बिट्‌टा बोले- ड्रोन बड़ा खतरा:बारूद एक्टिव था; ब्लास्ट होता तो तबाही के साथ करनाल की बदनामी भी होती

करनाल7 महीने पहले
आंतकवाद विरोधी मोर्चा के चेयरमैन एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदर जीत सिंह बिट्टा पत्रकार करते हुए।

करनाल पहुंचे आंतकवाद विरोधी मोर्चा के चेयरमैन एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदर जीत सिंह बिट्टा ने शुक्रवार को पाकिस्तान, खालिस्तान और बब्बर खालसा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने इसके लिए देश के भीतर मौजूद देश विरोधी तत्वों को दोषी ठहराया। साथ ही पाकिस्तान से ड्रोन से हो रही असलहे और ड्रग्स की सप्लाई पर भी चिंता जाहिर की।

बिट्टा ने कहा कि ड्राेन पूरी दुनिया और हमारे देश के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। सीमाओं पर कितना भी पहरा लगा लें, लेकिन इसको रोक पाना मुश्किल है। करनाल में पकड़े गए आतंकियों के संबंध में उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वहां पर एक आतंकवादी के रिश्तेदार की जमीन है और वहां के लोगों से संपर्क कर लिया। पाकिस्तान से असलहा-बारुद को पंजाब से निकलकर हरियाणा तक पहुंच गए।

उन्होंने कहा कि इससे पहले लंबा किसान आंदोलन दिल्ली की सीमा पर चला। किसान आंदोलन के दौरान किसी से भी कहीं पर कोई रोक-टोक नहीं थी। इस घटना के बाद चिंता हो रही है कि किसान आंदोलन के दाैरान तो पता नहीं क्या-क्या निकला होगा। पाकिस्तान के माध्यम से कहां-कहां पर बारुद पहुंचाया होगा।

पत्रकारों से बातचीत करते आंतकवाद विरोधी मोर्चा के चेयरमैन बिट्टा।
पत्रकारों से बातचीत करते आंतकवाद विरोधी मोर्चा के चेयरमैन बिट्टा।

ब्लास्ट होने पर प्रदेश होता बदनाम

उन्होंने कहा कि बताया गया बारुद एक्टिव था। ऐसे में यदि करनाल में बम ब्लास्ट हो जाता तो काफी तबाही होगी। सीएम सिटी होने के नाते करनाल बदनाम होता, प्रदेश बदनाम होता और देश बदनाम होता। हरियाणा की धरती में विकास है। आप उस धरती को बदनाम करने चले थे। प्रदेश के गुरुग्राम, फरीदाबाद में जाने पर ऐसा लगता है कि आप विदेश में आ गए हैं।

करनाल से 4 आतंकवादी पकड़े गए। लुधियाना में ब्लास्ट के समय क्लीयर हो गया था कि अगला निशाना दिल्ली है। अब लोकेशन तो तेलंगाना की बता रहे हैं, पर हो सकता है कि दिल्ली तक ही जाना हो। आने वाले 4 साल बाद ये चारों बंदी सिख बन जाएंगे। तब कुछ लोग सरकार को सवाल करेंगे कि उन्हें रिहा किया जाए।

पंजाब पर हो रहे हमले

उन्होंने बताया कि जब गुजरात, पंजाब और राजस्थान में जाते हैं तो बीएसएफ के जवानों से मिलने का मौका मिलता है। गुजरात में स्थिति ये है कि मीलों तक हमारे पक्ष की लाइटें जलती नजर आएंगी पर पाकिस्तान की तरफ अंधेरा छाया रहेगा। हम वहां पर कुछ भी नहीं देख सकते। वहां पर बहुत कुछ सुरक्षित किया गया। पंजाब में हमले हो रहे हैं, टिफिन बम मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लगातार ऐसी हरकतें हो रहे हैं। ऐसा हमारी कौम के गद्दारों के सहयोग देने के कारण हो रहा है। मानवता की रक्षा के लिए ये कौम सजाई गई। कौम के इतिहास को, 10 गुरुओं की क्या कुर्बानी थी।

पत्रकारों के सवालों के जवाब देते मनिंदर जीत सिंह बिट्टा।
पत्रकारों के सवालों के जवाब देते मनिंदर जीत सिंह बिट्टा।

उन्होंने कहा कि वे बब्बर खालसा से कहना चाहते हैं कि वहा खालसा नहीं, नीच हैं। सिख धर्म के गद्दार हैं। झूठे लोगों, मासूमों की जान लेने वाले हैं। सिख धर्म को, खालसा पंथ को बदनाम कर रहे हैं। खालिस्तानी झंडे और भिंडरावाले के फोटो लगाने के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि किसी को भी इसमें रुचि नहीं है। अमृतसर रहा हूं। 83-84 में ब्लास्ट हुआ था। अमृतसर की जिस कोठी के अंदर भिंडरावाला था, मेरा मकान भी उसके सामने वाला था। मेरे मकान पर तिरंगा लगाया तो एक पुलिस अधिकारी ने झंडा उतारने को कहा। धमकी दी कि नहीं उतारा तो बम से उड़ाएंगे। जवाब दिया कि तिरंगा झंडा लगाया है, कोई आतंकवादी नहीं हूं और खालिस्तान का झंड़ा नहीं लगाया। बम चले या गोली तिरंगा लगाया जाएगा। तब ब्लास्ट हुआ और वो मामला कोर्ट में चला।