10 फोटो में देखें कैसे कटी किसानों की रात:करनाल में धरने पर बैठे हैं; कोई सोया तो कोई जागता रहा, किसी ने सड़क पर चादर बिछाई तो कुछ बैरिकेड के ऊपर सोए

करनाल3 महीने पहले
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हरियाणा के करनाल जिले में लघु सचिवालय के सामने हजारों की संख्या में किसान धरने पर बैठे हैं। वहीं, पुलिस जवान और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान सुरक्षा के लिए तैनात हैं। किसानों ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया हुआ है। ऐसे में अगले कुछ दिन किसान और पुलिस जवान इसी तरह लघु सचिवालय के बाहर डटे रह सकते हैं। मंगलवार को धरने की पहली रात थी और हम आपको तस्वीरों में दिखा रहे हैं कि किसानों और जवानों की पहली रात कैसी कटी...

हरियाणा के करनाल जिले में लघु सचिवालय के बाहर हजारों किसान बसताड़ा टोल पर धरने पर हैं। ये किसानों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध कर रहे हैं।
हरियाणा के करनाल जिले में लघु सचिवालय के बाहर हजारों किसान बसताड़ा टोल पर धरने पर हैं। ये किसानों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध कर रहे हैं।
किसान मंगलवार की पूरी रात बैठे रहे। बुधवार को दिन की शुरुआत भी नारेबाजी के साथ की।
किसान मंगलवार की पूरी रात बैठे रहे। बुधवार को दिन की शुरुआत भी नारेबाजी के साथ की।
धरनास्थल पर किसानों ने टेंट गाड़ लिए हैं। यह उनका अनिश्चितकालीन धरना है।
धरनास्थल पर किसानों ने टेंट गाड़ लिए हैं। यह उनका अनिश्चितकालीन धरना है।
लघु सचिवालय के गेट पर पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस के जवान तैनात हैं। इन्हें किसानों को किसी भी कीमत पर अंदर न जाने देने के आदेश दिए गए हैं।
लघु सचिवालय के गेट पर पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस के जवान तैनात हैं। इन्हें किसानों को किसी भी कीमत पर अंदर न जाने देने के आदेश दिए गए हैं।
किसानों ने भी सचिवालय में आवाजाही रोकी हुई है। उनका कहना है कि वे न तो किसी को अंदर जाने देंगे और न ही कोई काम होने देंगे।
किसानों ने भी सचिवालय में आवाजाही रोकी हुई है। उनका कहना है कि वे न तो किसी को अंदर जाने देंगे और न ही कोई काम होने देंगे।
करनाल में आवाजाही सुचारू रूप से बहाल कर दी गई है। अब किसी को कहीं आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी, लेकिन लघु सचिवालय न आने की अपील की गई है, क्योंकि यहां होने वाले सभी काम बाधित हो सकते हैं।
करनाल में आवाजाही सुचारू रूप से बहाल कर दी गई है। अब किसी को कहीं आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी, लेकिन लघु सचिवालय न आने की अपील की गई है, क्योंकि यहां होने वाले सभी काम बाधित हो सकते हैं।
किसानों ने किसी भी अधिकारी को लघु सचिवालय में प्रवेश न करने देने का ऐलान किया है। उधर, प्रशासन की तरफ से भी अभी तक आमजन और कर्मचारियों के कामकाज को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
किसानों ने किसी भी अधिकारी को लघु सचिवालय में प्रवेश न करने देने का ऐलान किया है। उधर, प्रशासन की तरफ से भी अभी तक आमजन और कर्मचारियों के कामकाज को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
लघु सचिवालय में बने कार्यालयों में रोजाना 5000 लोग पहुंचते हैं, लेकिन अपील है कि सचिवालय के कामकाज के लिए जरूरी न हो तो आज न आएं।
लघु सचिवालय में बने कार्यालयों में रोजाना 5000 लोग पहुंचते हैं, लेकिन अपील है कि सचिवालय के कामकाज के लिए जरूरी न हो तो आज न आएं।
लघु सचिवालय में डीसी, एसपी, एसडीएम, ई-दिशा केंद्र, सीएम विंडो, तहसील, ट्रेजरी, एडीसी, डीआरओ, डीडीपीओ, डीईओ, निर्वाचन आयोग, श्रमिक कार्यालय हैं। इसके अलावा बैंक, समाज कल्याण, जिला कल्याण, और रोजगार विभाग के दफ्तर भी हैं।
लघु सचिवालय में डीसी, एसपी, एसडीएम, ई-दिशा केंद्र, सीएम विंडो, तहसील, ट्रेजरी, एडीसी, डीआरओ, डीडीपीओ, डीईओ, निर्वाचन आयोग, श्रमिक कार्यालय हैं। इसके अलावा बैंक, समाज कल्याण, जिला कल्याण, और रोजगार विभाग के दफ्तर भी हैं।
प्रदेश सरकार ने करनाल में 8 सितंबर के दिन इंटरनेट सेवा बंद रखने का ऐलान किया है, जबकि बाकी सभी जिलों की इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया गया है।
प्रदेश सरकार ने करनाल में 8 सितंबर के दिन इंटरनेट सेवा बंद रखने का ऐलान किया है, जबकि बाकी सभी जिलों की इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया गया है।
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