हेली एम्बुलेंस की होगी सुविधा:मेडिकल कॉलेज में 226 बेड के अस्पताल को मंजूरी

करनाल2 महीने पहले
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करनाल. इस जमीन पर तैयार होगा अस्पताल। - Dainik Bhaskar
करनाल. इस जमीन पर तैयार होगा अस्पताल।
  • 50 बेड के ट्रामा सेंटर व आईसीयू की बिल्डिंग के ऊपर बनेंगे दो हेलीपैड
  • प्रदेश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा, लड़के और लड़कियों के लिए हॉस्टल भी बनेंगे

कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के फेज-2 को सीएम ने मंजूरी दे दी है। सितंबर के पहले सप्ताह में इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर अप्रूवल के लिए सीएम के पास फाइल भेजी थी। अक्टूबर माह में इसका टेंडर लगाया जाएगा और इस पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।

अस्पताल पर 326 करोड़ रुपए की लागत आएगी। ट्रामा सेंटर पर दो एयर एम्बुलेंस के लिए हेलीपेड भी बनाए जाएंगे। यह प्रदेश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा जिसमें हेली एम्बुलेंस की सुविधा होगी। हरियाणा पुलिस हाउसिंग काॅरपोरेशन की देखरेख में अस्पताल को तैयार किया जाएगा।

ट्रामा सेंटर सहित 226 बेड का अस्पताल होगा तैयार

कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में फिलहाल 524 के करीब बेड हैं। दूसरे फेज के अस्पताल का 226 बेड का होगा। 50 बेड का ट्रामा सेंटर और आईसीयू भी तैयार किया जाएगा। फेज-टू तैयार होने के बाद दोनों अस्पतालों में 750 बेड हो जाएंगे। इसके अलावा टीचिंग अस्पताल, क्लब हाऊस एंव कम्युनिटी फेसलिटिज, एनिमल हाउस- 10 रूम, स्पोटर्स काॅम्प्लेक्स, मार्केट, वर्कशॉप एंड बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट, लड़के और लड़कियों के लिए हॉस्टल, डाॅक्टरों के लिए रहने के लिए क्वार्ट्स तैयार किए जाएंगे।

प्रोजेक्टों का एरिया घटाकर 92 करोड़ रुपए कम किया बजट

पहले 418 करोड़ रुपए खर्च होने थे, अब दोबारा बजट घटाकर 326 करोड़ रुपए किया है, दूसरे फेज के अस्पताल का पहले बजट 418 करोड़ रुपए तैयार किया था, स्वास्थ्य विभाग ने बजट घटाने के लिए निर्देश दिए थे। अब इसका 92 करोड़ रुपए का बजट घटा दिया है। मल्टीलेयर पार्किंग का 24.93 करोड़ का बजट कम किया है।

लड़के और लड़कियों का हाॅस्टल पहले 852 स्क्वेयर फीट में बनना था, अब 675 स्कवेयर फीट में तैयार होगा। इसका आठ करोड़ रुपए का बजट घट गया है, इसी तरह टाइप आठ का एरिया घटाया है,इसमें भी आठ करोड़ रुपए का बजट कम हुआ है, टाइप सात में 24 करोड़, जरनैली कोठी टाइप चार में 13 करोड़ नौ लाख, बेसमेंट पार्किंग का एरिया आठ हजार स्कवेयर फीट से घटाकर 4000 स्कवेयर फीट कर दिया है, इसका भी 12 करोड़ रुपए का बजट घट गया है। लेक्चर हाल का एक करोड़ रुपए का बजट घट गया है, इसी तरह 92 करोड़ रुपए का बजट कम किया है।

पहले मिट्टी का ढेर उठाया जाएगा, इसके बाद शुरू होगा निर्माण

जहां पर फेज-टू अस्पताल बनना है, यहां पर मिटटी का बड़ा ढेर पड़ा है, जिस भी कंपनी को अस्पताल बनाने का टेंडर दिया जाएगा, वह कंपनी पहले इस मिटटी के ढेर को उठवाएगी, इसके बाद यहां पर अस्पताल का निर्माण शुरू होगा। मेडिकल कॉलेज में जो कैंटीन बनाई है, इसे तोड़ा जाएगा, यह फेज-टू वाली लोकेशन में आती है। मेडिकल कॉलेज की चार दीवारी का भी पिछले छह माह से काम चला हुआ था, चार दीवारी का काम लगभग पूरा हो चुका है।

छत पर बनेंगे दो हैलीपेड

प्रदेश का यह पहला मेडिकल कॉलेज होगा, जहां पर हेली एम्बुलेंस के लिए हेलीपैड बनाए जाएंगे। इसके बन जाने से सड़क हादसों या फिर किसी अन्य तरह के गंभीर मरीजों को बाहर से यहां पर एयर एम्बुलेंस के माध्यम से लाया जा सकेगा और यहां से बाहर भी भेजा जा सकेगा।

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