पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

उपलब्धि:डॉ. मोतीलाल मदन का वर्ष 2020 के प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय विज्ञान रत्न पुरस्कार के लिए चयन

करनाल6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है पुरस्कार

प्रदेश सरकार ने प्रतिष्ठित पशु-चिकित्सक और पुनरुत्पादक जैव-प्रौद्योगिकीविद् प्रो. (डॉ.) मोती लाल मदन का वर्ष 2020 का प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय विज्ञान रत्न पुरस्कार के लिए चयन किया है। राज्य का यह उच्चतम राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी पुरस्कार उस प्रख्यात वैज्ञानिक को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया होता है।

इस पुरस्कार के अंतर्गत चार 4 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, एक प्रशस्ति पत्र और एक ट्रॉफी प्रदान की जाती है। प्रो. मदन ने भारत में अनुसंधान के क्षेत्र में पशु शरीरक्रिया विज्ञान, अंतःस्त्राविका, पर्यावरण शरीरक्रिया विज्ञान और पुनरुत्पादन जैव-प्रौद्योगिकी में विशेष योगदान दिया है और उनके नाम से अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं में 236 प्रकाशन हैं। उन्होंने 12 से अधिक हार्मोन के लिए मवेशियों और भैंसों में सूक्ष्म-मात्रा निर्धारण प्रतिरक्षा-तकनीक विकसित की, जिससे प्रजनन क्षमता बढ़ाने में मदद मिली है।

भ्रूण स्थानांतरण प्रौद्योगिकी (ईटीटी) के द्वारा उन्होंने एक ही मादा से एक वर्ष की अवधि के दौरान कई बछड़ों (10) उत्पादित किए हैं । नई इन विट्रो गर्भाधान प्रौद्योगिकी (आईवीएफ) का प्रयोग भैंसों में कर उन्होंने दुनिया में पहली बार प्रथम नामक कटड़ा पैदा किया और इस तकनीक का देश के पुनरुत्पादक अनुसंधान तथा विकास में बहुत प्रभाव पड़ा ।

उन्होंने देश और दुनिया में भैंसों में भ्रूण क्लोनिंग का कारीब सफलतापूर्वक शुरू किया, जिसके कारण भारत में दुनिया की पहली क्लोन भैंस का जन्म हुआ। उनके योगदान के लिए उन्हें पुनरुत्पादक जैव प्रौद्योगिकी में जनक के रूप में जाना जाता है। उन्हें उत्तरी अमेरिका के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित पशु-चिकित्सा संस्थान, गुएल्फ़, कनाडा, 2012 द्वारा डॉक्टर ऑफ साइंस की डिग्री से भी सम्मानित किया गया है ।

शिक्षाविद और अनुसंधान प्रबंधक, डॉ. मदन ने विभिन्न कृषि-पारिस्थितिकी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। डॉ. मदन एफएओ /यूएनडीपी सलाहकार भी रहे हैं। चार विज्ञान अकादमियों के फेलो, प्रो. मदन प्रतिष्ठित आईसीएआर रफी अहमद किदवई पुरस्कार और हरिओम पुरस्कार सहित सर्वोच्च सम्मान के प्राप्तकर्ता हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए उन्हें ओम प्रकाश भसीन पुरस्कार, डॉ. बीपी पाल पुरस्कार, राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी का फैलो प्राप्त है।

खबरें और भी हैं...