गोवर्धन पूजा पर कृष्णमयी हुआ करनाल:कान्हा ने उठाया पर्वत तो हैरान रह गए इंद्र फिर हुई गोवर्धन की जय-जयकार

करनाल24 दिन पहले
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करनाल. गाय काे गुड़ खिलाते हुए। - Dainik Bhaskar
करनाल. गाय काे गुड़ खिलाते हुए।

पंडित चेतन देव ने कहा कि गोवर्धन पूजा का अपना ही महत्व है, इस दिन गायों को खाना खिलाया जाता है और यह सब भगवान श्री कृष्ण की लीला का ही स्वरूप है। इसके पीछे इंद्रदेव और कान्हा का प्रसंग जुड़ा है। जब एक बार इंद्रदेव अभिमान में आ गए कि उनके बिना पृथ्वी पर किसी को भोजन पानी नहीं मिल सकता तो इसी अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने लीला रची और आखिरकार बाद में इंद्र को भगवान श्री कृष्ण के समक्ष नतमस्तक होना पड़ा और तब से गोवर्धन पूजा शुरू हुई। इससे पहले सुबह पांच बजे वैद्य देवेंद्र बत्रा एवं उनकी धर्मपत्नी दर्शना बत्रा ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर हवन में आहुति डाली। कार्यक्रम का संचालन भंडारा कमेटी के प्रधान भारत भूषण काकू ने किया। सागर कुमार ने भजनों का गुणगान किया ढोलकी मास्टर अशोक पोपली ने भजनों का साथ दिया। सचिन क्वात्रा ने कथा का लाइव प्रसारण किया। बाद में गोवर्धन पूजा की गई गायों को चारा खिलाया गया। बाबा रामदास गिरी काली कमली के गद्दी नशीन राघवेंद्र बत्रा की धर्मपत्नी दर्शना बत्रा व भंडारा कमेटी के प्रधान भारत भूषण काकू ने गायों को भोजन कराया।

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