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करनाल में किसानों का धरना:ACS और 13 किसान नेताओं के बीच 4 घंटे चली बातचीत रही बेनतीजा, शनिवार सुबह 9 बजे फिर शुरू होगी वार्ता

करनाल3 महीने पहले
राष्ट्रगान के साथ धरने के चौथे के दिन की शुरुआत करते किसान।

हरियाणा के करनाल में जिला सचिवालय पर किसानों के धरने के चौथे दिन शुक्रवार को ACS देवेंद्र सिंह और 13 किसान नेताओं के बीच चार घंटे चली वार्ता बेनतीजा रही। अब शनिवार सुबह 9 बजे बातचीत फिर शुरू होगी। प्रशासन ने देर शाम जिला सचिवालय पर IAS आयुष सिन्हा को सस्पेंड करने की मांग कर धरना दे रहे किसानों को बातचीत के लिए बुलाया। प्रशासन के न्यौते पर गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में सुरेश कौथ, रतन मान समेत 13 किसान नेता ACS की अगुवाई वाली प्रशासनिक टीम से बातचीत करने पहुंचे।

चढूनी ने बताया कि ACS की अगुवाई वाली प्रशासनिक टीम से चार घंटे बात हुई। इस दौरान किसानों की मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने कई बार चंडीगढ़ भी बात की। लेकिन अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है। सुबह 9:00 बजे एक बार फिर मीटिंग होगी और उसमें सहमति बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

इससे पहले सुबह 8 बजे पुलिस-पैरामिलिट्री कर्मचारियों की ड्यूटी बदलने से धरनास्थल पर हलचल शुरू हुई। वहीं किसानों ने राष्ट्रगान के साथ धरने की शुरुआत की। दोपहर बाद भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी ने कहा कि प्रशासन की ओर से वार्ता का कोई मैसेज आया तो किसान जरूर जाएंगे। 11 सितंबर को महापंचायत आंदोलन के 5 दिनों की समीक्षा की जाएगी।

किसान मोर्चा के पदाधिकारी पहुंचेंगे पंचायत में

चढूनी ने बताया कि प्रदेश के सभी किसान संगठनों के नेता और संयुक्त माेर्चा के पदाधिकारी पंचायत में भाग लेंगे। धरना लगातार बढ़ रहा है और व्यवस्थाएं भी बेहतर हो रही हैं। वहीं भाकियू असंध ब्लाक प्रधान जोगिंद्र सिंह झींडा ने कहा कि यदि सरकार नेट बंद नहीं करती हो धरने की हजारों की भीड़ लाखों में बदल जाती। सरकार किसानों को बांटना चाहती है। संयुक्त माेर्चा के बड़े लीडर कल आएंगे। सभी इस बात पर चर्चा करेंगे कि सरकार की मंशा को पूरा होने से कैसे रोकना है। कुरुक्षेत्र के किसान संजीव ने कहा कि धरने पर पहले दिन से ज्यादा किसान आए। कुछ किसान सिंघु बॉर्डर से करनाल धरने पर आने के लिए चले हैं। दूसरे स्थानों से भी किसान आ रहे हैं। लगातार भीड़ बढ़ रही है।

जिला सचिवालय पर स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर सुरक्षाकर्मियों को दवाई देते स्वास्थ्यकर्मी।
जिला सचिवालय पर स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर सुरक्षाकर्मियों को दवाई देते स्वास्थ्यकर्मी।

किसानों-सुरक्षाकर्मियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा केंद्र
जिला प्रशासन ने धरने पर बैठे किसानों और सुरक्षाकर्मियों की सुविधा के लिए अलग-अलग स्वास्थ्य सुविधा केंद्र खोले। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर आंदोलनकारी भी प्राथमिक उपचार ले रहे हैं। लघु सचिवालय परिसर में 2 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इनके स्वास्थ्य को देखते हुए भी लघु सचिवालय परिसर में स्वास्थ्य सुविधा केंद्र बनाया गया। प्रशासन का दावा है कि किसी भी सुरक्षाकर्मी को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। इन केंद्रों पर एंटीबायटिक और दर्द निवारक के अतिरिक्त अन्य विभिन्न प्रकार की दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। जिला प्रशासन ने 6 एंबुलेंस की तैनाती की, जो किसी किसान की तबीयत बिगड़ने पर स्थानीय नागरिक अस्पताल या कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाएगी।

प्रशासन की ओर से बनाए गए स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर दवा लेने पहुंचा किसान।
प्रशासन की ओर से बनाए गए स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर दवा लेने पहुंचा किसान।

डीसी की अपील : घबराएं नहीं, कानून व्यवस्था बनाने में सहयोग दें
करनाल के उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने धरने के मद्देनजर जनता से अपील की है कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। जिले में सभी कार्य सामान्य रूप से चल रहे हैं, शहर के साथ-साथ कस्बों के सभी बाजार खुले हैं। जीटी रोड सहित जिले की किसी भी सड़क को न तो आंदोलनकारियों ने बंद किया और न ही आगे बंद करने दिया जाएगा। सभी कार्यालय पहले की तरह खुल रहे हैं, किसी भी व्यक्ति को सरकारी कार्यालय में काम है तो वह सचिवालय आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की आंदोलनकारियों से लगातार अंतराल पर बातचीत हो ही है। आंदोलनकारियों ने करनाल की जनता को आश्वासन दिलाया कि उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। सभी चीजें सामान्य रूप से चल रही हैं। जिला प्रशासन की ओर से स्थिति नियंत्रित रहे इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखना और लोगों के जानमाल की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की है। यदि कोई कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो प्रशासन उससे सख्ती से निपटेगा।
NH-44 से दिल्ली-चंडीगढ़ का रास्ता खुला
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से दिल्ली और चंडीगढ़ आने-जाने का रास्ता पूरी तरह से खुला है, यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं है। उन्होंने प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया कि करनाल से गुजरने वाले यात्रियों के वाहनों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग खुला है।

पिपली लाठीचार्ज की घटना को किया याद

इससे पहले किसानों ने इस दौरान बसताड़ा टोल पर लाठीचार्ज के बाद मरे सुशील काजल को याद किया। साथ ही पिपली में लाठीचार्ज का एक साल पूरा होने पर भी घटना का स्मरण किया गया। किसानों का कहना था कि पिपली की घटना के बाद अब तक कई बार पुलिस लाठीचार्ज कर चुकी है।

राष्ट्रगान के साथ धरने के चौथे के दिन की शुरुआत करते किसान।
राष्ट्रगान के साथ धरने के चौथे के दिन की शुरुआत करते किसान।

धरना स्थल को तीन भागों में बांटा
किसानों ने चौथे दिन धरनास्थल को तीन भागों में बांट लिया। एक भाग महिलाओं के लिए अलग कर दिया। दूसरे में मंच सजाया। यहां माइक सैट, संचालक रहेंगे और वक्ता अपना भाषण देने के बाद पंडाल में चले जाएंगे। तीसरा भाग धरने पर पहुंचे पुरुषों के लिए है। वहीं किसानों ने गुरुवार को धूप में तेजी के कारण हुई समस्या को देखते हुए चौथे दिन शुक्रवार को धरने पर पंखों की संख्या बढ़ा दी।

शुरू में 150 से 200 के बीच थे किसान
शुक्रवार सुबह जब धरना शुरू हुआ उस समय जिला सचिवालय पर किसानों की संख्या मात्र 150 से 200 के बीच थी। दोपहर 1 बजे तक यह संख्या करीब 3000 से ज्यादा पहुंच गई। शुक्रवार को प्रदेश की कई खाप पंचायतें भी किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए धरनास्थल पर पहुंच रही हैं। वहीं आसपास के गांवों और शहरों से भी किसानों को समर्थन देने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।

किसानों के धरने को समर्थन देने पहुंचे करनाल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता।
किसानों के धरने को समर्थन देने पहुंचे करनाल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता।

वकीलों ने दिया किसानों को समर्थन
जिला सचिवालय पर चल रहे किसानों के प्रदर्शन को करनाल बार एसोसिएशन के सदस्यों ने शुक्रवार को किसानों के धरने को समर्थन दिया। जिला सचिवालय धरनास्थल पर वकीलों का प्रतिनिधिमंडल बार के दो पूर्व प्रधानों चांदवीर और निर्मल सिंह की अध्यक्षता में पहुंचा। इस मौके पर वकीलों ने कि किसान अनाज पैदा करता है और देश के विकास में सबसे बड़ा योगदान देता है। इसलिए सरकार से अपील की कि किसानों की मांगों की अनदेखी न करे।

शुक्रवार सुबह ड्यूटी खत्म होने के बाद जातीं महिला पुलिस कर्मी और पैरामिलिट्री कर्मी।
शुक्रवार सुबह ड्यूटी खत्म होने के बाद जातीं महिला पुलिस कर्मी और पैरामिलिट्री कर्मी।

सुरक्षा के लिए 40 कंपनियां तैनात
धरनास्थल और शहर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री की 40 कंपनियों को बुलाया गया है। 5 जिलों के एसपी, 25 डीएसपी, 40 इंस्पेक्टर व्यवस्था बनाने के लिए लगाए गए हैं। करनाल, गुडगांव, रोहतक, हिसार, रेवाडी रेंज से फोर्स करनाल आई है। 10 कंपनियों में बीएसएफ, सीआरपीएफ, आरएएफ, आईटीबीपी शामिल हैं। मेवात, भिवानी, रेलवे अंबाला, कैथल व पानीपत के एसपी लगाए गए हैं। एक दिन पहले ही पुलिस और पैरामिलिट्री कर्मियों की ड्यूटी शिफ्टों में बांटी गई। सुबह 8 बजे शिफ्ट खत्म होने पर रात की पाली के जवान चले गए और दिन की शिफ्ट वाले जवान आए। इस आवाजाही से ही जिला सचिवालय पर धरने में थोड़ी हलचल शुरू हुई।

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