तस्वीरों में देखिए, किसानों के धरने का आखिरी दिन:किसानों और पुलिसवालों की संख्या कम हुई; बारिश में टेंट भीगे तो दुकानों के बाहर बरामदे में डेरा लगा, चाय-समोसे का इंतजाम

करनालएक महीने पहले
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बारिश से बचने के लिए बरामदे में बैठे किसान। - Dainik Bhaskar
बारिश से बचने के लिए बरामदे में बैठे किसान।

हरियाणा के करनाल जिले में लघु सचिवालय के बाहर चल रहा किसानों का धरना 11 सितंबर दिन शनिवार को खत्म हो गया। क्योंकि शुक्रवार देर रात किसानों और प्रशासन के बीच समझौता हो गया। इसके बाद शनिवार सुबह धरनास्थल पर पंडाल में किसानों और तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या कम दिखी। वहीं जिला सचिवालय का मेन भी गेट खोल दिया गया है और यहां से आम लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। लेकिन बारिश ने माहौल थोड़ा अस्त व्यस्त कर दिया। बारिश इतनी हुई कि टेंट भीग गए और किसानों को बरामदे में डेरा जमाना पड़ा। हालांकि बारिश में चाय, समोसे और नाश्ते का इंतजाम रहा, लेकिन किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। तस्वीरों में देखिए हालात...

लघु सचिवायल के गेट पर बारिश से बचते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी।
लघु सचिवायल के गेट पर बारिश से बचते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी।
किसानों को चाय और नाश्ता वितरित करते संस्था के सदस्य।
किसानों को चाय और नाश्ता वितरित करते संस्था के सदस्य।
बारिश होने से अस्त व्यस्त हुआ किसानों का टेंट।
बारिश होने से अस्त व्यस्त हुआ किसानों का टेंट।
किसानों के लिए बरामदे में बैठकर नाश्ता बनाते लोग।
किसानों के लिए बरामदे में बैठकर नाश्ता बनाते लोग।
बारिश में भीगे टेंट के नीचे बैठे किसान।
बारिश में भीगे टेंट के नीचे बैठे किसान।
बारिश के बीच ड्यूटी पर डटे पुलिस कर्मी।
बारिश के बीच ड्यूटी पर डटे पुलिस कर्मी।
किसानों को नाश्ता वितरित करते संस्था के सदस्य।
किसानों को नाश्ता वितरित करते संस्था के सदस्य।
बारिश में भीगा किसानों के लिए आया सामान।
बारिश में भीगा किसानों के लिए आया सामान।
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