रमेश मुनि:महापुरुषों के आदर्श जीवन के मार्गदर्शक होते हैं

घरौंडा3 दिन पहले
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एसएस जैन सभा के तत्वावधान में मुनि मायाराम परंपरा के सेवा धर्म के परम पुरूष सेवा, वरती भगत शिव चंद महाराज की 19वीं पुण्य स्मृति दिवस बड़ी ही श्रद्धापूर्वक मनाई गई। रमेश मुनि जी महाराज ने कहा कि महापुरुषों के गुणगान करने से व्यक्ति जीवन में गुणों का संचय कर लेता है। जिससे व्यक्ति अपने जीवन में आने वाली बुराइयों को रोक लेता है। जब व्यक्ति के जीवन में गुण आज जाते है तब उसके देखने का नजरिया बदल जाता है, वह बुराइयों में भी अच्छाई को ढूंढ लेता है। महापुरुषों के जीवन में रहने वाले गुणों को जब हम स्मरण करते है तो वह हमारे जीवन का मार्गदर्शक बन जाते है।

इस अवसर पर प्रवचन करते हुए भास्कर मुकेश मुनि महाराज ने कहा कि भगत श्री शिव चंद जी महाराज अपने समय के एक कठोर संयमी महापुरुष थे। उन्होंने अपने जीवन में लंबी तप आराधना संपन्न की थी, उनका जन्म चहल गोत्र जाट परिवार में बड़ौता गांव हरियाणा में हुआ था। माता पिता की इकलौती संतान होने पर भी 48 एकड़ जमीन व भरे पूरे परिवार को बड़ी सहजता से छोड़कर जैन मुनि दीक्षा अंगीकार कर साधना में लग गए थे।

इसके साथ ही संघ के अध्यक्ष रामफल जैन, मुकेश जैन, पवन जैन, मदन जैन, चौधरी मेहर सिंह जैन, लाला रामेश्वर दास व अन्य ने बताया कि धर्म सभा में तरूण तपस्वी मुदित मुनि महाराज, परम विदुषी रजत रश्मि महाराज आदि संत साध्वियों ने भी सभा को संबोधित करते हुए भगत श्री शिव चंद्र महाराज की कठोर संयम साधना के विषय में विस्तृत प्रकाश डालते हुए अनेक संस्मरण सुनाएं। धर्म सभा के पश्चात भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर जैन सभा के पूर्व प्रधान राजेंद्र जैन, पुरूषोतम जैन, सुरेंद्र जैन, लाला चतुर्भुज जैन, लाला लाजपत जैन, जयपाल राणा, धर्मपाल सचदेवा व अन्य मौजूद रहे।

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