करनाल की टीम ने पकड़ा लिंग जांच गिरोह:पंजाब के राजपुरा में सरकारी अस्पताल के क्वार्टरों में 25 हजार में अल्ट्रासाउंड, रेड मार कर 4 पकड़े

करनाल21 दिन पहले
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लिंग जांच गिरोह के साथ स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की टीम। - Dainik Bhaskar
लिंग जांच गिरोह के साथ स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की टीम।

हरियाणा के करनाल सामान्य अस्पताल की PNDT टीम ने पंजाब के राजपुरा में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से लिंग जांच करने वाले गिरोह के 4 लोगों को गिरफ्तार किया। एपी जैन सरकारी अस्पताल के क्वार्टरों में लिंग जांच के काम को अंजाम दिया जा रहा था। आरोपी 25 हजार में लिगं जांच करते थे। चारों के खिलाफ सिटी थाना राजपुरा में केस दर्ज करवाया है।

उप सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी पीएनडीटी डॉ. शीनू चौधरी ने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय में जिला की गर्भवती महिलाओं द्वारा अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग जांच करवाने के लिए हरियाणा के साथ सटे पंजाब के एरिया में अल्ट्रा साउंड करवाने बारे गुप्त सूचनाएं प्राप्त हो रही थी। इस पर जिला करनाल की पीएनडीटी टीम द्वारा पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के अंतगर्त पंजाब के राजपुरा में एक सफल रेड की गई।

सरकारी क्वार्टर में ले गया दलाल

पंजाब के राजपुरा में एक रेड के दौरान दलाल ने नकली गर्भवती महिला को एपी जैन सरकारी अस्पताल के डॉक्टर के क्वार्टर नम्बर 2 में ले गया। जहां पर उसने नकली गर्भवती महिला का पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन द्वारा अल्ट्रासाउंड किया। इसमें गर्भवती महिला को उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग लड़की बताया गया। इस पर मौके पर जिला पटियाला की पीएनडीटी टीम को बुलाया गया।

दलाल से मिले टीम द्वारा दिए नोट

रेड के दौरान टीम ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन को कब्जा में लिया। दलाल द्वारा लिंग जांच करवाने के लिए 25 हजार रुपए में सौदा तय किया गया था। टीम द्वारा 24 हजार रुपये (500 रुपये के 48 नोट) दलाल राम मूर्ति व कृष्ण गोपाल उर्फ सोनू बजाज से प्राप्त कर लिए गए और लिस्ट द्वारा मिलान करने पर ये वही नोट पाए गए जोकि टीम द्वारा नकली गर्भवती महिला को दिए गए थे।

4 के खिलाफ किया केस दर्ज

राममूर्ति, गुरविन्दर सिंह व कृष्ण गोपाल उर्फ सोनू बजाज को पुलिस थाना सिटी राजपुरा को सौंप दिया। रेड से संबंधित सभी मूल दस्तावेज बयान पटियाला की पीएनडीटी टीम को सौंप दिए। चारों आरोपियों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहबत एफआईआर दर्ज केस दर्ज किया। कृष्ण गोपाल के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत चार मामले पहले से ही दर्ज हैं।