आधुनिक प्रणाली:एयरोपोनिक्स तकनीक से किसान हवा में उगा सकते हैं सब्जियां

गढ़ी बीरबल6 महीने पहलेलेखक: राकेश कुमार
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प्रणाली में हवा में लटकती आलू की जड़ों में मिनीटुबर। - Dainik Bhaskar
प्रणाली में हवा में लटकती आलू की जड़ों में मिनीटुबर।
  • आलू के विषाणु मुक्त बीज के लिए हरियाणा, पंजाब में व्यावसायिक प्रयोग शुरू किया

हरियाणा, पंजाब के किसानों ने आलू के विषाणु मुक्त बीज के लिए आधुनिक एयरोपोनिक्स प्रणाली का इस्तेमाल करना शुरू किया है। इस प्रणाली का प्रयोग अन्य सब्जियां उगाने के लिए भी किया जा सकता है। इसके बारे में डॉ. विजय कुमार अरोड़ा व डॉ. प्रमोद मेहता कंसल्टेंट फैकेल्टी महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी करनाल ने बताया कि यह ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बिना मिट्टी व संचय माध्यम से हवा या नमी युक्त वातावरण में पौधे उगाये जाते हैं।

इस प्रक्रिया में पौधों की हवा में लटकती जड़ें अधेरे बक्से में बढ़ती है। जड़ों को पोषक तत्व कुहासा के रूप में मिलते हैं। एयरोपोनिक्स में ऑक्सीजन की उपलब्धता से अनुकूल जड़ चेतना मिलती है। जिससे कि अधिक उपज प्राप्त होती है। इस प्रणाली में पानी बहुत कम मात्रा में प्रयोग होता है और पोषक तत्वों का सर्कुलेशन से उचित नियंत्रण व पीएच भी पौधों की वृद्धि के लिए नियंत्रित रखा जा सकता है।

पौधों की जड़े पोषक तत्व प्राप्त कर वृद्धि करती हैं

इस प्रणाली में पौधों की जड़ों को पोषक तत्व एक दम उचित मात्रा में टाईम कंट्रोल्ड स्प्रे सिस्टम के माध्यम से दिए जाते हैं। इस प्रकार पौधों की जड़े पोषक तत्व प्राप्त कर वृद्धि करती हैं। घुलनशील पोषक तत्वों को टैंक में स्टोर करके प्रेशर से पौधों की जड़ों को दिया जाता है। एवं अतिरिक्त घुलनशील पोषक तत्वों को दोबारा से भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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कम जगह में अधिक उत्पादन कर सकते हैं

कम जगह प्रयोग कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। पौधों को कम दूरी पर लगाना संभव है व अधिक उत्पादन पा सकते हैं। एयरोपोनिक्स सिस्टम पर्यावरण को शुद्ध रखने में सहायक है। क्योंकि हम जल व उर्वरकों का प्रयोग उचित मात्रा में सही ढंग से करते हैं इससे जल प्रदूषण एवं हानिकारक रसायनों व कीटनाशकों के प्रयोग से बचा जा सकता है जिससे वन्यजीवों एवं मानव स्वास्थ्य के लिए यह बहुत फायदेमंद साबित होता है।

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