लॉकडाउन:495 प्रवासी मजदूरों को बुलंदशहर, सहारनपुर, मथुरा व अन्य स्थानों पर 17 बसों से किया रवाना

करनाल3 वर्ष पहले
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  • सरकार की तरफ से 48 प्रवासी मजदूरों को मंजूरी मिलने के बाद भेजा जाएगा घर

जिले में 803 प्रवासी मजदूर ठहरे हुए हैं। 260 प्रवासी मजदूरों को शनिवार को उनके घर भेजा जा चुका है और रविवार को 495 प्रवासी मजदूरों को 17 बसों की व्यवस्था करते हुए घर भेजा गया। ये 17 बसें करनाल से बुलंदशहर, मथुरा, सहारनपुर, बागपत और शामली रूटों पर आने वाले विभिन्न जिलों के प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाएंगी। शेष 48 प्रवासी मजदूरों को भी सरकार से मंजूरी मिलने के बाद उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया जाएगा। प्रवासी मजदूरों को बसों में वापस भेजने में सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा गया है और रोडवेज कर्मचारियों को भी सुरक्षा के लिए मास्क व सेनिटाइजर उपलब्ध करवाते हुए एहतियात बरतने के लिए कहा गया है।

डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि प्रवासी मजदूरों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था में सहयोग के लिए सत्संग भवन के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। सेवा भाव का यह निश्चय ही उत्कृष्ट उदाहरण है। सेवा के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार द्वारा दी गई हिदायतों का सेवादारों ने बेहतर तरीके से पालन करना और करवाना सुनिश्चित किया है।  803 प्रवासी मजदूरों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित राधा-स्वामी सत्संग भवन करनाल, नीलोखेड़ी, घरौंडा, इंद्री, कैथल रोड करनाल और सेक्टर 32-33 के सत्संग भवन में व्यवस्था की गई थी। प्रवासी मजदूरों को प्रसाद के रूप में पौष्टिक व संतुलित भोजन उपलब्ध करवाने के लिए लगभग 500 सेवादार दिन-रात सेवा कर रहे थे। सुबह, दोपहर और शाम के समय पर भोजन देने के साथ-साथ चाय और बच्चों के लिए दूध उपलब्ध करवाकर सेवादारों ने मानवता की सच्ची सेवा का काम किया है। यहां तक कि भोजन बनाने में कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरी एहतियात बरती गई और सेनिटाइजेशन का काम भी बराबर किया जाता रहा। सत्संग भवन में स्वच्छता के कार्य को देखकर प्रवासी मजदूरों को भी जीवन में स्वच्छता अपनाने की प्रेरणा मिली। 

‘लॉकडाउन के दौरान व्यतीत किए दिनों को भुला नहीं पाएंगे’
लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के लिए राधा-स्वामी सत्संग भवन से जिला प्रशासन द्वारा मजदूरों को उनके गंतव्य स्थान की ओर रवाना किया गया। प्रवासी मजदूरों ने कहा कि हम लॉकडाउन के दौरान व्यतीत किए ये दिन कभी भूला नहीं पाएंगे। सेवा करने की जो सीख हमें इन दिनों में यहां से मिली है, इससे प्रेरणा लेकर शायद हम भी किसी के काम आएंगे, इसी सोच के साथ यहां से जा रहे हैं। वीडियो फिल्मों के माध्यम से हमें सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी जागरूक होने की शिक्षा मिली है। पान, बीड़ी, गुटका तथा शराब इत्यादि का त्याग तो हमने ऐसे किया है, मानो कभी इनका सेवन किया ही ना किया हो।

अनुयायियों ने कहा कि आप सबकी वजह से ही हमें सेवा का यह अवसर मिला है। हमें खुशी है कि राधा-स्वामी सत्संग ब्यास से पूज्य बाबा जी के मार्गदर्शन में हमें यह प्रेरणा मिली है कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी है। मुसीबत में फसे हर जीव की सेवा हमारा परम कर्तव्य बनाता है। इस मौके पर तहसीलदार करनाल राजबख्श, जीएम रोडवेज अजय गर्ग, डीएसपी वीरेंद्र सैनी ने सत्संग भवन में उपस्थित सभी अनुयायियों का बेहतर व्यवस्था के लिए धन्यवाद किया।

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