• Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Karnal
  • Karnal News, Farmers Picked Up Paddy Due To Non start Of Paddy Procurement In The Mandis, Left For Other States To Escape

करनाल में आढ़तियों ने नहीं खरीदा धान:दिनभर इंतजार करते रहे किसान, शाम को दूसरे राज्यों में फसल बेचने हुए रवाना

करनाल4 महीने पहले
ट्रॉली में धान लोड करते किसान।

हरियाणा के करनाल में गुरुवार को आढ़तियों की हड़ताल का चौथा दिन था। चार दिन से किसान अपनी धान को लेकर मंडियों में बैठे हुए थे। किसानों द्वारा आढ़तियों को धान खरीद के लिए दोपहर तक समय दिया था, लेकिन आढ़तियों ने धान खरीद शुरू नहीं की। इसके बाद किसानों ने अपनी धान को मंडियों से उठाना शुरू कर दूसरे राज्यों में ले जाना शुरू कर दिया।

बरसात में मार्केट कमेटी के बाहर धरना देकर बैठे किसान।
बरसात में मार्केट कमेटी के बाहर धरना देकर बैठे किसान।

बता दें कि आढ़तियों की हड़ताल के कारण पिछले चार दिनों से मंडी में काफी किसान अपनी धान की फसल लेकर आए हुए थे। मंडी में व्यवस्था न होने के कारण शेड के नीचे पड़ी धान भी अब नमी पकड़कर काली होनी शुरू हो गई थी। जिसके चलते अनाज मंडियों में सर छोटू राम किसान यूनियन के नेताओं ने धरना भी दिया था। सुबह आढ़तियों और व्यापारियों से मीटिंग भी की थी। मीटिंग में किसानों ने दोपहर तक समय दिया था या तो धान की खरीद शुरू करो नहीं तो हम अपनी धान को यहां से उठाकर दूसरे राज्यों में बेच कर आएंगे।

बरसात के कारण धान खराब होने के कगार पर पहुंची

सर छोटू राम किसान यूनियन के नेता अमृतपाल ने कहा कि पिछले तीन दिन से बरसात के कारण मंडी में खुले में पड़ी किसान की धान खराब होने के कगार पर पहुंच गई थी। जिसके चलते गुरुवार को किसानों ने निसिंग व घरौंडा की अनाज मंडी में विरोध प्रदर्शन भी किया। मार्केट कमेटी में अधिकारियों, आढ़तियों व व्यापारियों के साथ मीटिंग भी की।

मीटिंग के बाद धान खरीद के लिए दोपहर तक का समय दिया था, लेकिन उसके बाद जब आढ़तियों में धान की खरीद शुरू नहीं की तो किसानों ने मजबूरन अपनी धान को मंडियों से उठाना पड़ा और दूसरे राज्यों में बेचने के लिए रवाना होना पड़ा।

ट्रॉली में धान को लोड करते मजदूर।
ट्रॉली में धान को लोड करते मजदूर।

कल करेगें शहाबाद में जाम, परसो CM आवास का घेराव

किसान नेता अमृतपाल ने बताया कि आढ़तियों द्वारा धान की खरीद शुरू न करने पर कल किसान शाहबाद में जाम लगाएंगे और शनिवार को करनाल में CM आवास का घेराव करेंगे। जिस तरह से आढ़ती किसानों का साथ कर रहे हैं इन आढ़तियों का लाइसेंस भी रद्द करवाने की मांग करेंगे। मंडियों में सरेआम किसानों के साथ धक्का हो रहा है। अगर आढ़ती किसानों का साथ दें तो जिस ट्रैक्टर वह धान की फसल लेकर मंडी में आए हैं उसी से बैरिकेड तोड़कर CM के आवास के बाहर बैठेंगे। मांगे पूरी करवा कर ही लौटेंगे, लेकिन आढ़ती ही किसानों को बर्बाद करने पर खड़े हो गए हैं।

मजदूरों का किसानों को समर्थन

पिछले चार दिन से हड़ताल के चलते मंडी में काम करने वाले मजदूर की दिहाडी नहीं लग रही है। वह भी दिहाड़ी के इंतजार में चार दिन से मंडी में खाली बैठे हैं। वह दूसरे राज्यों से हरियाणा में अपने परिवार का गुजार बसर करने के लिए दिहाड़ी करने आए थे। मंडी में बैठे मजदूरों ने कहा कि वह किसानों का सर्मथन करते हैं। अगर मंडी में धान खरीद ही नहीं होगी तो उनका गुजारा कहां से होगा। अगर आढ़ती धान की खरीद शुरू नहीं करते तो वह भी वापस अपने घरों की और पलायन करेंगे।