संयुक्त मोर्चा का दावा- हमारा भारत बंद सफल:हरियाणा-पंजाब-चंडीगढ़ में व्यापक असर, NH और रेल ट्रैक बंद होने से 70 से ज्यादा ट्रेनें रहीं प्रभावित, बस यातायात भी रहा ठप

पंजाब/हरियाणा/चंडीगढ़2 महीने पहले

नए कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक भारत बंद का आह्वान किया। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने दावा किया है कि उनका भारत बंद सफल रहा। बंद का असर पजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में व्यापक स्तर पर दिखा। सिर्फ मेडिकल समेत एमरजेंसी सेवाएं ही चालू रहीं। तीनों जगह सभी स्टेट और नेशनल हाईवे बंद रहने से बसें और अन्य सार्वजनिक यातायात सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। पंजाब और हरियाणा में 70 से ज्यादा ट्रेनें या तो रोक दी गई हैं या रद्द कर दी गईं। वहीं बाजार बंद होने से शहरों में भी ज्यादा चहल-पहल नहीं दिखी। स्कूलों में भी बच्चों को छुट्‌टी कर दी गई। हालांकि हिमाचल में बंद बेअसर रहा।

भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि भारत बंद पूरी तरह सफल रहा और इसके लिए सभी जगह किसानों का पूरा समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान जरूरतमंद लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाना हमारी प्राथमिकता रही। उन्होंने कहा कि किसान सरकार से बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कोई बात हो नहीं रही है। गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल करीब 40 किसान संगठन ने नए कृषि कानूनों को राष्ट्रपति के मंजूरी देने के एक साल पूरा होने पर 27 सितंबर को भारत बंद की कॉल की है। इस दौरान कांग्रेस, आम आदमी पार्टी समेत मुख्य विपक्षी दलों ने किसानों के बंद को समर्थन का ऐलान किया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फिजिकल सुनवाई पर रोक लगा रखी है।

हरियाणा में व्यापक असर
किसानों ने हिसार, हांसी, फतेहाबाद, भिवानी और सिरसा जिलों में सुबह ही सड़कें और ट्रैक बंद कर दिए। किसानों ने 213 जगहों पर सड़क जाम और 8 पॉइंट पर ट्रैक रोकने का अल्टीमेटम प्रशासन को दिया था। वहीं रोहतक में 7 NH को किसानों ने 10 जगह जाम किया। पानीपत जिले में 4 जगहों पर किसान इकट्‌ठे हुए। वहीं दिल्ली-रेवाड़ी-जयपुर हाईवे बंद किया गया। जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर धरनारत किसानों ने सर्विस लेन को भी बंद कर दिया।

करनाल में विवादित झंडे और तस्वीरें लेकर बाजार बंद करवाते युवक।
करनाल में विवादित झंडे और तस्वीरें लेकर बाजार बंद करवाते युवक।

करनाल : विवादित झंडे, फोटो और लाठी-डंडे लेकर बाजार में आए युवक
करनाल में बंद के दौरान कुछ युवक लाठी-डंडे लेकर बाजार और दुकानों को बंद करवाने के लिए सड़कों पर उतर आए। उन्होंने अपने हाथ में भिंडरावाला के फोटो और झंडे उठा रखे थे। दुकानें बंद करवाए जाने से दुकानदारों ने गुस्सा जताया, हालांकि तोड़फोड़ की आंशका के मद्देनजर उन्होंने दुकानें बंद कर दीं। स्टेट हाईवे समेत जिले में 13 जगह जाम लगा। एसपी करनाल गंगाराम पुनिया ने बताया कि जहां जाम लगाया वहां से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। पुलिस भी बाजारों में रही ताकि कोई व्यक्ति दुकानदारों पर जबरन दबाव न बनाए। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में वीडियोग्राफी करवाई गई।

पलवल में किसानों ने धरनास्थल के पास NH-19 को बंद रखा।
पलवल में किसानों ने धरनास्थल के पास NH-19 को बंद रखा।

पलवल में NH-19 और पानीपत-हरिद्वार रोड पर जाम
पलवल में किसानों ने NH 19 को किसान धरना स्थल के पास पूरी तरह जाम कर दिया। जाम के कारण हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर भारी पुलिस बल भी मौजूद है। वहीं पानीपत में उग्राखेड़ी, सनौली रोड को किसान संगठनों ने ब्लॉक कर दिया। रोड 2 राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश को जोड़ता है। किसानों ने ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी कर रोड को पूरी तरह बंद कर दिया। सिर्फ जरूरी सेवाएं जैसे एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी को ही जाने की छूट दीI रामनिवास मलिक ने कहा कि तीन काले कानूनों से किसान आहत हैं और इसलिए सड़कों पर उतरे।

जींद मंडी में सब्जियों का खरीदार न मिलने से पड़ा स्टॉक।
जींद मंडी में सब्जियों का खरीदार न मिलने से पड़ा स्टॉक।

मंडी में नहीं मिले सब्जी के खरीदार
मंडियों में भी बंद का व्यापक असर रहा। इस दौरान रूटीन में आने वाले खरीदार ट्रैफिक बंद होने के कारण मंडियों में नहीं पहुंच पाए। इसका सब्जियों के दाम पर भी असर देखने को मिला। कई सब्जियों के दाम आम दिनों के मुकाबले आधे तक पहुंच गए। खरीदार न मिलने से मंडी में ही स्टॉक पड़ा रह गया।

विकट्री टनल के पास शिमला में धरना देते सीटू कार्यकर्ता व छात्र संगठन।
विकट्री टनल के पास शिमला में धरना देते सीटू कार्यकर्ता व छात्र संगठन।

हिमाचल में बंद बेअसर, विक्ट्री टनल के पास धरना
हिमाचल प्रदेश में किसानों के भारत बंद का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला। सभी जिलों में बाजार खुले रहे। दुकानदार सुबह से ही दुकानों को खोल कर ग्राहकों का इंतजार करते दिखे। शिमला में किसान आंदोलन और भारत बंद के समर्थन में विक्ट्री टनल पर सीटू ने कुछ देर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को कुछ छात्र संगठनों ने भी समर्थन दिया। इससे सड़क पर जाम लग गया।

हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से पंजाब को जाने वाली सभी बसों को रोक दिया गया। पंजाब के लिए हिमाचल से कोई भी बस नहीं गई। लोगों की सहूलियतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। हिमाचल से जो बस वाया ऊना, होशियारपुर होकर कांगड़ा पहुंचती थी, उन बसों के रूट भी डायवर्ट कर दिए गए। एचआरटीसी जीएम पंकज सिंघल ने बताया कि पंजाब में हाईवे बंद होने के कारण बसें परवाणू में ही रोकनी पड़ी। सुबह एचआरटीसी ने दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा व अन्य जगहों के लिए करीब 130 बसें भेजी पर सभी को राज्य की सीमा से से ही वापस बुलाना पड़ा। जम्मू के लिए जाने वाली एचआरटीसी की बस सेवा पहले की तरह सुचारू रही।

सुबह होते ही ट्राईसिटी की सीमाएं सील
वहीं चंडीगढ़-पंचकूला-मोहाली की सीमाओं को बंद के मद्देनजर सुबह से ही सील कर दिया गया। हालांकि लोगों की परेशानी के मद्देनजर कई जगह पर ट्रैफिक डायवर्जन भी किया गया। साथ ही मॉल्स, शहर की मुख्य जगहों के साथ अन्य व्यापारिक संस्थानों पर बी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए।

हिसार में रेल ट्रैक पर दरी बिछाकर विरोध प्रदर्शन करते किसान।
हिसार में रेल ट्रैक पर दरी बिछाकर विरोध प्रदर्शन करते किसान।

ट्रेनों की आवाजाही पर भी पड़ा असर
हरियाणा और पंजाब से गुजरने वाली ट्रेनों पर भी बंद का व्यापक असर दिखा। पंजाब में रेलवे ने 27 ट्रेनें रद्द कर दीं। इनमें 13 प्रदेश से बाहर और 14 भीतर चलने वाली हैं। वहीं कालका-न्यू दिल्ली शताब्दी स्पेशल समेत 8 ट्रेनें शार्ट टर्मिनेट की गईं। वहीं हरियाणा के कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर मालवा एक्सप्रेस और दादर एक्सप्रेस कुछ टाइम पहले आकर खड़ी हुई। दोनों ट्रेन यहीं खड़ी रहेंगी। मालवा एक्सप्रेस वैष्णो देवी, कटरा जा रही थी और दादर एक्सप्रेस अमृतसर। करनाल में स्वराज एक्सप्रेस को रोका गया, इस ट्रेन के यात्रियों के लिए गुरुद्वारा डेरा कार सेवा ने लंगर लगाया।

करनाल में रेल यात्रियों के लिए डेरा कार सेवा ने लंगर लगाया।
करनाल में रेल यात्रियों के लिए डेरा कार सेवा ने लंगर लगाया।

पंजाब में बंद से बढ़ी परेशानी
पंजाब में बंद के मद्देजनर किसानों ने हाईवे और रेल ट्रैक पर डेरा जमाया। जाम से दिल्ली-अमृतसर-पठानकोट हाईवे बंद रहा। जालंधर में ही 2000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी व्यवस्था संभालने के लिए लगाए गए। लुधियाना में किसान लाडोवाल टोल प्लाजा, एमबीडी मॉल, भारत नगर चौक और जगराओं पुल समेत 18 जगह बंद कर बैठे। व्यापारियों ने भी किसानों को समर्थन देते हुए पूरे बाजार बंद करवा दिए।

मोगा में किसानों को सुबह धरने से रोका
मोगा के गांव डगरू में रेलवे लाइन पर सोमवार सुबह 6:00 बजे किसानों की ने रेल ट्रैक पर धरना देने की कोशिश की। थाना सदर एसएचओ कश्मीर सिंह ने पुलिस टीम के साथ किसानों को समझाया और 7:00 बजे के बाद ट्रैक पर धरना देने के लिए मनाया। इसके बाद किसान ट्रैक से हट गए और सुबह 7:00 बजे दोबारा रेलवे ट्रैक पर धरना देने बैठे।

भारत बंद के दौरान सोनीपत में रेल ट्रैक पर दरी बिछाकर बैठे किसान।
भारत बंद के दौरान सोनीपत में रेल ट्रैक पर दरी बिछाकर बैठे किसान।

किसान आंदोलन करें पर शांति बनाए रखें : मनोहर
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि लोकतंत्र है। किसान आंदोलन करें, लेकिन मेरी अपील है कि वे शांतिपूर्वक करें। किसी को जबरदस्ती बंद करने के लिए न कहें। लोकतंत्र में सभी को अपनी व्यवस्था के तहत काम करने का अधिकार है। प्रदेश में सुरक्षा चाक चौबंद है। पूरी व्यवस्था बनी रहेगी।

सभी वर्गों के लोग भारत बंद में सहयोग करें : चढूनी
भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी का कहना है कि वे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड व आपात गाड़ियों को नहीं रोकेंगे। सीएम मनोहर लाल ने भी शांति बनाए रखने की अपील करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के आदेश दिए। इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कहने पर भारत बंद 25 की बजाय 27 का किया गया। चढूनी ने सभी वर्गों से निवेदन किया कि अपने-अपने संस्थान बंद रखें। चाहे आढ़ती हैं, व्यापारी हैं, ट्रांसपोर्ट हैं, सामान बेचने वाले हैं या फिर कर्मचारी हैं।

अमृतसर में ट्रैक पर ही टेंट लगाकर धरने पर बैठे किसान।
अमृतसर में ट्रैक पर ही टेंट लगाकर धरने पर बैठे किसान।

किसान कुश्ती-कबड्‌डी खेलने वाले, धूल चटा देंगे
चढूनी ने कहा कि जिन किसानों पर मुकदमे दर्ज हैं, उन्हें पुलिस ने समन भेजने शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने कोर्ट के माध्यम से बुलाना शुरू कर दिया है। हम किसी भी किसान भाई को गिरफ्तार नहीं होने देंगे। हरियाणा के किसान बहादुर हैं। अब आगे किसान लट्ठ नहीं खाएगा। यदि इस बार किसानों के साथ ज्यादती हुई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास का घेराव करेंगे। यदि सरकार ने किसानों की मांगें जल्द नहीं मानीं तो प्रधानमंत्री की कोठी के आगे टेंट लगाएंगे। सरकार किसानों को कमजोर समझने का वहम निकाल दें। किसान कुश्ती और कबड्‌डी वाले लोग हैं, धूल चटा कर ही दम लेंगे।

चौटाला ने किसानों का आभार व्यक्त किया
इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि पहले किसानों ने भारत बंद के लिए 25 सितंबर का दिन तय किया था। इसकी जानकारी मिलने पर किसानों से बात की और उन्हें इसे 25 की बजाय 27 को बुलाने को कहा। ताऊ देवीलाल जयंती का कार्यक्रम प्रभावित नहीं हुआ, इसीलिए वे पार्टी की तरफ से किसानों का आभार व्यक्त करते हैं।

रेवाड़ी में जाम के दौरान चेकिंग करते पुलिस टीम।
रेवाड़ी में जाम के दौरान चेकिंग करते पुलिस टीम।
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