करनाल के 4 टीचर्स को स्टेट अवॉर्ड:अनीता भी होंगी सम्मानित, जिनके तबादले पर रोते अंजनथली के बच्चों के वीडियो पर आए 2 करोड़ व्यूज

करनाल3 महीने पहले

हरियाणा सरकार ने 5 सितंबर को टीचर्स-डे पर सम्मानित करने के लिए जिन शिक्षकों को सेलेक्ट किया है, उनमें करनाल के भी 4 टीचर हैं, जिनके नाम अनीता भारत, रेनू मलिक, जीत सिंह मान व रामनिवास हैं। इन चारों ने एजुकेशन डिपार्टमेंट में अपनी नौकरी को कभी महज जॉब समझकर काम नहीं किया, बल्कि अपना धर्म समझ कर बच्चों को पढ़ाई के लिए मोटिवेट किया।

स्टेट अवॉर्ड के लिए सिलेक्ट अनीता कहती हैं, ’कंपीटिशन के दौर में टीचर का सक्षम होना जरूरी है। टीचर कोई भी हो, उसे खुद को उदाहरण बनाकर बच्चों के सामने पेश करना चाहिए। अवॉर्ड बेशक टीचर को प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन उसका असली अवॉर्ड तो बच्चों का संवरा हुआ भविष्य ही है।

शिक्षक की उपलब्धियों से बच्चों को मिलती सीख

राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैबतपुर इंद्री में कार्यरत हिंदी अध्यापिका अनीता ने लोक नृत्य और थिएटर में बेहतर प्रदर्शन के कारण दो बार लगातार प्रथम स्थान हासिल किया है। हिंदी अध्यापिका अनीता ने कहा कि कला किसी उम्र की मोहताज नहीं है। सबसे पहले स्वयं को उदाहरण स्वरूप प्रस्तुत करना चाहिए। नीलोखेड़ी शहर में जन्मी इस बेटी ने शिक्षा के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन कर शिक्षा के जगत में नाम कमाया है। शिक्षिका अनीता को हरियाणा भूषण-2022 के अवार्ड से नवाजा गया है।

स्कूल में बच्चो के साथ शिक्षिका अनीता।
स्कूल में बच्चो के साथ शिक्षिका अनीता।

शिक्षिका के तबादले पर लिपट कर रोने वाले विद्यार्थी की वीडियो पर आए थे 2 करोड़ व्यूज

बता दें कि अंजनथली वरिष्ठ माध्यामिक विद्यालय में टीचर के तबादले पर बच्चों के लिपट कर रोने की वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी तो उस वीडियो पर आए 2 करोड़ व्यूज आए थे। वीडियो वायरल होने के बाद ही शिक्षिका अनीता की कुशल कार्यप्रणाली उभर कर सामने आई। इसके बाद राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैबतपुर इंद्री में नियुक्ति लेने के बाद यहां भी बच्चों के अलावा गांव में पहचान बनाई। बच्चे जब अपने घर में अभिभावकों को अपनी शिक्षिका से मिलने वाले प्रेम और पढ़ाई के तरीके बारे में बताते तो गांव में भी उनका दर्जा ऊंचा हो गया। अनीता का दावा है कि माता-पिता के बाद शिक्षक पर बच्चों की जिम्मेदारी होती है।

पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में संलिप्त: प्राचार्या रेनू मलिक

गांव घीड के GSSS की प्राचार्या रेनू मलिक ने साल 1991 में लेक्चरर के पद पर गांव अहर कुराना में जॉइन किया था। इसके बाद उन्हें सन् 2012 में प्राचार्य के पद तैनात किया गया। प्राचार्या रहते हुए उन्होंने कई स्कूलों में अपनी सेवाएं दी। उनकी जिस भी स्कूल में पोस्टिंग हुई, उसी स्कूल का परिणाम 90 प्रतिशत से ज्यादा रहा। इसके अलावा उन्होंने जिस भी स्कूल में अपनी सेवाएं दी, उस स्कूल के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भाग लेने लिए प्रेरित किया। साल 2017 में उनकी पोस्टिंग गांव घीड के GSSS स्कूल में हुई। तब से आज तक स्कूल का परीक्षा परिणाम हो या अन्य कोई गातिविधियां हो, स्कूल के सभी बच्चे जिले में अच्छा स्थान हासिल कर रहे हैं।

स्कूल स्टॉफ व विद्यार्थियों के साथ रामनिवास सोलंकी।
स्कूल स्टॉफ व विद्यार्थियों के साथ रामनिवास सोलंकी।

बच्चों का शिक्षकों के साथ माता-पिता से भी अधिक लगाव: मुख्य अध्यापक रामनिवास सोलंकी

करनाल के प्रेम नगर में संस्कृति मॉडर्न स्कूल के मुख्य अध्यापक रामनिवास सोलंकी का कहना है कि बच्चों का शिक्षकों के साथ माता-पिता से भी अधिक लगाव रहता है। स्कूल के सभी बच्चों के साथ उनका स्नेह आज माता पिता जैसा ही है। मुख्य अध्यापक रामनिवास सोलंकी ने बताया कि शिक्षा विभाग में उनकी पोस्टिंग सन् 1997 में जेबीटी टीचर के पद पर असंध के गांव हुई थी। उसके बाद 2004 में उनकी पोस्टिंग गांव जयसिंह पुरा के स्कूल में हुई। इस दौरान उन्हें दो बार मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण से सम्मानित किया। इसके अलावा भी करीब 6 बार उन्हें अलग- अलग DC, ADC व शिक्षा अधिकारी द्वारा कई अवार्डो से सम्मानित किया गया। अब वह 2014 से प्रेम नगर स्थित संस्कृति मॉडर्न स्कूल में मुख्य अध्यापक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे है।

छात्रांओं को पढ़ाते शिक्षक जीत सिंह मान।
छात्रांओं को पढ़ाते शिक्षक जीत सिंह मान।

कक्षा में बच्चों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूती: जीत सिंह मान

कुटले गांव के GSSS स्कूल में PGT संस्कृत के पद पर तैनात जीत सिंह मान का कहना है कि कक्षा में बच्चों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने पर मजबूती मिलती है। जीत सिंह मान एक योग शिक्षक व पर्यावरण प्रेमी भी हैं। मान ने कहा कि उनकी सन् 1995 में सोनीपत के गांव खूबडू के सरकारी स्कूल में पोस्टिंग हुई थी। उसके बाद 2003 में नीलोखेड़ी में अपनी सेवाएं दी। साल 2017 तक अलग-अलग स्कूलों में अपनी सेवाएं दी। वहीं सन् 2016 से वह अपनी सेवाएं गांव कुटेल के स्कूल में दे रहे हैं। इस कार्यकाल के दौरान उन्हें कई अवार्डों से ADC, DC, शिक्षा मंत्री सहित राज्यपाल द्वारा भी सम्मानित किया गया। मान ने कहा कि स्कूल की प्राचार्या मनजीत शर्मा के से प्रेरित होकर ही उन्होंने साल 2021 के राज्य शिक्षा सम्मान का फार्म भरा था, आज उन्हीं की प्ररेणा से आगे बढ़ते हुए मुझे राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चुना गया है।

चारों शिक्षकों को यह सम्मान मिलेगा

राज्य शिक्षक पुरस्कार-2022’ के तहत शिक्षक को प्रोत्साहन राशि के तौर पर एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ एक रजत पदक, एक प्रमाणपत्र, एक शाल के साथ संपूर्ण भावी सेवा के लिए महंगाई भत्ते के साथ दो अग्रिम वेतन वृद्धियां भी मिलेंगी।