भाजपा 2 दिग्गजों के विकल्प की तैयारी में:अहीरवाल में भूपेंद्र यादव को राव इंद्रजीत और बांगर में सुनीता दुग्गल को बीरेंद्र सिंह के बराबर में खड़ा करने की कोशिश, अनुशासनहीनता पर भी कड़ा संदेश

करनाल3 महीने पहले
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नई घोषित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हरियाणा के अहीरवाल और बांगर क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने के साथ भाजपा ने दो निशाने साधने का प्रयास किया। पहला, खुद को जाट राजनीति से अलग दिखाने की कोशिश की और दूसरा पार्टी को समय-समय पर तल्ख तेवर दिखाने वाले अपने पुराने नेताओं का विकल्प भी तैयार करने की ओर कदम उठाया। बांगर और अहीरवाल क्षेत्रों के बड़े नेताओं राव इंद्रजीत सिंह और बीरेंद्र सिंह को इस बार सूची में शामिल नहीं किया गया है। साथ ही अनुशासनहीनता पर भी कड़ा संदेश दिया है। भाजपा हाईकमान ने घोषित कुल 306 सदस्यों की कार्यकारिणी में हरियाणा से 3 तीन नए चेहरों को शामिल किया है। भाजपा ने अहीरवाल में राव इंद्रजीत सिंह के स्थान पर राजस्थान के सांसद और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और बांगर से बीरेंद्र सिंह के स्थान पर सिरसा सांसद सुनीता दुग्गल को तरजीह दी है। वहीं केंद्रीय भारी उद्योग एवं ऊर्जा राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को भी जगह दी है। हरियाणा के खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया है।

सुनीता दुग्गल और भूपेंद्र यादव का कद बढ़ाकर भाजपा हाईकमान ने विभिन्न मुद्दों पर पार्टी को ही घेरने वाले नेताओं को नसीहत दी है। पिछली बार राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना भी थे लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव के समय भड़ाना भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

राव ने की थी तुलाराम की जयंती पर विशाल सभा
भाजपा हाईकमान ने एक तरह से संदेश दिया है कि पार्टी में अनुशासन न रखने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राव इंद्रजीत सिंह ने पिछले महीने ही अहीरवाल क्षेत्र में राव तुलाराम की जयंती पर हुई विशाल सभा में भाजपा हाईकमान को निशाने पर लिया था। अहीरवाल क्षेत्र में राव इंद्रजीत का दबदबा कम करने के लिए ही भाजपा हाईकमान ने भूपेंद्र यादव को तरजीह दी है।

इनेलो के मंच पर पहुंच थे बीरेंद्र
बीरेंद्र सिंह भी पिछले एक साल से दूसरे दलों से पींगे बढ़ा रहे थे वहीं अपनी ही पार्टी के खिलाफ भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष बयानबाजी में लगे थे। पिछले दिनों 25 सितंबर को जींद में इनेलो रैली में शामिल होकर उन्होंने सभी को हैरत में डाल दिया था। इससे पहले आप नेताओं से हुई उनकी मुलाकात भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा में रही थी। बीरेंद्र सिंह जिस विधानसभा क्षेत्र उचाना के रहने वाले हैं, उससे सटे सिरसा लोकसभा क्षेत्र की विधानसभा एरिया नरवाना आता है। दुग्गल की नियुक्ति को दो मायनों से महत्व पूर्ण माना गया है। एक तो बीरेंद्र सिंह की पार्टी विरोधी गतिविधियों पर या तो लगाम लग जाएगी या फिर वे किसी अन्य दल की राह पकड़ लेंगे।

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