भ्रष्टाचार की जांच क्यों नहीं:जुंडला और घीड़ अनाजमंडी में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार मामले की जांच ठंडे बस्ते में

करनाल23 दिन पहले
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करनाल. अनाजमंडी में धान का दृश्य। - Dainik Bhaskar
करनाल. अनाजमंडी में धान का दृश्य।

भास्कर न्यूज | करनाल जुंडला और घीड़ अनाजमंडी में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों की जांच शुरू नहीं हुई है। त्याेहारी सीजन में सप्ताहभर से चल रही छुटि्टयों के कारण पुलिस सिर्फ एफआईआर तक सिमित है। इन छुटि्टयों में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे जुंडला मंडी के सेक्रेट्री अजय संधू, सुपरवाइजर कुलदीप, एआर विकास मान समेत 12 और घीड़ मंडी के सेक्रेट्री धीरज कुमार समेत चार अधिकारी जांच में क्लीन चिट लेने के लिए बचाव का रास्ता ढूंढ रहे हैं।

जबकि प्राथमिक जांच में पीआर धान में फर्जीवाड़े में इनकी संलिप्तता पकड़ी जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की जांच जब तक सख्त नहीं होती तब तक भ्रष्टाचार करने वाले मिलीभगत कर जाएंगे। इससे पहले करनाल, इंद्री व तरावड़ी के सेक्रेट्रियों को सस्पेंड किया जा चुका है। पीआर धान में भ्रष्टाचार करने वाले जुंडला और घीड़ मंडी के अधिकारी मंडियों में ही चक्कर लगा रहे हैं।

जुंडला अनाजमंडी में करीब 25 हजार 852 क्विंटल पीआर धान का फर्जीवाड़ा पाया गया है। इसकी कीमत 5 करोड़ से ज्यादा है। फर्जीवाड़े में सेक्रेट्री अजय संधू, सुपरवाइजर कुलदीप, एआर विकास मान समेत 12 कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई है। इसके अलावा मंडी के आढ़तियों के भी 41 हजार कट्‌टे कम मिले हैं। मार्किट कमेटी ने केस दर्ज करवाकर पुलिस को जांच सौंप दी है।

जुंडला मंडी में गड़बड़ करने वालों को बदला जुंडला मंडी में भ्रष्टाचार करने वालों को भी बदल दिया गया है। सेक्रेट्री अजय संधू को सीट से हटा दिया है। जुंडला मंडी में मुमताज अली, यशपाल, विनोद कुमार, गुलाब सिंह समेत अन्य को लगाया है। ताकि मंडी में आगे गड़बड़ न हो सके। सरकार की तरफ से फिलहाल 15 नवंबर तक खरीद प्रक्रिया चालू रहेगी। जिले की अनाज मंडियों में अब तक 10 लाख 39 हजार 482 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। जांच में लग सकता है टाइम जुंडला मंडी में सेक्रेट्री अजय संधू, एआर विकास मान समेत 12 पर केस दर्ज है। मामले की जांच की जानी है। त्यौहारी सीजन में छुटि्टयां चलने के कारण अब तक मार्किट कमेटी की तरफ से रिकॉर्ड पेश नहीं किया है। जांच में टाइम लग सकता है। निष्पक्ष जांच की जाएगी। भ्रष्टाचार करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा। -मुकेश कुमार, इंचार्ज, जुंडला चौकी। 29 अक्टूबर से अब तक पुलिस की तरफ से जांच ही आगे नहीं बढ़ी है। ऐसे में भ्रष्टाचार करने वाले गड़बड़ को छुपा जाएंगे। इसी तरह 13 अक्टूबर को दर्ज केस में घीड़ मंडी की जांच भी पेंडिंग हैं। घीड़ मंडी में 20 हजार क्विंटल धान का फर्जीवाड़ा करने के आरोप थे। लोगों का कहना है कि इस तरह संगीन आरोपों पर केस दर्ज होने के बाद आम पब्लिक को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाता है, जबकि मंडी में गबन करने वाले आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं है।

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