यह गलत है:दिवाली पर खूब चले पटाखे, करनाल में एक्यूआई 329 पहुंचा

करनालएक महीने पहले
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करनाल. जीटी रोड पर छाया स्मॉग। - Dainik Bhaskar
करनाल. जीटी रोड पर छाया स्मॉग।

करनाल में सरकार के पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई हुई थी। लेकिन शहर में सरेआम पटाखों की बिक्री हुई और दीपावली पर रात को लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े। इससे जिले का प्रदूषण स्तर बढ़ गया। दो दिन पहले तक शहर का प्रदूषण लेवल 254 के करीब था, अब बढ़कर 329 पहुंच गया है। प्रशासन ने कोई सख्ती नहीं दिखाई। इसलिए शहर और ग्रामीण में जमकर आतिशबाजी हुई।

प्रशासन ने नहीं की कोई कार्रवाई, इसलिए भी ज्यादा जलाए पटाखे : एनसीआर में पटाखे जलाने पर पूर्ण पाबंदी थी, लेकिन लोगों ने पहले से ही पटाखे खरीदकर घरों पर रखे हुए थे। रात को लोगों ने सेक्टर और कॉलोनियों में जमकर पटाखे फोड़े। एक सप्ताह पहले प्रदूषण का लेवल 150 के करीब था, दीपावली से एक दिन पहले 254 था और दीपावली के बाद प्रदूषण का लेवल 329 पहुंच गया। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से वातावरण प्रदूषित हुआ।

प्रदूषण स्तर बढ़ने से शाम को स्मॉग भी छाया हुआ दिखाई दिया। मंडियों के आसपास ज्यादा प्रदूषण का लेवल ज्यादा है, यहां पर धूल और मिटटी भी आकाश में दिखाई दे रही है। मंडी के आसपास आंखों में भी ज्यादा जलन हो रही है।

दिवाली की आड़ में अवशेष भी ज्यादा मात्रा में जलाए जा रहे हैं पिछले दो दिन से दिवाली की आड़ में पराली के अवशेष भी ज्यादा मात्रा में जलाए जा रहे हैं। दीपावली पर जिले में करीब 150 जगह खेतों में आगजनी की घटनाएं हुई। इससे भी प्रदूषण का लेवल ज्यादा बढ़ा है। प्रदूषण खतरनाक लेवल से ज्यादा पहुंच गया है। प्रदूषण का सामान्य लेवल 150 होता है, इससे ज्यादा बढ़ने पर लोगों की सेहत के लिए भी खतरनाक है। आगामी दिनों में आएगी कमी

^दीपावली आतिशबाजी हुई है। खेतों में लोगों ने पराली के अवशेष भी जलाएं हैं। इस वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। आगामी दो दिनों में प्रदूषण स्तर कम होगा। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। आने वाले दो दिनों में स्तर सामान्य होगा। एसके अरोड़ा, एक्सईएन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

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