निजी अस्पताल में इलाज का रेट तय:DC बोले- कोविड के नाम पर वसूली करने वालों पर होगी कार्रवाई, बेड संख्या और सुविधा बताने को कहा

करनाल21 दिन पहले
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बैठक में मौजूद निजी अस्पताल व अधिकारी। - Dainik Bhaskar
बैठक में मौजूद निजी अस्पताल व अधिकारी।

करनाल जिला प्रशासन ने कोविड के नाम पर वसूली कर रहे निजी अस्पतालों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने जिले के सभी निजी अस्पतालों को कोविड मरीजों के लिए बेड संख्या सुनिश्चित करने को कहा है। कोविड मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में तत्काल इन बेड का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई गाइडलाइन के आधार पर होम आइसोलेशन का समय 7 दिन रहेगा। आयुष्मान कार्ड होल्डर का उपचार भी सरकारी तय रेट पर सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने शुक्रवार को करनाल के करीब दो दर्जन निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों से कोरोना की तैयारियों के मद्देनजर समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए निजी अस्पतालों को चाहिए कि शुरुआती दौर पर वे अपने अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन की आपूर्ति, दवाइयोंं की सुनिश्चितता के साथ चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता कायम रखें।

इस संबंध में निजी अस्पताल सम्पूर्ण जानकारी सिविल सर्जन कार्यालय को तुरंत उपलब्ध करवाएंगे ताकि समय रहते उचित एक्शन लिया जा सके। अस्पतालों में आने वाले कोविड के मरीजों का अलग से वार्ड निर्धारित किया जाए। जहां केवल कोविड के मरीजों का ही उपचार हो सके। ऐसे मरीजों की जांच भी उसी वार्ड में करवाई जाए ताकि अन्य मरीजों पर इसका दुष्प्रभाव न पड़े।

सभी निजी अस्पतालों को चाहिए कि वे राज्य सरकार के नियमों का पालन करते हुए मरीजों से बेड्स व अन्य संसाधनों की सुनिश्चित फीस ही वसूल करें। इससे अधिक राशि वसूल करते पाए जाने पर अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

बैठक में मौजूद निजी अस्पताल संचालक व अधिकारी।
बैठक में मौजूद निजी अस्पताल संचालक व अधिकारी।

नॉन NABH प्रमाणित अस्पतालों के रेट

नॉन एनएबीएच प्रमाणित अस्तपालों में ऑक्सीजन व अन्य सहायक सुविधाओं से युक्त आइसोलेशन बेड के लिए मरीजों से 8 हजार रुपये प्रतिदिन वसूल किए जा सकते हैं। इसी प्रकार बिना वेंटिलेटर केयर आईसीयू के लिए 13 हजार रुपये, वेंटिलेटर युक्त आईसीयू के लिए 15 हजार रुपये प्रतिदिन लिए जा सकते हैं।

NABH प्रमाणित अस्पतालों के रेट

एनएबीएच प्रमाणित अस्पतालों में ऑक्सीजन व अन्य सहायक सुविधाओं से युक्त आइसोलेशन बेड के लिए मरीजों से 10 हजार रुपये प्रतिदिन वसूल किए जा सकते हैं। इसी प्रकार बिना वेंटिलेटर केयर आईसीयू के लिए 15 हजार रुपये, वेंटिलेटर युक्त आईसीयू के लिए 18 हजार रुपये प्रतिदिन लिए जा सकते हैं।

रेट सूची को डिस्प्ले बोर्ड पर लगाएं

उपायुक्त ने अस्पतालों को निर्देश देते हुए कहा कि उक्त दरों में सभी प्रकार के खर्चे शामिल होंगे तथा सभी अस्पतालों को अपने डिस्प्ले बोर्ड पर रेट सूची अंकित करनी होगी ताकि मरीजों को रेट संबंधी सभी जानकारी उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही कोविड केयर सेंटर की भी शीघ्र शुरूआत की जाएगी।

कुछ ही दिनों में पीक पर होगा कोरोना

कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को भी निर्धारित संख्या में बेड्स की संख्या तथा वार्ड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल अपने कर्मचारियों तथा चिकित्सकों की नियमित कोविड जांच करवाएं ताकि बाहर से आने वाले अन्य मरीज व उनके तीमारदार सुरक्षित रह सकें। इसके साथ ही अस्पतालों में वैक्सीन की दोनों डोज लिए व्यक्तियों की ही एंट्री की जाए। अस्पतालों में नो एंट्री-विदआउट वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें। जिस तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, उससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि कुछ ही दिनों बाद इसका पीक आने की उम्मीद है। इसलिए चिकित्सा संस्थानों को चाहिए कि वे अपने अस्पतालों में सरकार के निर्देशानुसार सभी सुविधाएं तुरंत सुनिश्चित करें और इसकी पूर्ण जानकारी सिविल सर्जन कार्यालय में भिजवाएं।

बैठक में अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर एसडीएम करनाल गौरव कुमार, एमडी शुगर मिल अदिति, सिविल सर्जन डा. योगेश शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, जिला सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी कृष्ण कुमार आर्य सहित जिला के करीब दो दर्जन अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।