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आमदनी:ब्याजमाफी के बचे 17 दिन, बकाया 330 में से निगम को मिले 3 करोड़

करनालएक महीने पहले
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सरकार की ओर से करंट ईयर के प्रॉपर्टी टैक्स पर 10 प्रतिशत की छूट और बकाया टैक्स राशि पर पूरी ब्याजमाफी दी गई है। इसके बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टर स्वेच्छा से अभी तक टैक्स चुकाने के प्रति गंभीर नहीं हैं। हाल देखिए कि अब तक 330 करोड़ रुपए में से मात्र 3 करोड़ 10 लाख रुपए ही प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया गया है, लेकिन नोड्यूज सर्टिफिकेट लेने के लिए लोगों ने मात्र डेढ़ माह सवा माह में ही 84 लाख रुपए जमा कर दिया है।

अर्थात अपनी फंसी में ही लोग नगर निगम के टैक्स और ड्यूज जमा कराने काे तैयार होते हैं। नगर निगम को शहर के लोगों को राज्य व केंद्र सरकार के संस्थानों से तकरीबन 330 करोड़ रुपए की बकाया प्रॉपर्टी टैक्स लेना है। लेकिन अधिकतर लोग और संस्थान बकाया टैक्स चुकाने की परवाह नहीं कर रहे हैं।

प्रॉपर्टी टैक्स न मिलने से नगर निगम के आर्थिक हालत लगातार पतले हो रहे हैं। निगम का वित्तीय कोष रिक्त हो चला है। बावजूद इसके प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टर अपना बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करा पा रहे हैं। निगम के अधिकारियों के अनुसार 10 प्रतिशत की छूट और पूरे ब्याजमाफी के बाद कुल टैक्स में तकरीबन 35 प्रतिशत ही टैक्स अदा करना बनता है, लेकिन फिर भी बकाया प्रॉपर्टी टैक्स दाता टैक्स जमा कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।

50 बड़े डिफाॅल्टरों की तैयार की जाएगी लिस्ट
निगम की ओर से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टरों में से 50 मोटी राशि वाले डिफाल्टरों की सूची तैयार की जाएगी। 31 अक्टूबर तक सरकार की ओर से ब्याजमाफी की छूट दी गई है। इसलिए इस तारीख तक नगर निगम सिर्फ टैक्स जमा कराने का इंतजार करेगा। लेकिन इसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सरकारी कार्यालयों से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की राशि मुख्यालय स्तर पर वसूली जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक ने सरकारी कार्यालयों की तरफ बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की डिटेल ली है।

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