सीईओ बोले:फ्लाईओवर का मार्च में शुरू होगा निर्माण कार्य, शहर को जाम से मिलेगी निजात

करनाल3 दिन पहले
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लघु सचिवालय में डीसी फ्लाई ओवर प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों को मीटिंग में दिशा निर्देश देते हुए। - Dainik Bhaskar
लघु सचिवालय में डीसी फ्लाई ओवर प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों को मीटिंग में दिशा निर्देश देते हुए।

स्मार्ट सिटी में जल्द ही जाम से निजात मिलेगी। शहर में फ्लाईओवर का निर्माण मार्च माह में शुरू हो जाएगा। इसे दो हिस्सों में तैयार किया जाएगा। फ्लाइओवर के बनने से शहर के लोगों को बहुत फायदा होगा। कैथल, असंध और पेहवा से आने वाले लोग सीधे जीटी रोड पर जा सकेंगे। शहर के महर्षि वाल्मीकि चौंक से रेलवे रोड़ और चौंक से पुरानी सब्जी मंडी रोड़ पर रहता है। इसी प्रकार महर्षि वाल्मीकि चौंक से पुराने बस अड्डा और अंबेडकर चौंक तक भी ट्रैफिक कंजेशन और जाम की स्थिति बनी रहती है। फ्लाईओवर बनने से यह समस्या का दूर हो जाएगी।

शुक्रवार को डीसी एवं केएससीएल के सीईओ निशांत कुमार यादव ने लघु सचिवालय के सभागार में फ्लाई ओवर प्रोजेक्ट को लेकर तैयार आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रॉपोजल) यानी टेंडर डॉक्यूमेंट के सभी बिंदुओं पर केएससीएल के अधिकारी व पीएमसी टीम के एक्सपर्ट के साथ काफी देर तक चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट करीब 150 करोड़ रुपए का है, चर्चा के बाद इसे फाईनल कर दिया है और अगले सप्ताह ही इसका टेंडर लगाने जा रहे है। इसके बाद टेक्निकल व फाइनेंशियल बिड होंगी और किसी नामी कम्पनी से फ्लाईओवर का निर्माण करवाया जाएगा।

फ्लाईओवर के दो भाग हैं, एक भाग में ये रेलवे रोड़ स्थित खालसा कॉलेज चौक से प्रारंभ होकर महर्षि वाल्मीकि चौक- पुरानी सब्जी मंडी रोड़-मुगल कैनाल से होते हरियाणा नर्सिंग होम तक बनेगा। इसकी लंबाई करीब पौने 3 किलो मीटर(2. 771 केएम) होगी। इसी प्रकार दूसरे भाग में उपरगामी पुल महर्षि वाल्मीकि चौक से प्रारंभ होकर पुराना बस अड्डा-कर्ण पार्क से होकर आंबेडकर चौक पर समाप्त होगा। यह करीब एक किलो मीटर(0.938 के एम) लंबा होगा।

फरवरी अंत या मार्च से प्रारंभ हो सकता है फ्लाईओवर का काम
मीटिंग में चर्चा के दौरान डीसी ने बताया कि फ्लाईओवर का काम फरवरी अंत या मार्च के प्रारंभ में शुरू हो सकता है। उससे पहले यूएचबीवीएन से सड़क के बीचों बीच खड़े बिजली के खंबे और लाइटें शिफ्ट करवाई जाएगी।

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