नवंबर माह में निकाली जाएगी ई-ऑक्सन:सेक्टरों में एचएसवीपी के 3000 प्लॉट खाली, इनमें 500 कमर्शियल और 50 प्लॉट इंडस्ट्रियल साइट

करनालएक महीने पहले
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  • सेक्टरों में प्लॉट खरीदने के लिए बढ़ा लोगों का रुझान

सेक्टरों में खाली पड़े प्लाॅटों को ई-ऑक्सन से बेचने में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। नवरात्रों के दिनाें में हुई ई-आॅक्सन के बाद अब एचएसवीपी नवंबर माह में प्लाटों की ई-ऑक्सन निकालेेगा। खास बात यह है कि अब रेजिडेंशियल प्लाॅटों के साथ कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्लाॅटों की ई ऑक्सन भी निकाली जाएगी।

सेक्टरों में तकरीबन 3000 प्लाट खाली पड़े हुए हैं। इनमें लगभग 500 प्लॉट कमर्शियल और 50 प्लाट इंडस्ट्रियल के शामिल हैं। ये सभी प्लॉट हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की अपनी प्रॉपर्टी है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण प्रदेशभर में ई ऑक्सन के जरिए अपने प्लाटों को बेचने में कामयाब रहता है तो आने वाले दिनों में एचएसवीपी को विकास कार्यों के लिए बजट की किल्लत नहीं रहेगी। ऐसा होने पर सेक्टरों के वासियों को मूलभूत सुविधाएं मिलने में देरी नहीं होगी। क्योंकि फिलहाल में एचएसवीपी के पास बजट की कमी के चलते सेक्टरों में सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं को समय से उपलब्ध कराने में भी देरी हो रही है।

प्रत्येक सेक्टर में खाली पड़े हैं प्लाॅट

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के करनाल के प्रत्येक सेक्टर में प्लाट खाली बचे हुए हैं। इन सभी की संख्या देखी जाए तो 3000 के लगभग बनती है। सबसे ज्यादा प्लाट सेक्टर-33 और 32 में है। इसके अलावा सेक्टर-7,8,9,4 व 5 व कस्बों के सेक्टरों में प्लाट खाली पड़े हुए हैं।

ई-ऑक्सन का मिलने लगा रिस्पांस, हर माह ऑक्सन

​​​​​​​हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को अब ई ऑक्सन का रिस्पांस मिलने लगा है। क्योंकि इसके लिए प्राधिकरण ने एक विशेष कार्यक्षेत्र तय किया है। जिला स्तर पर इस बात का पता नहीं होता कि आने वाले महीने में कौन से सेक्टर में और कौन से प्लाटों को ई ऑक्सन में शामिल जाएगा है। इसके अलावा एस्टेट ऑफिसर के पास भी तुरंत यह सूचना नहीं होती कि कितने प्लाट ई ऑक्सन से बिके हैं। क्योंकि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मुख्यालय स्तर पर एक विशेष सैल बनाया है।

सेक्टर के बाशिंदे भी चाहते हैं खाली प्लॉट न रहे

सेक्टरों में खाली पड़े प्लाॅटों की बिक्री सेक्टर के बाशिंदे भी चाहते हैं। क्योंकि खाली पड़े प्लाटों में जंगली घास पैदा हो जाता है और सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवन पैदा हो जाता है। अगर इन प्लाटों को लोग खरीदेंगे तो वे अपने घर भी बनाएंगे। सेक्टर-7 वासी सतीश शर्मा, सेक्टर-13 वासी एसडी अरोड़ा ने कहा कि खाली प्लाटों से पास के मकान वाले लोगों को दिक्कतें आती हैं। अधिक बारिश होने पर पानी भर जाता है। इसके अलावा जहरीले जीवों का खतरा रहता है।

वर्जन सेक्टरों में ई-ऑक्सन से प्लाट बेचने का एचएसवीपी को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। अपने यहां सेक्टरों में तकरीबन 3 हजार प्लाट खाली बचे हैं। मुख्यालय के शेड्यूल के अनुसार इनकी ई ऑक्सन की जाएगी। नवंबर माह में भी प्लाटों की ई ऑक्सन की जाएगी। मयंक भारद्वाज, एस्टेट ऑफिसर एचएसवीपी करनाल।

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