व्यवस्था हुई ठप:बसों के सामने परीक्षार्थियों की जबरदस्त भीड़, खिड़की पर लटकने और छतों पर बैठकर सफर करने के लिए हुए मजबूर

करनालएक महीने पहले
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सीईटी परीक्षा को लेकर बसों में छतों पर बैठकर परीक्षार्थी सफर करते हुए। - Dainik Bhaskar
सीईटी परीक्षा को लेकर बसों में छतों पर बैठकर परीक्षार्थी सफर करते हुए।

सीईटी (कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा के लिए रोडवेज प्रशासन की तरफ से 332 बसों की व्यवस्था की गई। करनाल, असंध, इंद्री समेत अन्य कस्बों से सीधे कुरुक्षेत्र, अंबाला कैंट और चंडीगढ़ के लिए बसे चलाई गई। इसी तरह हिसार के लिए भी स्पेशल बसें चलाई गई।

संडे को छुट्‌टी के दिन दैनिक यात्री बहुत कम रहे, लेकिन परीक्षार्थियों की जबरदस्त भीड़ रही। करनाल के पुराने बसस्टैंड से बसों के संचालन की व्यवस्था को रोडवेज के जीएम कुलदीप सिंह और एमवीओ अनिल तंवर संभाल रहे थे। दिनभर बसस्टैंड पर यात्रियों की भीड़ बनी रही। यात्री खिड़कियों में लटकने और छतों पर बैठकर सफर करने के लिए मजबूर हुए।

दिनभर रोडवेज की बसें जहां लंबे मार्गों पर चलाई गई, वहीं प्राइवेट बसें लोकल में रही। सवारियों की अधिकता पर स्कूल समेत अन्य बसों का भी आवागमन करवाया गया। लंबे रूट्स पर जाने वाली बसों को लोकल सवारियों को नहीं उठाया गया। भले ही उनकी बस में सवारी बैठाने की जगह थी। ऐसे में लोकल अड्‌डों पर सवारियों ने बसों का इंतजार करना पड़ा।

करनाल से असंध मार्ग पर ठरी गांव के विनोद, सुमित ने बताया कि सुबह पर आठ बजे से अड्‌डे पर खड़े थे। उनका अंबाला कैंट पेपर था। उनके सामने से चंडीगढ़ जाने वाली चार बसें निकली, लेकिन एक भी बस नहीं रूकी। प्राइवेट बस के आने पर उन्हें करनाल तक का सफर मिला और इसके बाद वह करनाल से चंडीगढ़ जाने वाली बस में सफर किया। यह परेशानी दिनभर बनी रही

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