हरियाणा कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक मामला:पुलवामा प्रिंटिंग प्रेस के मैनेजर ने जिस पेन ड्राइव में पेपर के चारों सेट दिए; वो पुलिस ने बरामद की, हार्ड डिस्क और मोबाइल भी जब्त

करनाल5 महीने पहले
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हरियाणा कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में पुलिस को वो पेन ड्राइव मिल चुकी है, जिसमें पेपर जम्मू से हरियाणा पहुंचा था। जिस कंप्यूटर से डाटा चुराया गया, उसकी हार्ड-डिस्क और डाटा पहुंचाने वालों का मोबाइल पुलिस ने कब्जे में लिया है। तीनों चीजें जम्मू कश्मीर से बरामद की गई हैं।

कैथल पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। 58 की गिरफ्तारी अभी बाकी है। कैथल पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने बताया कि जम्मू कश्मीर की पुलवामा प्रिंटिंग प्रेस के मैनेजर राकेश, कर्मचारी जितेंद्र कुमार व प्रश्न प्रत्र हासिल करने वाले एजाज अमीन को गिरफ्तार किया था।

इन तीनों का 10 दिन का रिमांड हासिल किया गया था और इनसे पूछताछ में पेपर लीक की सभी कड़ियां सुलझी थीं। तीनों के कब्जे से पेन-ड्राइव, हार्ड-डिस्क व मोबाइल बरामद कर लिए गए हैं। उनकी टीम अभी जम्मू कश्मीर में ही आरोपी मोहम्मद अफजल व मुजफ्फर अहमद की तलाश कर रही है।

पेपर लीक मामले के आरोपी।
पेपर लीक मामले के आरोपी।

तैयार की है 88 आरोपियों की लिस्ट

कैथल पुलिस ने मामले में आरोपी 88 लोगों की लिस्ट तैयार की हुई है। इनमें वे सभी लोग शामिल हैं, जिन्होंने पेपर लीक किया, करवाया, पेपर लिया, पेपर दिया और दूसरे के स्थान पर पेपर देने व दिलवाने वाले शामिल हैं। अब तक इनमें से 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 58 लोग अभी भी गिरफ्तार किए जाने बाकी हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दूसरे प्रदेशों में भी छापामारी कर रही है।

किसकी क्या भूमिका रही, जानिए...

- 31 जुलाई को प्रिंटिंग प्रेस के मैनेजर राकेश ने चारों सेट पेन ड्राइव में जितेंद्र कुमार को दिए।

- जितेंद्र ने पेपर पहले से तय 6 लाख रुपए की उधार में प्रेस के पूर्व कर्मी मुजफ्फर अहमद खान को दिए।

- मुजफ्फर ने जम्मू में सांख्यिकी अधिकारी एजाज अमीन और मोहम्मद अफजल से संपर्क किया।

- 5 अगस्त को अफजल आंसर- की लेकर दिल्ली पहुंचा, जहां खांडाखेड़ी के राजकुमार से मिला।

- अफजल ने 5 लाख रुपए में आंसर-की राजकुमार को दी। बाकी रुपए बाद में देने को कहा। राजकुमार, वेदप्रकाश व रेवाड़ी का राजकुमार इसे लेकर गुरुग्राम पहुंचे। राजकुमार ने पेपर की फोटोस्टेट करा एक कॉपी एक करोड़ में वेदप्रकाश को सौंपी।

- राजकुमार ने अपने भाई कुलदीप को पानीपत में बहन के घर बुलाकर आंसर-की दी।

- कुलदीप ने हिसार के खांडाखेड़ी के नरेंद्र को एक करोड़ में इसे बेचा। 20 लाख एडवांस लिए।

- नरेंद्र ने आंसर-की अपने दोस्त हिसार के नवीन, रोहतक के सोनू, साहिल और जींद के रमेश को दी।

- 6 अगस्त की रात को रमेश ने पहले से तैयार युवाओं को अपनी एकेडमी में बुलाकर आंसर-की दी।

- 7 अगस्त को गौतम, संदीप, नवीन माता गेट पर स्विफ्ट में अपने साथियों को व्हाट्सऐप पर आंसर-की भेजते हुए सीआईए वन के हत्थे चढ़ गए।

पेपर लीक मामले के आरोपी।
पेपर लीक मामले के आरोपी।

इन 30 की हो चुकी है गिरफ्तारी

1. नवीन गांव प्यौदा जिला कैथल।

2. संदीप गांव खापड़ जिला जींद।

3. गौतम गांव खापड़ जिला जींद।

4. रमेश गांव थुआ जिला जींद।

5. राजेश गांव किछाना जिला कैथल।

6. अनिल गांव थुआ जिला जींद।

7. संदीप गांव थुआ जिला जींद।

8. संदीप गांव तारखां कलां जिला जींद।

9. राजबीर गांव दरौली खेड़ा जिला जींद।

10. राजेश गांव उचाना खुर्द जिला जींद।

11. अशोक गांव उचाना कला जिला जींद।

12. सुरेंद्र उर्फ बिट्टू गांव से सेगा जिला कैथल।

13. नरेंद्र हिसार

14. राजकुमार उर्फ राजू गांव खांडा खेड़ी जिला हिसार।

15. अंकित गांव धमतान साहिब जिला जींद।

16. विकास गांव धमतान साहिब जिला जींद।

17. नसीर अहमद जिला पुलवामा जम्मू-कश्मीर।

18. बलजीत सिंह गांव कुंबा खेड़ा जिला हिसार।

19. अमन गांव का कापड़ो जिला हिसार।

20. सुशील गांव कुचराना कलां जिला जींद।

21. नरेश गांव सौंगरी जिला कैथल।

22. नसीब गांव ब्राह्मणी वाला जिला कैथल।

23. मुकेश थानेसर कुरुक्षेत्र।

24. सोनू उकलाना जिला हिसार।

25. धर्मबीर गांव मलिकपुर जिला भिवानी

26. राकेश कुमार, नगर चिनचुरा हुगली पश्चिम बंगाल

27. इजाज अमीन, दूद गंगा श्रीनगर

28. जितेंद्र कुमार, सिंद्रा जम्मू-कश्मीर

29. दयाचंद उर्फ मोती निवासी ढाणी ब्राह्मण जिला हिसार

30. गुडडू निवासी आर्य नगर हिसार

पेपर लीक मामले के आरोपी।
पेपर लीक मामले के आरोपी।

कौन है रमेश...

  • 10 से 15 लाख लेकर फर्जीवाड़ा से नौकरी लगवाता था
  • सेंटर की भर्तियों में सेंधमारी करने में एक्सपर्ट था
  • 2015 से अब तक 15 युवाओं को फर्जीवाड़े से लगवाई नौकरी
  • कैथल में बालाजी डिफेंस एकेडमी चलाता है
  • जींद जिले के गांव थुआ का रहने वाला हे
  • रेलवे, एयरफोर्स, नेवी, आर्मी नर्सिंग, सीआईएसएफ, क्लर्क की भर्तियों में कर चुका है फर्जीवाड़ा
  • कर्जदार होने पर टीचिंग छोड़ कोचिंग सेंटर खोला
  • शुरूआत उचाना में एक प्राइवेट स्कूल में टीचर के तौर पर की थी
  • हिसार निवासी नरेंद्र से आंसर-की ली थी।
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