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सियासी हलचल:विज ने एसीएस अरोड़ा को लिखा- किसी के कहने पर मेरी छवि बिगाड़ने के प्रयास हो रहे

राजधानी हरियाणा2 महीने पहले
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गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पत्र में कहा- कई मुद्दों पर मुझसे चर्चा ही नहीं होती। लगता है कि विभाग को मंत्री की जरूरत नहीं। पिछले कुछ समय से मेरे पत्रों का भी जवाब नहीं दिया जा रहा। - Dainik Bhaskar
गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पत्र में कहा- कई मुद्दों पर मुझसे चर्चा ही नहीं होती। लगता है कि विभाग को मंत्री की जरूरत नहीं। पिछले कुछ समय से मेरे पत्रों का भी जवाब नहीं दिया जा रहा।
  • मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच सरकार में फिर विवाद उभरे
  • तीसरी लहर के लिए टास्क फोर्स के गठन पर चर्चा नहीं की, पत्रों का भी जवाब नहीं दे रहे

प्रदेश में सियासी हलचल अचानक बढ़ गई है। दो दिन में सीएम मनोहर लाल के पीछे-पीछे तीन मंत्री दिल्ली जा चुके हैं। शनिवार को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी जाएंगे। अटकलें हैं कि प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही कई मंत्रियों के विभाग बदल सकते हैं। इन्हीं चर्चाओं के बीच, शुक्रवार को गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की अपने महकमे के एसीएस राजीव अरोड़ा के साथ तल्खी सामने आई।

विज ने एसीएस (होम एवं हेल्थ) अरोड़ा को पत्र भेजकर उनकी कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया। विज ने पत्र में लिखा- ऐसा लगता है कि किसी के कहने पर मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। दोनों ही विभागों में मेरी पोजिशन कम करने के लिए ऐसा हो रहा है। समझा जा रहा है कि विज का इशारा सरकार में ऊंचे ओहदे पर बैठे एक शख्स की ओर है। उन्होंने पत्र की कॉपी मुख्य सचिव विजय वर्धन को भी भेजी है।

विज का यह रुख ऐसे समय में सामने आया है, जब वह खुद भी हाईकमान से मिलने दिल्ली पहुंचे थे। वह गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा से मिले थे। सूत्रों के अनुसार विज ने उनके समक्ष भी बेलगाम अफसरशाही का मुद्दा उठाया। हालांकि, विज इसे रूटीन मुलाकात बता रहे हैं।

तीसरी लहर पर टास्क फोर्स से बढ़ी तल्खी
एसीएस अरोड़ा ने कुछ समय पहले कोरोना की तीसरी लहर को लेकर टास्क फोर्स गठित करने को कहा था। सूत्रों के अनुसार इसे लेकर विज के पास कोई सूचना नहीं थी। विज ने लिखा कि टास्क फोर्स का गठन अच्छा है। पर इस बारे में उनसे चर्चा करना भी उचित नहीं समझा। लगता है कि स्वास्थ्य विभाग को मंत्री की जरूरत नहीं है। आप मेरे पत्रों का जवाब देना सही नहीं समझ रहे हैं।

विज ने नोट में यह भी लिखा है कि एसीएस के कार्यालय में कई फाइलें लंबित पड़ी हैं। सूत्रों के अनुसार जब तक अरोड़ा के पास सिर्फ स्वास्थ्य विभाग था, तब तक विज उनसे संतुष्ट थे। गृह विभाग मिलने के बाद विज उनकी कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं। बताया गया कि स्पीकर ने पंचकूला के प्राइवेट अस्पतालों की ओवरचार्जिंग के मुद्दे पर विज को पत्र लिखा था। विज ने इसे एसीएस को मार्क कर भेजा था, लेकिन काफी समय तक यह उनके पास ही पड़ा रहा।

शुरू से गड़बड़ रहा सरकार में तालमेल

  • ट्रांसफर पर आपत्ति- आईपीएस के ट्रांसफर में भी गृह मंत्री से कोई चर्चा नहीं की जा रही थी। सरकार बनने के बाद 19 दिसंबर, 2019 को 9 आईपीएस के ट्रांसफर पर विज ने आपत्ति की।
  • सीआईडी रिपोर्टिंग- विज को गृह विभाग मिलने के बाद भी सीआईडी की रिपोर्टिंग उन्हें नहीं हो रही थी। सीआईडी सीधे सीएम को रिपोर्ट कर रही थी। विज ने इस पर आपत्ति की थी।
  • एसईटी जांच- पिछले साल शराब घोटाले की विज ने एसईटी जांच कराई। इसमें आबकारी व पुलिस महकमे जिम्मेदार पाए गए। इस मामले में दुष्यंत व विज में बयानबाजी हुई।
  • डीजीपी विवाद- गृह मंत्री ने फरवरी में डीजीपी के लिए आईपीएस अफसरों के नामों का पैनल बनाकर सीएम को भेजा। लेकिन, पैनल अभी मुख्यमंत्री के पास ही है।

सरगर्मी: सीएम के पीछे-पीछे तीन मंत्री भी पहुंचे दिल्ली
मुख्यमंत्री और उनके पीछे-पीछे तीन मंत्रियों के दिल्ली पहुंचने के बाद सियासी अटकलें शुरू हो गई हैं। सीएम के अलावा गृह मंत्री अनिल विज, कृषि मंत्री जेपी दलाल और बिजली मंत्री रणजीत चौटाला दिल्ली गए थे। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला शनिवार को दिल्ली जाएंगे। प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों में फेरबदल की अटकल है। सीएम ने इस संदर्भ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार के बीच किसान आंदोलन पर रणनीतिक चर्चा की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।

मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि कई मंत्रियों के विभाग बदल सकते हैं। एक-दो मंत्री भी बदले जा सकते हैं। इनमें एक मंत्री अहीरवाल इलाके का बताया जा रहा है। इसकी जगह अहीरवाल के एक विधायक को मंत्री बनाने की कवायद चल रही है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा अहीरवाल में राव इंद्रजीत सिंह से बात करके ही कोई निर्णय लेगी। दो नए मंत्री भी बनाए जाने हैं। इनमें एक जेजेपी व दूसरा भाजपा कोटे से बनना है।

गुप्ता की नियुक्ति पर केंद्र खफा
मानेसर भूमि घोटाले में आरोपी रिटायर्ड आईएएस अधिकारी टीसी गुप्ता को राइट टू सर्विस कमीशन का चेयरमैन नियुक्त करने का मामला भी भाजपा हाईकमान के पास पहुंचा है। सूत्रों के अनुसार हाईकमान ने इस नियुक्ति पर मुख्यमंत्री से गहरी नाराजगी जताई है। मानेसर भूमि घोटाले में सीबीआई की एफआईआर में गुप्ता का भी नाम है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा भी इस घोटाले में आरोपी हैं।

राज्यपाल से पहले ही मिल चुके हैं सीएम: सीएम दो दिन पहले राज्यपाल से मुलाकात कर चुके हैं और इसके ठीक अगले दिन वे नई दिल्ली पहुंचे। सूत्रों का कहना है कि इसी सप्ताह मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है। सरकार पहले ही कैबिनेट के सभी मंत्रियों की परफॉरमेंस रिपोर्ट बना चुकी है।

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