हरियाणा में किसानों की महापंचायत:करनाल में लाठीचार्ज के विरोध में जुटे किसानों का सरकार को अल्टीमेटम- 7 सितंबर से पहले पुलिस-प्रशासन पर एक्शन लेना होगा

करनाल9 महीने पहले
अनाज मंडी घरौंडा में महापंचायत के पंडाल में जुटे हजारों किसान।

हरियाणा के करनाल में महापंचायत में किसान नेताओं ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है। किसान नेताओं ने तीन मांगे रखी हैं उनका कहना है कि लाठीचार्ज के बाद मृतक किसान के परिवार को 25 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही जो किसान घायल हुए हैं उन्हें 2-2 लाख का मुआवजा मिले। लाठीचार्ज के लिए दोषी अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके लिए किसान नेताओं ने सरकार को 6 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। नेताओं का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वो 7 सितंबर को करनाल में महापंचायत बुलाएंगे।

महापंचायत में हुए तीन बड़े फैसलों की मंच से जानकारी देते गुरनाम सिंह चढूनी।
महापंचायत में हुए तीन बड़े फैसलों की मंच से जानकारी देते गुरनाम सिंह चढूनी।

SDM को बर्खास्त करने और केस दर्ज करने की संयुक्त मांग
हरियाणा के करनाल में महापंचायत के जरिए किसान नेताओं ने सरकार को जमकर घेरा। किसानों पर पुलिस के लाठीचार्ज को लेकर घरौंडा अनाज मंडी में हजारों किसान जुटे।महापंचायत में 12 बजे से 2:30 तक करीब 23 किसान नेताओं ने भाषण दिया। इस दौरान सभी ने अपनी-अपनी राय पेश की। किसान नेताओं ने संयुक्त रूप से मांग की कि SDM को बर्खास्त कर उसके खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाए। साथ ही कहा गया कि सीएम मनोहर लाल किसानों से माफी मांगें। इसके बाद गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में प्रमुख नेताओं को पंडाल से बाहर किसान नेताओं की मांगों पर अंतिम फैसला लेने के लिए अलग से भेजा गया।

किसानों पर केस दर्ज करने के लिए नहीं दिए थे वोट: सुरेश कौथ
भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौथ ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इसलिए वोट दिए थे कि वह केंद्र में जाकर किसानों की बात रखेंगे। इसलिए नहीं कि किसानों पर केस दर्ज करवाएंगे। कौथ ने कहा कि दुष्यंत चौटाला को किसानों ने वोट इसलिए दिए थे कि वह किसानों के पक्ष में खड़े होंगे, न कि भाजपा की गोदी में बैठ जाएंगे। केस दर्ज करने हैं तो किसानों का नेतृत्व करने वाले किसान नेताओं पर दर्ज किए जाएं न कि आम किसानों पर।

भाजपा गो-बैक कहने का समय: सतनाम सिंह
पंजाब के किसान नेता सतनाम सिंह ने कहा कि 22 साल के जवान किसान की मौत का बदला जरूर लेंगे। अंग्रेजों के समय में साइमन कमीशन को गो-बैक कहा था अब भाजपा को गो-बैक कहने का समय आ गया है। किसान शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। 5 सितंबर को यूपी के मुजफ्फरनगर में पांच करोड़ किसान इकट्‌ठे होकर जोश दिखाएंगे।

पूरे भारत में होनी चाहिए कॉल: विकास सीसर भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेशाध्यक्ष विकास सीसर ने कहा कि हरियाणा और पंजाबी कॉल नहीं होनी चाहिए। पूरे भारत की कॉल होनी चाहिए। अकेले सीएम मनोहर लाल पर ध्यान रखने से किसानों का लक्ष्य पूरा नहीं होगा। हरियाणा में किसानों के सिर फोड़े जा रहे हैं। 40 हजार किसानों पर मुकदमे दर्ज हो गए। मोदी सरकार किसानों से डरी हुई है। सरकार के हंगामे की बात स्वीकार नहीं होगी। किसानों को भी सिर फोड़ने आते हैं।

नहीं पहुंचे टिकैत, किसान मोर्चा से भी दो ही सदस्य पहुंचे
महापंचायत में हरियाणा, पंजाब, यूपी के 40 किसान संगठनों के नेता किसानों की टोलियों के साथ घरौंडा पहुंचे। यहां किसानों और संगठनों को राकेश टिकैत के आने की पूरी उम्मीद थी। एक दिन पहले उन्होंने खुद घरौंडा में महापंचायत का ऐलान किया था। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से केवल दो सदस्य किसान नेता ही घरौंडा में पहुंचे।

डेरा कार सेवा ने पंडाल में लगाया लंगर
करनाल के डेरा कार सेवा की तरफ से अपनी गाड़ी में लंगर की सेवा शुरू की गई है। दूर दराज से आए किसानों के लिए भंडारा शुरू किया हुआ है। किसानों को लाइनों में बुलाकर प्रसाद बांटा जा रहा है।

महापंचायत में आए किसानों के लिए डेरा कार सेवा की तरफ से लंगर की व्यवस्था।
महापंचायत में आए किसानों के लिए डेरा कार सेवा की तरफ से लंगर की व्यवस्था।

किसान को दी श्रद्धांजलि
महापंचायत में 28 अगस्त को बसताड़ा टोल प्लाजा पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आगामी रणनीति तैयार हुई। बसताडा टोल पर चोट लगने के बाद रात को हार्ट अटैक आने से मरे किसान सुशील को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राष्ट्रीय गान के साथ भारत माता व जय जवान-जय किसान के नारे लगाए गए।

पुलिस जवानों ने खेतों में किसानों का पीछा किया और लाठी-डंडों से पिटाई की। लाठीचार्ज की सूचना के बाद दूसरे किसान वहां पहुंच गए तो पुलिस ने फिर से लाठीचार्ज किया। इस तरह से 4 बार लाठीचार्ज हुआ। पुलिस दर्जनों किसानों को हिरासत में लेकर चली गई। इसके बाद माहौल गरमा गया।

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने विरोध जताते हुए पूरे प्रदेश में किसानों से अपील करके जाम लगवा दिया। जब तक किसानों को रिहा नहीं किया गया, तब तक किसानों ने प्रदेशभर में लगाए जामों को नहीं खोला, लेकिन अभी मामला ठंडा नहीं हुआ है। महापंचायत में कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है, जिसका असर देशभर में देखने को मिलेगा।

12 तस्वीरों में देखिए, किसान महापंचायत में उमड़ा हुजूम:हरियाणा की घरौंडा अनाज मंडी में जुटे हैं हजारों पुरुष-महिलाएं और बुजुर्ग, जो एक सुर में बोले- लाठीचार्ज सरासर गलत, माफी मांगें

खबरें और भी हैं...