पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

किसानों के लिए अच्छी खबर:किसानों को कम रेट पर मिलेगी उच्च गुणवत्ता वाली पौध, प्रदेश में चार जगह बनाए हाईटेक पॉलीहाउस

करनाल13 दिन पहलेलेखक: रोहताश शर्मा
  • कॉपी लिंक
  • महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय किसानों से बीज लेकर तैयार करेगा पौध

महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय अंजनथली किसानों को सब्जियों की अच्छी गुणवत्ता वाली पौध तैयार कर सस्ते दाम में देगा। इसके लिए प्रदेश में चार जगह हाईटेक पॉलीहाउस तैयार किए हैं। मुरथल के पॉलीहाउस में पौध तैयार करना शुरू कर दिया है। किसानों ने शिमला मिर्च की चार लाख पौध की बुकिंग की करवाई है। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. समर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के चार मुख्य क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों पर हाईटेक ग्रीन हाउस बनाए हैं।

इसमें अनुसंधान फार्म अंजनथली में 5 एकड़, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बधाना (जींद) 2 एकड़, रईया झज्जर में 5 एकड़ और मुरथल सोनीपत में 4 एकड़ में पॉलीहाउस तैयार किया है। किसानों के लिए यहां किसानों से बीज लेकर उच्च गुणवत्ता वाली पौध तैयार की जाएगी। जिसमें विभिन्न फलों, सब्जियां एवं फूलों की खेती के लिए विशेषतौर पर पौध तैयार होगी।

क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र मुरथल में पौध तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। जिसमें चार लाख पौध की किसानों ने बुकिंग करवा ली है। इसमें मुख्य तौर पर शिमला मिर्च की विभिन्न प्रजातियों की पौध तैयार होगी। सभी ग्रीन हाउस में टपका सिंचाई से पौध में पानी एवं पोषक तत्वों का प्रबंध किया जा रहा है। उचित आर्द्रता एवं तापमान को बनाने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।

रंगीन शिमला मिर्च उगाकर किसान कमा रहे हैं ज्यादा फायदा
शिमला मिर्च अलग-अलग रंगों में उगाई जाती है। इसका किसानों को अच्छा भाव मिल जाता है। शिमला मिर्च अलग-अलग रंगों में सब्जी के अलावा सलाद, पिज्जा के टॉपिंग्स, बर्गर और सेंडविच में डलता है। इसलिए इसकी मार्केट में डिमांड भी अच्छी है। बड़े होटलों में भी इसकी ज्यादा डिमांड है। किसानों को शिमला मिर्च की पौध सस्ते रेटों पर उपलब्ध होगी। इससे किसानों को फायदा होगा और उनकी आमदनी ज्यादा बढ़ेगी।

शिमला मिर्च की लगभग एक महीने की पौध को अगस्त-सितंबर माह में किसान अपने खेतों में लगा सकते हैं। ये लगभग 8-9 महीने की फसल है, जिसमें लगभग 5 बार तोड़ाई होती है। इस तरह के विश्वविद्यालय के कार्य से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली पौध मिलेगी जो रोगरहित होगी और पौध कम मरेंगी। शिमला मिर्च का ज्यादा उत्पादन होने से किसानों को फायदा भी ज्यादा होगा।

अंजनथली, बधाना और रईया अनुसंधान केंद्रों पर भी जल्द होगा काम शुरू
अनुसंधान फार्म अंजनथली, बधाना और रईया में भी जल्द पौध तैयार करना शुरू किया जाएगा। फिलहाल किसान संबंधित अनुसंधान केंद्र में जाकर पौध की बुकिंग करवा रहे हैं। अगले कुछ दिनों में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट तैयार करेगा। किसानों को पौध के लिए वेबसाइट पर ही अप्लाई करना होगा। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के किसानों को बागवानी यूनिवर्सिटी का फायदा मिलना शुरू होगा। इससे प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। कुलपति प्रो. समर सिंह का कहना है कि उनका मकसद किसानों की आमदनी को कई दोगुणा करना है। किसान परंपरगता खेती से हटकर ही आमदनी को दोगुना कर सकते हैं।

खबरें और भी हैं...