करनाल में मिला संदिग्ध मंकीपॉक्स मरीज:स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप; अस्पताल में युवक को किया आइसोलेट, सैंपल भेजा पुणे

करनाल3 महीने पहले
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हरियाणा के करनाल में मंकीपॉक्स का एक संदिग्ध मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से युवक का सैंपल पुणे भेज दिया गया है। बुधवार को मरीज सिविल अस्पताल में इलाज कराने के लिए आया था। उसमें लक्षण मिलने पर डॉक्टर ने इसकी सूचना CMO और सर्विलांस अधिकारी को दी। इसके बाद युवक का सैंपल जांच के लिए पुणे भेजा।

जानकारी के अनुसार, बुधवार को गांव सिरसी रहने वाले 26 वर्षीय युवक को मंकीपॉक्स के लक्षण मिलने पर सिविल अस्पताल में आइसोलेट किया गया है। उसके सैंपल पुणे भेजे गए हैं, अगर मंकीपॉक्स सैंपल पास होता है तो यह हरियाणा का पहला केस होगा। फिलहाल करनाल जिले में संदिग्ध यह पहला मरीज है। युवक ट्रैवल हिस्ट्री कुंडली बॉर्डर हिसार और अमृतसर बताई जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मंकीपॉक्स वायरस एक मानव चेचक के समान एक वायरल संक्रमण है। इसके लक्षण इस प्रकार है। बार-बार तेज बुखार आना, पीठ और मांसपेशियों में दर्द, त्वचा पर दाने पड़ना, खुजली की समस्या होना, शरीर में सामान्य रूप से सुस्ती आना, मंकीपॉक्स वायरस की शुरुआत चेहरे से होती है। संक्रमण आमतौर पर 14 से 21 दिन तक रहता है, चेहरे से लेकर बाजुओं, पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों पर रैशेज होना, गला खराब होना और बार-बार खांसी आना आदी है।

ऐसे फैलता है संक्रमण

CMO योगेश शर्मा ने बताया कि यह मंकीपॉक्स संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। ऐसे में लोगों को शारीरिक संपर्क से बचाव रखना चाहिए। किसी व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण हैं तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। संक्रमित व्यक्ति को इलाज पूरा होने तक खुद को आइसोलेट रखना चाहिए। मंकीपॉक्स वायरस त्वचा, आंख, नाक या मुंह के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। यह संक्रमित जानवर के काटने से या उसके खून, शरीर के तरल पदार्थ या फर को छूने से भी हो सकता है।

मंकीपॉक्स का नहीं कोई इलाज

CMO योगेश शर्मा ने बताया कि अब तक मंकीपॉक्स का कोई इलाज नहीं है, लेकिन चेचक का टीका मंकीपॉक्स को रोकने में 85 प्रतिशत प्रभावी साबित हुआ है। मंकीपॉक्स को यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने इसे कम जोखिम वाला वायरस बताया है। फिलहाल युवक को आइसोलेट किया गया है। डॉक्टरों की टीम युवक का इलाज कर रही है। युवक का सैंपल टेस्ट के लिए पुणे भेज दिया गया। रिपोर्ट आने के बाद ही करनाल में मंकीपॉक्स की पुष्टि की जा सकती है।