करनाल में CM मनोहर लाल ने दिलवाई शपथ:मैं मनोहर लाल अग्नि को साक्षी मानकर संकल्प लेता हूं कि पूरे जीवन में नशा नहीं करुंगा

करनाल5 महीने पहले
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शपथ दिलवाते हुए सीएम मनोहर लाल। - Dainik Bhaskar
शपथ दिलवाते हुए सीएम मनोहर लाल।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल आज 23 दिसंबर को करनाल दौरे पर पहुंचे। दोपहर 1 बजे अनाज मंडी करनाल में पहुंचकर नशामुक्त कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रवेश पर हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लेते हुए हस्ताक्षर कर शपथ ली। यहां पर जिले के प्राइवेट स्कूलों से छात्र पहुंचे हुए हैं। जिन्हें सीएम नशा न करने का संकल्प दिलवाएंगे। सीएम के साथ कार्यक्रम में सांसद सिरसा सुनीता दुग्गल, रामकुमार कश्यप विधायक, हरविंद्र कल्याण विधायक भी साथ पहुंचे। दीप प्रज्ज्वलित करते अग्नि के समक्ष दाएं हाथ को आगे करके "मैं मनोहर लाल आज उपस्थित सभी लोगों के साथ, ईश्वर को साक्षी मानकर यह संकल्प लेता हूं कि मैं अपने पूरी जीवन में कभी भी किसी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करुंगा। नशा मुक्त समाज बनाने एवं नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए हर माह एक व्यक्ति को इस आंदोलन से जोड़कर संकल्प करुंगा। इसके अलावा मैं ये भी सकल्प लेता हूं कि मैं राष्ट्र हित व समाज हित में अपनी आखिरी सांस तक नई पीढ़ी को नशे के तस्करों से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करुंगा।'

नशा न करने की शपथ लेते हुए स्कूली बच्चे।
नशा न करने की शपथ लेते हुए स्कूली बच्चे।

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान के लिए सब लोग इकट्ठा हुए हैं। जब मंत्री कौशल मेरे पास चंडीगढ़ आ। तो उन्होंने अपनी पूरी घटना सुनाई। बहुत पीढ़ा हुई। नशे से मुक्ति पर अभियान चलाया तो कार्यक्रम की स्वीकृति दी। तरह तरह का नशा करते हैं। कुछ तो दवाइयों को भी मात्रा से ज्यादा लेने से वो नशे का काम करती है। एक व्यक्ति के नशा करने से उसका परिवार उझड़ जाता है। उसके समाज की बदनामी होती है। नशे का व्यापार आतंकवादी संगठन करते हैं। अनाप-शनाप कमाया हुआ पैसा देश विरोधी काम में प्रयोग होता है। हर तरह नुकसान है। लाभ कुछ नहीं है। हम नशे के विरोध हैं। इस कार्यक्रम में जुटी टीम की सराहना करता हूं। मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। समय के बाद इसका परिणाम सामने आएगा।

जिलेभर के स्कूल बच्चों को अपनी स्कूली बस में लेकर पहुंचे।
जिलेभर के स्कूल बच्चों को अपनी स्कूली बस में लेकर पहुंचे।

केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने कहा कि मेरा बेटा 28 वर्षीय आकाश किशोर की अधिक शराब पीने से मौत हो गई। उसका लीवर खराब हो गया था। वो कब नशा करने लगा, मुझे पता नहीं लगा। जब वो घर पर नशे की हालत में आया तो उस समय 4 साल हो चुके थे। उसका नशा छुड़वाने के लिए बड़ा प्रयास किया। इलाज करवाया, दवा दिलवाई। लेकिन दोस्तों के साथ जाकर फिर से शराब पीता था। अक्टूबर 2020 में उसने मुझे फोन करके कहा कि उसे खून की उलटी लग रही है। 25 साल में उसकी शादी की थी। एक बेटा भी हुआ। उस बेटे को आज भी ये है कि उसका पापा सो रहे हैं। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस बार करवा चौथ के दिन उसकी विधवा पुत्रबधू ने भी व्रत रखा। जब पूछा तो उसने जवाब दिया कि नशे के वजह से उसकी जान जाने से वो विधवा हो गई। वो नशे के खिलाफ अपना अभियान चलाएंगे। जब मेरा बेटा खत्म हुआ तो मेरी हिम्मत नहीं थी कि उसकी चिता को आग लगा सकूं। तब हमने तय किया कि वो नई पीढ़ी के युवा जो नशा नहीं करते। वो नशा करने वाले युवाओं को जब नशा करते हुए देखते हैं कि वो लोग छाती ठोक कर नहीं करते तुम नशा करते हो हम नहीं करेंगे। जो नशा नहीं करते हम उनको नशे से दूर रखने आए हैं। अपने बेटे का नशा नहीं छुड़वा सके तो दूसरा का कैसे छुड़वा सकते हैं। मैं अपने बेटे को नशे से नहीं बचा सकता, लेकिन अपने बच्चों को बचाने के लिए प्रेरित करने आया हूं। आजादी के 75 साल पूरे होने तक 75 लाख लोगों को नशा न करने का संकल्प करवा चुके होंगे।

उन्हाेंने कहा कि 1857 में अंग्रेजों से लड़ने का युद्ध शुरू हुआ। देश के लोगों ने अपनी कुर्बानी दी। हमारे देश के लोगों का राज होगा। उन्हें सभी सुविधाएं मिलेंगी। जितने क्रांतिकारी रहे थे उनमें से कोई भी नशा नहीं करता था। गांधी, डॉ. अंबेडकर, पं. दीन दयान उपाध्याय भी नशा नहीं करते थे।

सन 1760 से पहले हिंदूस्तान में कोई शराब नहीं पीता था। सबसे पहले इस्ट इंडिया कंपनी ने कलकत्ता में शराब की दुकान खोली गई। हमने दो भाषा में शराब पीजिए, आनंद लीजिए, मौज कीजिए। पहले दिन एक, वो दूसरे को लाया, दूसरा तीसरे लाया तो हमारी दुकान चल गई। जब उसे सम्मानित करने लगे तो उसने एक लाइसेंस और मांगा।

कार्यक्रम में बच्चों के लिए चाय व खाने की व्यवस्था।
कार्यक्रम में बच्चों के लिए चाय व खाने की व्यवस्था।

सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि हम भी कभी ऐसे ही बैठते थे। आगे चलकर आप लोगों को हमारी जगह पर बैठना है। जगह-जगह योगशाला, जिम खुलवाए हुए हैं। खेलो इंडिया कार्यक्रम का हरियाणा प्रदेश में करवाया जा रहा है। एक बच्चा गुरुनानक देव जी के पास जाना है। बोले मुझे सत्संग का असर नहीं होता। अच्छी बातों का असर नहीं होता। उसने एक घड़ा शराब का मंगवाया और कहा इसको कुरला करके फेंकना है। इसके बाद बताया कि पूरी शराब खत्म हो गई और उसे नशा नहीं हुआ। बाद में पूछा तो देव ने बताया कि शराब गले से नहीं उतरी, इसीलिए नशा नहीं हुआ। अच्छी बातों को गले से नहीं उतारते इसीलिए वो असर नहीं करती। नशे दूर रहोगे तो मां-बाप का नाम रोशन करोगे। कार्यक्रम के आयोजक संतोश पासवान ने बताया कि उन्होंने प्रदेश में 4 स्थानों पर संकल्प कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

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