एडवोकेट की पुलिस पिटाई से वकील नाराज:करनाल में वर्क सस्पेंड किया, बसताड़ा टोल पर लाठियां मारने वाले DSP के खिलाफ 6 दिन बाद भी कार्रवाई न होने पर लगाए नारे

करनालएक महीने पहले
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प्रदर्शन करते हुए करनाल के वकील। - Dainik Bhaskar
प्रदर्शन करते हुए करनाल के वकील।

हरियाणा के करनाल जिले में वकीलों ने सोमवार को वर्क सस्पेंड कर दिया। 28 अगस्त को बसताड़ा टोल पर किसानों के बीच पहुंचे एक वकील की भी पिटाई कर दी गई थी। इस पर पुलिस वाले के खिलाफ कार्रवाई की शिकायत देने के 6 दिन बाद भी कोई एक्शन नहीं हुआ। इससे गुस्साए वकीलों ने सोमवार को वर्क सस्पेंड कर दिया और पुलिस वालों के खिलाफ नारेबाजी की।

वकीलों ने कहा कि चैंबर नंबर 531 जिला कचहरी करनाल के वकील मुनीष लाठर वकालत के साथ-साथ खेती-बाड़ी का काम करते हैं। इस लिहाज से 28 अगस्त को वे किसानों के बीच बसताड़ा टोल पर मौजूद थे। टोल पर 120 के करीब किसान शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे थे। तभी वहां पर 500-600 पुलिस कर्मी पहुंचे। एसडीएम व डीएसपी भी पहुंचे और किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया।

जान से मारने की नीयत से किया डीएसपी ने हमला

मुनीष लाठर ने बताया कि डीएसपी उसकी तरफ आया और कहने लगा कि टोल खाली कर दो या फिर गिरफ्तारी दे दो। जवाब में वकील ने कहा कि वे गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। लेकिन पुलिस ने किसानों को गिरफ्तार करने की बजाए, उन पर लाठी बरसानी शुरू कर दीं। खुद डीएसपी ने सिपाही से लाठी लेकर उस पर हमला कर दिया। डीएसपी के साथ ही 8-10 पुलिस वाले भी लाठियां लेकर पीटने लगे।

31 अगस्त को दी थी शिकायत

मुनीष लाठर ने आरोप लगाया कि डीएसपी ने उसको जान से मारने की नीयत से सिर पर प्रहार किया। धक्का देकर नीचे गिरा गया। ऐसे डीएसपी, एसडीएम व अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 31 अगस्त को शिकायत एसपी को दी थी। 7 दिन बीतने के बाद भी उस पर कार्रवाई नहीं हुई। इसीलिए वर्क सस्पेंड किया है।

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