प्रबंधक के खिलाफ रोष:8 गांवों के गन्ने की खरीद की पर्ची बंद करने पर किसानों ने कांटा बंद किया

इंद्री3 दिन पहले
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इंद्री के पिकाडली शुगर मिल भादसों के तोल कांटे को बंद करवा कर मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। - Dainik Bhaskar
इंद्री के पिकाडली शुगर मिल भादसों के तोल कांटे को बंद करवा कर मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते किसान।
  • किसानों के सामने मिल में गन्ना डालने की परेशानी खड़ी हुई

पिकाडली शुगर मिल भादसों द्वारा क्षेत्र के गांव चौगावा, गढ़ी बीरबल व उसके आसपास के करीब 7-8 गांवों के गन्ने की खरीद की पर्ची बंद करने के कारण किसानों ने विरोध जताया। किसानों ने भाकियू के ब्लाक प्रधान मनजीत चौगांवा की अगुवाई में मिल के गन्ने के तोल के कांटे को बंद करवाकर मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर किसानों ने कहा कि मिल प्रशासन द्वारा चौगावा, गढ़ी बीरबल व उसके आसपास के कई गांवों की गन्ने की पर्चियां सात जनवरी से बंद कर दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक इस क्षेत्र के गांवों के गन्ना उत्पादक किसानों की पर्चियां नहीं काटी जाती, उस समय तक मिल का तोल कांटा नहीं चलने देंगे। भाकियू नेता मनजीत चौंगावा ने कहा कि मिल प्रबंधकों के पास पर्ची बंद करने का कोई संतोषजनक जवाब नहीं है। मिल प्रशासन ने उक्त क्षेत्र में गन्ने की रिकवरी कम बता कर गन्ने की पर्चियां देनी बंद कर दी है। जिस कारण किसानों के सामने मिल मे गन्ना डालने की परेशानी खड़ी हो गई है।

किसान बोले- गन्ने की खरीद नहीं करनी है तो लिखकर दें
किसानों ने कहा कि यदि मिल द्वारा गन्ने की खरीद ना करनी हो तो उन्हें लिखकर दें, ताकि किसान अपना गन्ना दूसरी मिल में डाल सके लेकिन मिल प्रबंधक इसके लिए भी तैयार नहीं हुए। जिसके बाद काफी संख्या में किसान मिल का कांटा बंद कर उसके ऊपर बैठ गए और मिल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मिल प्रशासन ने कई बार किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसानों का कहना है कि जब तक उक्त एरिया की गन्ने की पर्चियां देनी शुरू नहीं की जाती तब तक वे मिल में कांटे को बंद रखेंगे। समाचार लिखे जाने तक मिल मे गन्ने का तोल कांटा बंद रहा। इस मौके पर जगमाल सिंह, सुलेख, रणधीर, प्रदीप, रणबीर, अशोक, जयभगवान, सुखदेव व जयपाल सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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