नवरात्र:मंदिरों में रही श्रद्धालुओं की भीड़, माता के जयकारों से गूंजी कर्ण नगरी

करनाल9 दिन पहले
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नवरात्रे के पहले दिन पूजा-अर्चना करते हुए। - Dainik Bhaskar
नवरात्रे के पहले दिन पूजा-अर्चना करते हुए।

नवरात्रों के पहले दिन श्री सनातन धर्म मंदिर, नीलनगर, वैदिक धर्म मंदिर पोल्ट्री एरिया, किसान बस्ती मंदिर अस्पताल एरिया मंदिर व अन्य मंदिरों में प्रातः काल से ही पूजा अर्चना आरंभ हो गई। लोग माता के दर्शनों के लिए आने लगे। पूरा नगर माता के जयकारों से गूंज उठा। नीलनगर में स्थित मंदिर में पंडित जगदीश शर्मा व नवीन शर्मा ने देवी मां की पूजा अर्चना कराई।

उन्होंने संगतों को नवरात्रे के पहली माता शैली पुत्री की कथा सुनाते हुए कहा कि आज नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की जाती है। आज मां शैलपुत्री की उपासना करने से व्यक्ति को धन-धान्य, ऐश्वर्य, सौभाग्य तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है।

नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बड़ा ही फलदायी बताया गया है जो व्यक्ति दुर्गासप्तशती का पाठ करता है वह हर प्रकार के भय, बाधा, चिंता और शत्रु आदि से छुटकारा पाता है, साथ ही उसे हर प्रकार के सुख-साधनों की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण माता का नाम शैलपुत्री पड़ा।

माता शैलपुत्री का जन्म शैल या पत्थर से हुआ। इसलिए इनकी पूजा से जीवन में स्थिरता आती है। उपनिषदों में मां को हेमवती भी कहा गया है। इस प्रकार माता शैलपुत्री के मंत्र का कम से कम 11 बार जप करने से आपका मूलाधार चक्र तो जाग्रत होगा ही, साथ ही आपके धन-धान्य, ऐश्वर्य और सौभाग्य में वृद्धि होगी और आपको आरोग्य तथा मोक्ष की प्राप्ति भी होगी।

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