मंजूर अहमद 9 दिन पुलिस रिमांड पर:महिला को न्यायिक हिरासत में भेजा, आर्मी में भर्ती के नाम पर 280 युवाओं से ठगे हैं 6 करोड़

करनाल5 महीने पहले
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दिल्ली से पकड़ा गया मंजूर अहमद गिनी। - Dainik Bhaskar
दिल्ली से पकड़ा गया मंजूर अहमद गिनी।

करनाल पुलिस ने भारतीय सेना में भर्ती कराने के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह अब तक 280 युवाओं से फ्रॉड कर चुका है। गैंग लीडर कश्मीर के मंजूर अहमद गनी को आज कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 9 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

रिमांड के दौरान पता किया जाएगा कि मंजूर अहमद गिनी आर्मी कैंप में कैसे फिजिकल करवाते थे। इस काम में उसके साथ कौन-कौन मिला हुआ है। साथ युवाओं के लिए गए 6 करोड़ रुपये को गिनी ने कहां पर रखा हुआ है। गनी को दिल्ली से पकड़ा गया। गिरफ्तार की गई उसकी दूसरी साथी महिला करनाल के घरौंडा की रहने वाली है। महिला का आज चार दिन का रिमांड पूरा हो रहा है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

अंबाला के रोहताश शर्मा ने करनाल पुलिस से शिकायत की थी। रोहताश शर्मा के अनुसार, वह अंबाला में अकादमी चलाता है। जहां युवाओं को सरकारी नौकरी की तैयारी करवाई जाती है। वर्ष 2015 में उसके बाद प्रमोद कुमार नामक युवक सरकारी नौकरी की तैयारी करने आया। प्रमोद ने ही उसे बताया कि करनाल के घरौंडा की धर्मवीर कॉलोनी में रहने वाली प्रवेश कुमारी नामक महिला पैसे लेकर भारतीय आर्मी में युवाओं का सिलेक्शन करवाती है। प्रमोद ने ही उसे प्रवेश कुमारी से मिलवाया। दरअसल, प्रवेश कुमारी इस गैंग की एक कड़ी थी।

सीआईए टीम द्वारा पकड़े गए आरोपी।
सीआईए टीम द्वारा पकड़े गए आरोपी।

घरौंडा की प्रवेश कुमारी गैंग की पहली कड़ी

रोहताश शर्मा के अनुसार, प्रवेश कुमारी ने उसकी एकेडमी में कोचिंग लेने वाले युवाओं का सिलेक्शन भी आर्मी में करवाने का दावा किया। इस दावे पर भरोसा करके उसने अपनी अकादमी में कोचिंग लेने वाले युवाओं की बात प्रवेश कुमारी से करवा दी। प्रवेश कुमारी से बातचीत में कई युवा पैसे देकर आर्मी में भर्ती होने को तैयार हो गए। उनमें से काफी युवाओं ने प्रवेश कुमारी को रकम एडवांस में दे दी।

जेएंडके के आर्मी कैंप में बुलाकर दिए जॉइनिंग लेटर

रोहताश शर्मा के अनुसार, प्रवेश कुमारी और उसके गैंग ने पैसे देने वाले युवाओं को जम्मू एंड कश्मीर में एक आर्मी कैंप में बुलाया। वहां उनसे सारी औपचारिकताएं पूरी करवाई गईं। उसके बाद जॉइनिंग लेटर भी दिए गए, मगर जॉइनिंग का समय नहीं बताया। युवा जब भी प्रवेश कुमारी से जॉइनिंग के लिए पूछते, वह टालमटोल करने लगती। कई महीने यही सिलसिला चलता रहा तो युवाओं को फ्रॉड का अंदेशा हुआ। घरौंडा थाने में रोहताश के बयान पर आईपीसी की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत केस दर्ज कर लिया गया।

कुरुक्षेत्र से दबोचा प्रवेश कुमारी को

करनाल पुलिस ने इस केस की जांच सीआईए-वन की टीम को सौंप दी। जांच के दौरान सब-इंस्पेक्टर रणबीर सिंह की अगुवाई वाली टीम ने प्रवेश कुमारी को कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट से उसका 4 दिन का रिमांड लेकर पूछताछ की गई तो उसने जम्मू-कश्मीर के मंजूर अहमद गनी का नाम बताया जो इस गैंग का मास्टरमाइंड था। गनी के सिर पर 25 हजार रुपए का ईनाम भी है।

दिल्ली से पकड़ा गनी को

करनाल पुलिस की टीम ने 22 दिसंबर को मंजूर अहमद गनी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। गनी जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के शिवपुरी एरिया का रहने वाला है। गनी को करनाल लाया गया। अब तक की जांच के अनुसार, घरौंडा में रहने वाली प्रवेश कुमारी को जयप्रकाश नामक शख्स ने राकेश नामक व्यक्ति से मिलवाया। राकेश ने ही प्रवेश कुमारी को बताया कि उसके पास एक ऐसा आदमी है जो रुपए लेकर आर्मी में नौकरी लगवाता है। इसके बाद राकेश ने प्रवेश कुमारी की मुलाकात मंजूर अहमद गनी से करवाई।

4.20 लाख रुपए का रेट

मंजूर अहमद गनी ने आर्मी में एक युवा की सिलेक्शन करवाने का रेट 4 लाख 20 हजार रुपए बताया था। इसमें प्रवेश कुमारी का कमीशन शामिल था। इसके बाद प्रवेश कुमारी हरियाणा के अलग-अलग जिलों के कोचिंग एकेडमी में पढ़ने वाले युवाओं से संपर्क करती और उन्हें अपने जाल में फंसाती। इसके बाद वह पूर्व नियोजित प्लान के तहत संबंधित युवा को जम्मू-कश्मीर के आर्मी कैंप में भेज देती। वहां उसका फिजिकल टेस्ट, मेडिकल कराया जाता। इसके बाद गनी उन्हें फर्जी वेरिफिकेशन लेटर और फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा देता था।

कोर्ट स्टे की बात कहकर टालमटोल

कुछ समय लटकाने के बाद जॉइनिंग के लिए बुलाया जाता और वहां कहा जाता कि आपकी भर्ती पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। इस तरह अलग-अलग बहाने बनाकर युवाओं को लटकाया जाता। अब तक की जांच के अनुसार, यह गैंग हरियाणा के करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद और दूसरे जिलों के तकरीबन 280 युवाओं के साथ धोखाधड़ी की।

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