हरियाणा सरकार की नई योजना:हरा चारा गौशाला को बेचने पर 10 हजार रुपए प्रति एकड़ मिलेगा अनुदान; रेट अलग होगा

करनालएक महीने पहले
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हरियाणा सरकार ने प्रदेश में चारा की कमी को देखते हुए एक नई योजना चलाई है। इस योजना के तहत किसान को 10 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। किसान को योजना का लाभ लेने के लिए अपने हरे चारे को गौशाला में बेचना होगा। चारा का तय भाव के अनुसार दाम अलग से मिलेगा और सरकार द्वारा प्रति एकड़ 10 हजार रुपए अनुदान भी दिया जाएगा।

सहायक तकनीकी प्रबंधक सतबीर सिंह ने बताया कि अबकी बार हरियाणा सरकार की तरफ से गौशाला को हरा चारा बेचने पर प्रति एकड़ 10000 रुपये अनुदान दिया जाएगा। एक किसान अधिकतम 10 एकड़ तक लाभ ले सकेगा। किसान को चारा बेचने के लिए गौशाला के प्रबधंक के साथ सहमति मूल्य पर चारा बेचने के लिए अनुबंध करना होगा। सरकार ने यह स्कीम गौशाला में चारा की किल्लत को देखते हुए चलाई है।

यूं मिलेंगे 11 हजार रुपए

उन्होंने किसानों को धान की सीधी बिजाई पर प्रति एकड़ 4000 रुपए व मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत 7000 रुपए प्रति एकड़ मिलने की भी जानकारी दी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से धान की सीधी बिजाई पर प्रति एकड़ 4000 रुपए अनुदान प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में मौजूद किसान।
कार्यक्रम में मौजूद किसान।

इसके लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत कोई भी किसान जो मोटी धान को छोड़कर अन्य फसल जैसे कपास, मक्का, चारा व दाल की अन्य कोई भी फसल उगाएगा। उस किसान को प्रति एकड़ 7000 रुपए अनुदान प्रदान किया जाएगा।

ऐसे करें सीधी बिजाई

धान की सीधी बिजाई के लिए सबसे पहले खेत को कम्प्यूटरीकृत लेवलर से समतल करना होगा। उसके बाद 6-8 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ के हिसाब से 10-12 घंटे पानी मे भिगोकर रखना है। उसके बाद लगभग 5 घंटे छाया में सूखाकर रखना है। बीज को 3 ग्राम कर्बन्दडिज्म प्रति किलोग्राम के हिसाब से उपचारित करना है।

धान की सीधी बिजाई लकी सीड ड्रिल के द्वारा करना ज्यादा फायदेमंद रहता है, क्योंकि इसमें खरपतवार नाशक दवाई का स्प्रे बिजाई के साथ में ही हो जाता है। किसान धान की सीधी बिजाई करके किसान काफी मात्रा में पानी को बचा सकते हैं।

इस अनुबंध के बाद मिलेगा चारे पर अनुदान।
इस अनुबंध के बाद मिलेगा चारे पर अनुदान।

ये रहे मौजूद

कृषि पर्यवेक्षक विक्रम सिंह ने किसानों को मिट्टी, पानी जांच के बारे विस्तारपूर्वक बताया। सहायक तकनीकी प्रबंधक मनदीप, कृषि पर्यवेक्षक नवीन व किसान कुलदीप और पाला राम उपस्थित रहे।