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हड़ताल को लेकर आढ़तियों की हुई मीटिंग:करनाल में किसानों ने दिया सर्मथन, बोले- चोली दामन का साथ है, कंधे से कंधा मिलाकर खड़े

करनाल11 दिन पहले

हरियाणा में सोमवार को ई-नेम प्रणाली के विरोध में मंडियों में अनिश्चित कालीन हड़ताल रहेगी। करनाल में भी हड़ताल को समर्थन दिया गया। हड़ताल के दौरान अन्य मंडियों की तरह करनाल मंडी में किसी प्रकार की फसल की बोली नहीं होगी। न ही कोई लेन देन होगा। हड़ताल को लेकर रविवार दोपहर को इन्द्री अनाज मंडी में आढ़तियों की मीटिंग हुई। मीटिंग की अध्यक्षता इन्द्री अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान इलम सिंह ने की। वहीं मीटिंग में किसान नेता सुरेंद्र कलसोरा ने भी शिरकत की।

जानकारी देते इंद्री आनाज मंडी के प्रधान इलम सिंह।
जानकारी देते इंद्री आनाज मंडी के प्रधान इलम सिंह।

किसानों से की अपील

इन्द्री मंडी एसोसिएशन के प्रधान इलम सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे 19 सितंबर से मंडियों में अपनी फसल लेकर न आएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सरकार आढ़तियों की मांगों को लेकर हठधर्मिता अपनाए हुए है तथा आढ़तियों के व्यापार को बर्बाद करने पर तुली हुई है। ई नेम प्रणाली तर्कसंगत नहीं है। इससे आढ़तियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंडी प्रधान ने कहा कि 10 सितंबर की गोहाना रैली में प्रदेशभर के आढ़तियों ने फैसला लिया था कि 17 सितंबर तक सरकार ने यदि आढ़तियों की मांगें नहीं मानी तो 19 सितंबर से प्रदेश की मंडियां अनिश्चितकाल के लिए बंद हो जाएंगी तथा मार्केट कमेटियों के आगे धरना देंगे। करनाल जिले की सभी मंडियों के मार्केट कमेटी कार्यालय के आगे सुबह आढ़तियों द्वारा सुबह 11 से 2 बजे तक धरना दिया जाएगा।

जानकारी देते किसान नेता सुरेन्द्र कलसोरा।
जानकारी देते किसान नेता सुरेन्द्र कलसोरा।

किसानों को आढ़तियों के साथ पूरा सहयोग

मीटिंग में मौजूद चढ़ूनी ग्रुप के किसान नेता सुरेन्द्र कलसोरा ने कहा कि आढ़ती और किसान का चोली दामन का साथ है। सभी किसान यूनियन आढ़तियों के साथ खड़ी हैं। सरकार जल्द से इनकी मांगों को पूरा करे। 20 सिंतबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करे, नहीं तो किसान भी आढ़तियों के सर्मथन में सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे।