पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मंच का विस्तार:प्राइवेट स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाओं को बनाया फीस वसूलने का जरिया, एकजुट हुआ अभिभावक एकता मंच

घरौंडा6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
हर्बल पार्क में मीटिंगमें पहुंचें अभिभावक एकता मंच के पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
हर्बल पार्क में मीटिंगमें पहुंचें अभिभावक एकता मंच के पदाधिकारी।
  • प्राइवेट स्कूलों की मनमर्जी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए किया गया मंच का विस्तार

ऑनलाइन कक्षाओं के नाम पर निजी स्कूलों ने फीस वसूलने का रास्ता तैयार किया है। अभिभावकों के मुताबिक, ऑनलाइन क्लासेस महज औपचारिकता भर हैं, मकसद फीस वसूलना है। कई तरह की नई शिकायतें भी मंच के पास पहुंची हैं। निजी स्कूलों के खिलाफ लामबंद हुए अभिभावक एकता मंच ने मोर्चा खोल दिया है। आगे की लड़ाई लड़ने के लिए मंच ने चंदा भी एकत्रित करना शुरू कर दिया है।

मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों ने अपनी मनमर्जी से फंड बढ़ा दिया है और उन्हीं फंड के चलते एडमिशन फीस वसूली जा रही है। ऑनलाइन क्लास के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। रविवार को अभिभावक एकता मंच ने स्थानीय हर्बल पार्क में एक बैठक की। बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष हरि नागपाल ने की।

मीटिंग में मंच के पदाधिकारियों ने प्राइवेट स्कूलों में अभिभावकों के साथ चल रही लूट के मुद्दों को उठाया। अभिभावकों द्वारा निजी स्कूलों के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए मंच का विस्तार किया गया है। अभिभावकों का कहना है कि वे फीस देने के लिए तैयार हैं लेकिन सिर्फ ट्यूशन फीस। जो एक्स्ट्रा फीस जोड़ी जा रही है वह गलत है। ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है तो ऑनलाइन कक्षा के हिसाब से ही फीस वसूलें, न ही रेगुलर क्लासों की तरह।

नर्सरी के लिए दो से अढाई हजार फीस वसूली जाती है

बैठक में गगनदीप विग, मोहिंद्र सोनी, रवि गुलाटी व अन्य ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा बच्चों को घर बैठकर ऑनलाइन कक्षाएं दी जा रही हैं। लेकिन फीस स्कूल वाली ही वसूली जा रही है। एक ओर जहां ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को कुछ समझ नहीं आता, वहीं दूसरी ओर बच्चों की आंखें भी खराब हो रही हैं।

नर्सरी क्लासों के लिए दो से अढाई हजार रुपए फीस वसूली जाती है। बस चार्ज व डेवलेपमेंट चार्ज अलग से लिया जाता है। जब नर्सरी क्लासों की फीस इतनी ज्यादा है तो बड़ी क्लासों की फीस का अनुमान खुद लगाया जा सकता है।

खबरें और भी हैं...