करनाल में वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज:तीनों प्रकार की वैक्सीन देने के लिए जिलेभर में बनाए गए कैंप, अब तक 20.61 लाख हो चुके हैं वैक्सीनेटिड

करनाल6 महीने पहले
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हरियाणा के करनाल जिले में आज से 3 तरह की कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। 15 से 18 आयुवर्ग के लिए 82 शिविर, 18+ आयुवर्ग के लिए 95 शिविर और बूस्टर डोज के लिए 10 कैंपों के अलावा सभी सीएचसी व पीएचसी पर व्यवस्था की गई है। सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आज से हेल्थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को बूस्टर डोज दी जाएगी। जिले में 12401 हेल्थकेयर वर्कर्स, 13323 फ्रंटलाईन वर्कर्स और 1.90 लाख के करीब 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोग हैं। जिन्हें दूसरी डोज लगे 9 महीने हो गए हों या फिर 39 हफ्ते पूरे हो गए हों, वही इस डोज के पात्र होंगें। आईडी, पहली दो डोज में पंजीकृत फोन ले जाकर कोविड-19 की बूस्टर डोज लगवा सकते हैं।

इसके अलावा बूस्टर डोज के लिए नए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं। लेकिन इसके लिए अपॉइंटमेंट जरूर लेना होगा। साथ ही बीमारी डॉक्टर से लिखवाकर लानी होगी। वहीं जिन्होंने बूस्टर डोज लगवानी है, वे सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर भी अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। गंभीर बीमारियों में मधुमेह, हृदय रोग, लिवर, किडनी और कैंसर आती हैं। इनसे पीड़ित बुजुर्गों को ही बूस्टर डोज लगाई जाएगी। जिसने पहले जो वैक्सीन लगवाई है, उसे उसकी ही बूस्टर डोज लगेगी। कोविशील्ड लगवाने पर कोविशील्ड और को-वैक्सीन लगवाने वाले को को-वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जाएगी।

यहां पर लगेंगी बूस्टर डोज

कोविड-19 की बूस्टर डोज पीएचसी, सीएचसी, सिविल अस्पताल, कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज अस्पताल, पार्क अस्पताल, अमृतधारा अस्पताल, सिटी डिस्पेंसरी, इंदिरा काॅलोनी, बसंत विहार और सेवाश्री आश्रम में शिविर लगाया है।

18+ के लिए यहां पर शिविर

सिविल अस्पताल, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज, निर्मल कुटिया, प्रताप पब्लिक स्कूल सेक्टर 13, गुरु नानक गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जिला सचिवालय, पार्क अस्पताल, प्रताप पब्लिक स्कूल सेक्टर 6, यूपीएचसी सिटी डिस्पेंसरी, सेवा श्री आश्रम वाल्मीकि बस्ती अर्जुन गेट, विश्वकर्मा मंदिर शिव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, एचपीए मधुबन, गली नंगर 12 शिव मंदिर, अमृतधारा अस्पताल जगह पर शहर में डोज लगेगी।

15 से 18 आयुवर्ग के लिए शिविर

राजकीय हाई स्कूल चोपुरा, जनता सीनियर सेकेंडरी स्कूल गीड, गीता हाई स्कूल गीड, ग्रीनलैंड स्कूल दरार, डीएवी स्कूल पुलिस लाइन, जीडी स्कूल काछवा, सीएस इंटरनेशनल स्कूल काछवा, काछवा पीएचसी, सम्राट स्कूल नगला मेघा, गांव रावर, पीएचसी मधुबन, गांव ढाकवाला गुजरान, गांव खेडा, निशान पब्लिक स्कूल दनियालपुरा रोड, पारस स्कूल कुंजपुरा, प्रताप स्कूल कुंजपुरा, सीएचसी कुंजपुरा, बादसो पीएचसी, लबकरी, नंदीखालसा, धनोरी जांगीर, गढ़ी बीरबल, समोरा, यमुना पब्लिक स्कूल कलसोरा, बियाना पीएचसी,ग गांव उमरपुर, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल इंद्री, सीएचसी इंद्री, गांव कुरलन, गांव दुपेड़ी, सालवन, गोली गांव, सिंगरा गांव, अमुपूर गांव, निसिंग सीएचसी, एसडीएच नीलोखेड़ी, निगदू सीएची, जमालपुर गांव, चोरा पीएचसी, गांव रायपुर जाटान, स्टोंडी गांव, बिजना गांव, मुनक गांव, आर्य पब्लिक स्कूल गंगटेडी, दिव्य कुलम स्कूल गंगटेडी, गांव अरडाना, गांव पंगाला, उपलाना पीएचसी में व्यवस्था है।

कोरोना का खतरा अभी बरकरार

सिविल सर्जन डाॅ. योगेश शर्मा ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी टला नही है। इसका एक नया वैरिएंट ओमिक्रॉन है। इसकी वजह से पूरे विश्व में लगातार केस बढ़ रहे है। हमारे भारत में भी एक दिन में डेढ़ लाख केस आ चुके हैं। इसका कोई इलाज नहीं है। वैक्सिनेशन और कोविड नियमों की पालना करके ही इससे बचाव किया जा सकता है। कोविड 19 का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन उन लोगों में ज्यादा संक्रमित कर रहा है, जिन्होंने कोविड 19 का टीकाकरण नही करवाया है। सभी से अनुरोध है कि कोविड 19 का टीकाकरण करवाएं। कोविड 19 से बचाव में अहम भूमिका निभाएं।

वेक्सीनेशन से मौत ना के बराबर

डॉ. गजे सिंह ने बताया कि आज बूस्टर डोज लगवाई है। ओमिक्रॉन होने की संभावना बने हुए है। इसके बचाव के लिए बूस्टर डोज लगाई जा रही है। कोरोना को हराने के लिए डोज लगवानी जरूरी है। पहले तेजी से फैलाव था। मौत भी ज्यादा हो रही है। अब देखने में आया है कि मौत बहुत कम हो रही हैं।

डॉ. प्रदीप भाटिया ने बताया कि हमारे बचाव के लिए तीसरी डोज जरूरी है। ये हमारे साथ-साथ समाज और देश के लिए भी जरूरी है। सबके बचाव के लिए डयूटी समझकर इसको लगवाने में आगे आएं। मेरी अपील है कि जिन लोगों ने डोज लगवाई है उनका बचाव है। दूसरों को भी आगे आना चाहिए।

एंटी बॉडिज होगी गियरअप

बुजुर्ग नूतन ने बताया कि बूस्टर डोज जरूरी लगवानी चाहिए। इससे हमारी एंटी बॉडिज गियरअप होगी, तेज हो जाएगी। हमारी शरीर के लिए जरूरी है। मैं साइंटिस्ट हूं। हमारी शरीर की तासिर के हिसाब से 9 महीने पहले लगी डोज का प्रभाव कम हो जाएगा। मेरी अपील है कि इस मामले में बढ़चढ़ हिस्सा लें।

डोज लगा रहे आशीश ने बताया कि बूस्टर शुरू हो गई है। इनमें फ्रंट लाइन वर्कर, 60 प्लस, हेल्थ वर्कर को शामिल किया है। जो डोज पहले मिली थी। उनको वहीं डोज लगेगी। इसको लेकर बुजुर्गों में जोश है। युवाओं से ज्यादा बुजुर्ग बूस्टर डोज लगवाने वाले ज्यादा मिले।

एंबेसी में है तो आज ही लगवा ली बूस्टर डोज

बुजुर्ग सुभाष नारंग ने बताया कि बूस्टर डोज लगवाना बहुत जरूरी था। मेरे अमेरिका एंबेसी में इंटरव्यू है। सभी लोगों को मेरी राय है कोरोना के टीकों को जल्दी से जल्दी लगवाएं। जिन लोगों ने डोज नहीं उनके कारण ही ये फैल रहा है।

डॉ. प्रियंका भाटिया ने बताया कि मैं एक डॉक्टर हूं। हमारे देश के प्रत्येक नागरिक को वेक्सीन लगवानी चाहिए। अगर हम चाहते हैं कि हमारी कंटरी स्वस्थ रहे। इसको देखते हुए ये जरूरी है।