आफत में जान:जहरीली हुई शहर की आबोहवा, एक्यूआई फिर 285 पहुंचा

करनाल2 महीने पहले
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जिले में फसल अवशेष जलाने के मामले अभी रूक नहीं रहे हैं। फसल अवशेष जलाने की घटनाओं का आंकड़ा बढ़कर 934 पर पहुंच गया है। धान के फसल अवशेषों को जलाने से वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स के अनुसार एक्यूआई को देखा जाए तो यह 285 पर पहुंच गया है। जो फिर से बहुत खराब स्थिति की तरफ बढ़ रहा है।

अगर वायु प्रदूषण में जरा सी ओर बढ़ोतरी होती है तो यह रेड जोन में पहुंच जाएगा। हालांकि कृषि विभाग की ओर से लगातार फसल अवशेष जलाने के मामलों को ट्रेस करके उन पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।

उधर प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार नगर निगम की ओर से सड़कों पर उड़ने वाली धूल की रोकथाम के लिए पानी का टैंकरों से छिड़काव शुरू करवा दिया गया है। बुधवार को शहर की आधा दर्जन सड़कों पर पानी का छिड़काव किया गया। एक्सईएन अक्षय भारद्वाज के अनुसार सरकार के अगले निर्देशों तक शहर में सड़कों पर पानी का छिड़काव जारी रहेगा।

99 मामले नहीं हुए ट्रेस

जिले में अब तक फसल अवशेषों में आग लगाने के 934 मामलों की सूचना मिल चुकी है। लेकिन विभाग अभी तक इनमें से 99 मामलों की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई है। लेकिन कृषि विभाग की टीम आग लगने की सूचना पर घटना को ट्रेस करने के लिए लगातार फील्ड में जा रही हैं।

शहर की आबोहवा में यह रहा प्रदूषण का स्तर : शहर की आबोहवा की बात करें तो बुधवार को एवरेज एक्यूआई 285 दर्ज हुआ। पीएम 2.5 में अधिकतम एक्यूआई 345 और न्यूनतम 434 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज हुआ। पिछले कई दिन पहले एक्यूआई में गिरावट आने लगी थी, लेकिन दो दिन से फिर एक्यूआई बढ़ गया है।

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