नारायणगढ़ में किसान को टक्कर मारने का मामला:थाने पहुंची दोनों पक्ष की शिकायत; पुलिस राजनीतिक दबाव में होने से किसान बना रहे घेराव की योजना, SHO बोले- निष्पक्ष जांच जारी

करनाल19 दिन पहले
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किसान को टक्कर मारने की घटना के बाद नारायणगढ़ में जाम लगाते हुए किसान। - Dainik Bhaskar
किसान को टक्कर मारने की घटना के बाद नारायणगढ़ में जाम लगाते हुए किसान।

अंबाला जिले के नारायाणगढ़ में किसान को टक्कर मारने के मामले में किसानों और सांसद की तरफ से थाने में शिकायत पहुंची है। दोनों शिकायतों पर पुलिस ने डीडीआर (डेली डायरी रजिस्टर) काटकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस ने डीडीआर काटने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के हवाले से यह जानकारी पुख्ता है। चर्चा यह भी है कि पुलिस राजनीतिक दबाव के चलते पुख्ता कार्रवाई नहीं कर रही।

वहीं केस दर्ज न किए जाने पर किसानों द्वारा 10 अक्टूबर को थाने का घेराव करने की योजना तैयार की जा रही है। घायल किसान भंवरप्रीत के एक्स-रे की रिपोर्ट नॉर्मल है। कोई टूट-फूट नहीं है। केस दर्ज करने के मामले पर वकीलों की राय भी अलग-अलग है।

केस दर्ज करने के बाद हो सकती है जांच

पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के वकील पीएल भारद्वाज ने बताया कि नारायणगढ़ का मामला भाजपा के सांसद के नाम से जुड़ा है। इस कारण से नारायणगढ़ पुलिस पर राजनीतिक दबाव है। नहीं तो पुलिस एफआईआर दर्ज करने के बाद भी जांच कर सकती है। किसानों की मांग केस दर्ज करके जांच करने की है। जांच में दोषी जाए जाने पर कार्रवाई हो। इसके बावजूद भी किसानों को गुमराह किया जा रहा है। ऐसा गलत है।

मामले में केस दर्ज करने के लिए डीएसपी को शिकायत देते हुए किसान नेता।
मामले में केस दर्ज करने के लिए डीएसपी को शिकायत देते हुए किसान नेता।

असंज्ञेय अपराध में 7 दिन जांच की छूट

एक वकील ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा ललिता बनाम उतर प्रदेश केस में दिए गए निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी संज्ञेय अपराध की एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। अगर असंज्ञेय अपराध हो तो पुलिस पहले 7 दिन तक जांच कर सकती है। इस दौरान अपराध पाए जाने के बाद ही केस दर्ज किए जाने का नियम है। यदि अपराध नहीं पाया जाता तो डिस्कलोजर लिखा जाएगा।

किसान बोले - 10 को थाने का घेराव तय

नारायणगढ़ ब्लाॅक के भाकियू नेताओं का कहना है कि सांसद की गाड़ी की टक्कर के बाद वे किसान का इलाज करवाने में व्यस्त थे। इस दौरान किसान नेताओं ने इस मामले की जानकारी संयुक्त किसान माेर्चा को दी। उनके कहने पर ही प्रशासन-पुलिस से बातचीत की। पुलिस प्रशासन ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। नेताओं ने बात को मानते हुए कहा कि यदि जल्द ही जांच के बाद केस दर्ज और कार्रवाई नहीं की तो वे 10 अक्टूबर को थाने का घेराव करेंगे। नेताओं के जैसे भी आदेश आएंगे, वैसे ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। 10 से पहले ही वे अपनी आगे की प्लानिंग बड़े नेताओं से चर्चा करके तैयार कर लेंगे।

निष्पक्ष होगी जांच : एसएचओ

एसएचओ धूम सिंह ने बताया कि पुलिस ने पूरा मामला आला अधिकारियों के नॉलेज में है। मामले की नियमानुसार जांच की जा रही है। दोनों पक्ष ने अपनी-अपनी शिकायत दी हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी सामने आएगा, उसी के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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