पराली किसी भी सूरत में न जलाई जाए:समुचित प्रबंधन करने के लिए किसानों को करें प्रेरित, सुविधा करवाएं मुहैया - सीएम

करनाल2 महीने पहले
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  • मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से धान खरीद कार्य, फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला उपायुक्तों के साथ की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को चंडीगढ़ से वीसी के माध्यम से धान खरीद कार्य, फसल अवशेष प्रबंधन, बरसाती पानी के भू-रिचार्ज व स्टोरेज, डीएपी खाद की उपलब्धता और विकास कार्यों को लेकर जिला उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक की और कहा कि सभी अधिकारी उक्त सभी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को लेकर लक्ष्य निर्धारित करके स्थायी व्यवस्था बनाएं ,ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने उक्त योजनाओं को लेकर जिलावार संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पराली किसी भी सूरत में न जलाई जाए, बल्कि इसका समुचित प्रबंधन करने के लिए किसानों को प्रेरित करें। वीसी में डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिला की मंडियों में धान खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। अब तक 4 लाख 39 हजार 532 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है।

डीएपी खाद की उपलब्धता के बारे में बताया कि जिले में फिलहाल 3 हजार मीट्रिक टन यानि 60 हजार बैग उपलब्ध हैं, लेकिन अभी और आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि डीएपी खाद को लेकर 87 पॉइंट निर्धारित हैं जिनकी फिजीकल वेरिफिकेशन के लिए संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर बीडीपीओ व एचसीएस स्तर के अधिकारी वेरिफिकेशन का कार्य करेंगे ताकि कालाबाजारी को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि जिला में फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सजग है। जिला में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं से जुड़े 39 किसानों के चालान हो चुके हैं जिन पर 97 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

बैठक में ये रहे माैजूद : इस अवसर पर एडीसी योगेश कुमार, एसडीएम करनाल गौरव कुमार, एसडीएम घरौंडा डा. पूजा भारती, एसडीएम इंद्री सुमित सिहाग, एसडीएम असंध मनदीप कुमार, सीटीएम अभय सिंह जांगड़ा, एचएसवीपी के संपदा अधिकारी मयंक भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, डीडीए डाॅ. आदित्य प्रताप डबास, डीएफएससी निशांत मौजूद रहे।

जिले को 13 कलस्टरों में बांटा, पराली की जाएगी एकत्रित

पूरे जिले को 13 कलस्टरों में बांटा गया है, जहां पर संबंधित गांवों से किसानों की पराली एकत्रित होगी और वहां से उद्योगों को चली जाएगी। कृषि विभाग की ओर से 6 प्रचार वाहन गांव-गांव पहुंचकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं । मंदिर व गुरुद्वारों से भी मुनियादी करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा अब तक 323 जागरूकता कैंप लगाए गए हैं तथा सार्वजनिक स्थानों पर 100 बड़े-बड़े होर्डिंग्स और 140 वॉल पेंटिंग करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर अनुदान राशि पर दिए जाने वाले मशीनरी के लिए 807 किसानों को निजी तौर पर मशीनरी के लिए स्वीकृति प्रदान दी गई है जिनमें से 740 किसानों ने मशीनरी खरीदकर बिल कृषि विभाग के पास जमा करवा दिए हैं।

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