होगा पुनर्निर्माण, छह हजार क्यूसिक से अधिक होगी पानी बहाव की क्षमता

घरौंडा25 दिन पहले
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घरौंडा. आवर्धन नहर में तटबंध को मजबूत करने का काम हुअा शुरू। - Dainik Bhaskar
घरौंडा. आवर्धन नहर में तटबंध को मजबूत करने का काम हुअा शुरू।
  • री-माॅडलिंग का कार्य पूरा होने तक आवर्धन नहर में पानी की सप्लाई बंद की गई, बढ़ाई जाएगी क्षमता
  • पश्चिमी यमुना नहर में डायवर्ट किया पानी, नहर की चौड़ाई और गहराई बढ़ेगी

प्रदेश की लाइफ लाइन आवर्धन नहर की री-माॅडलिंग का कार्य शुरू हो गया है। लगभग पांच सौ करोड़ की लागत से नहर का पुनर्निर्माण किया जाएगा। री-माडलिंग से नहर की क्षमता डेढ़ गुणा बढ़कर छह हजार क्यूसिक से अधिक हो जाएगी। वहीं करनाल जिले में आवर्धन नहर के किनारे सड़क का निर्माण भी किया जाएगा। री-माडलिंग का कार्य पूरा होने तक आवर्धन नहर में पानी की सप्लाई बंद की गई है और पानी को पश्चिमी यमुना नहर में डायवर्ट किया गया है।

करीब चार हजार क्यूसिक क्षमता की आवर्धन नहर का निर्माण साल 1970 में किया गया था। पचास वर्षों तक आवर्धन नहर ने लगभग आधे हरियाणा समेत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की जल आपूर्ति की है। लंबे उपयोग के कारण नहर की कंडिशन जर्जर हो गई जिस वजह से नहर में तीन हजार क्यूसिक पानी ही छोड़ा जा रहा था। पांच दशकों के बाद प्रदेश सरकार आवर्धन नहर की री-माॅडलिंग कर रही है।

इस प्रोजेक्ट में लगभग 70 मिलोमीटर लम्बी आवर्धन नहर की क्षमता बढ़ाने के लिए नहर की चौड़ाई और गहराई का विस्तार किया जाएगा। सिंचाई विभाग के एसडीओ रमेश कुमार ने बताया कि री-माडलिंग से नहर की क्षमता छह हजार पचास क्यूसिक की हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट के तहत आवर्धन नहर को कंक्रीट से बनाया जाएगा।

री-माडलिंग प्रोजेक्ट की कुल लागत 429 करोड़ की होगी। आवर्धन नहर की री-माडलिंग में नहर की क्षमता बढ़ाने के साथ ही नहर पर बने पुलों व सभी तरह के स्ट्रक्चर भी नए बनाए जाएंगे। एसडीओ रमेश कुमार ने बताया कि गांवों की क्रासिंग पर बने पुलों का निर्माण सिंचाई विभाग करेगा।

नहर पर नेवल से मधुबन तक बनेगी सड़क, करनाल में बनेगा नया एस्केप

विधायक हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि आवर्धन नहर की ख़राब कंडिशन की वजह से नहर में करीब तीन हजार क्यूसिक पानी ही छोड़ा जा रहा था। री-माडलिंग के बाद नहर की क्षमता डेढ़ गुना बढ़ेगी और नेवल से लेकर मधुबन तक नहर के साथ मिनी बाईपास बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने नहर के साथ सड़क बनाने की घोषणा की थी। नहर के किनारे सड़क निर्माण से यमुनानगर व यूपी आवागमन के लिए करनाल जाने की जरूरत नहीं होगी। आसपास के गांवों के ग्रामीणों व गन्ना किसानों को करनाल शुगर मिल जाने के लिए इस मिनी बाईपास का फायदा मिलेगा।

कल्याण ने कहा कि नहर के मौजूदा मॉडल में सिर्फ धनौरा गांव के पास एस्केप बनाया गया है। आवर्धन नहर के नए प्रारूप में करनाल जिले के गांव बूढ़ा खेड़ा के पास एक नया एस्केप बनाया जाएगा। आवर्धन नहर के नए एस्केप को इंद्री ड्रेन नंबर एक से जोड़ा गया है। नहर में पानी की सप्लाई बंद करने या डायवर्ट करने की स्थिति में इस एस्केप का प्रयोग किया जाएगा।

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