करनाल रिश्वतकांड: 1 दिन रिमांड पर तहसीलदार:डीड राइटर को जेल भेजा; तहसील में मचा हड़कंप; विजिलेंस के रडार पर कई अधिकारी-कर्मचारी

करनाल2 महीने पहले

हरियाणा के करनाल में रिश्वतकांड में गिरफ्तार तहसीलदार और डीड राइटर को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से डीड राइटर को न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज गया, जबकि आरोपी तहसीलदार को 1 दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी से प्राथमिक पूछताछ में क्या सामने आया है इसका खुलासा अभी विजिलेंस करने से बच रही है।

रविवार देर रात को 20 हजार रुपए की रिश्चत लेते पकड़े गए डीड राइटर और तहसीलदार के बाद तहसील में हड़कंप मचा हुआ है। जिसको लेकर तहसील में कई सीटें खाली दिखी। वहीं डीसी सुशील सारवान ने तहसील का निरीक्षण किया।

आरोपी तहसीलदार को अदालत में लेकर आई विजिलेंस।
आरोपी तहसीलदार को अदालत में लेकर आई विजिलेंस।

आरोपी तहसीलदार को घरौंडा लेकर विजिलेंस

जानकारी के अनुसार सोमवार को आरोपी तहसीलदार व डीड राइटर को घरौंडा तहसील में ले जाया गया। जहां पर आरोपी तहसीलदार से 12 हजार रुपए किसी रिश्वत के और बारामद किए गए। इसके इलावा आरोपी ने कई मामलों में रिश्वत लेने के बात क़बूली है। रिमांड के दौरान आरोपी से अन्य बाकी रिश्वत के पैसे बरामद किए जाएगें।

मार्च में करनाल में हुई थी आरोपी तहसीलदार की पोस्टिंग

जानकारी के अनुसार, तहसीलदार राजबख्स की गिरफ्तारी के बाद तहसीलदार निखिल सिंगला की पोस्टिंग करनाल में हुई थी। इसके बाद तहसीलदार को घरौंडा का चार्ज दिया गया था। बाद में इंद्री व करनाल का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, करनाल, घरौंडा व इंद्री तहसील से रजिस्ट्री करवाने की एवज में मोटी रकम विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से वसूलता था।

घरौंडा में डीड राइटर के माध्यम से लेता था तहसीलदार पैसे

विजिलेंस टीम के इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने बताया उन्हें रविवार को सूचना मिली थी कि घरौंडा निवासी व्यक्ति को अपनी जमीन की गिरदावरी ठीक करवानी थी। जिसको लेकर वह कुछ समय पहले तहसीलदार से मिले थे। आरोपी तहसीलदार ने उन्हें डीड राइटर गुलशन गुलाटी से मिलने के लिए कहा।

यहां पर डीड राइटर गुलशन गुलाटी से मिले तो उसने उनके काफी समय तक चक्कर लगवाए। बाद में आरोपी डीड राइटर ने इस काम की एवज में 25 हजार रुपए की डिमांड की। बाद में जब पीड़ित ने कहा कि वह इतने पैसे नहीं दे सकते तो आखिर में 20 हजार रुपए मे सौदा तय हुआ।

आरोपी डीड राइटर गुलशन गुलाटी को ले जाती विजिलेंस।
आरोपी डीड राइटर गुलशन गुलाटी को ले जाती विजिलेंस।

सेक्टर 32 में डीड राइटर ने पीड़ित को पैसे लेकर बुलाया

इस्पेंक्टर सचिन कुमार ने बताया कि रविवार देर शाम को तहसील के डीड राइटर ने पीड़ित को पैसे लेकर बुलाया था। जिसमें विभाग की तरफ से टीम गठित की गई थी। एसडीएम अनुभव महता को नोडल अधिकारी बनाया गया था। उनकी देखरेख में 20 हजार रुपए पर पाउडर लगाकर पीड़ित को दिए गए थे। आरोपी के कहे अनुसार पीड़ित डीड राइटर को पैसे देने के लिए के सेक्टर 32 गई थी। साथ में पीछे विजिलेंस की टीम मौके पर मौजूद थी। जैसे ही आरोपी डीड राइटर गुलशन गुलाटी ने पीड़ित से पैसे लिए तो विजिलेंस टीम ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

तहसीलदार को देने थे पैसे

विजिलेंस ने जब आरोपी डीड राइटर को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ की पता चला कि तहसीलदार के कहने पर उसने पीड़ितों से पैसे लिए थे। यह सारे पैसे मेरे नहीं है। ये पैसे तहसीलदार के हैं। डीड राइटर के बयान के आधार आरोपी तहसीलदार को गिरफ्तार किया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी तहसीलदार पहले भी रजिस्ट्री करवाने व अन्य मामलों में चार से पांच बार डीड राइटर के माध्यम से पैसे ले चुका है।

आरोपियों को अदालत में पेश करती विजिलेंस टीम।
आरोपियों को अदालत में पेश करती विजिलेंस टीम।

भाजपा कार्यकर्ता से भी लिए थे पैसे

वहीं आरोपी तहसीलदार के गिरफ्तार होने के बाद भाजपा नेता जगमोहन आंनद भी मीडिया के सामने आए और कहा की इस तहसीलदार ने हमारे कार्यकर्ता का काम करवाने की एवज में पैसे लिए थे। जिसको लेकर उन्होंने इस तहसीलदार को सुधरने के लिए भी कहा था। लेकिन उसके बाद भी आरोपी तहसीलदार नहीं सुधरा और विजिलेंस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी को लिया एक दिन के रिमांड पर

विजिलेंस के इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जहां से आरोपी डीड राइटर को न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया, जबकि तहसीलदार निखिल सिंगला को 1 दिन के रिमांड दिया। रिमांड के दौरान आरोपी कई खुलासे कर सकता है। प्राथमिक पूछताछ में काफी कुछ बताया है। जिसको लेकर इसे रिमांड पर लिया गया है।