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सुस्त व्यवस्था:बिहार में 700 रुपए में बिक रहे चोरी व लूट के मोबाइल, 55% की लोकेशन बंगाल की मिली

करनाल11 दिन पहलेलेखक: अनिल भारद्वाज
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गुम हुए मोबाइल के भी 60% मामले अनट्रेस, 675 आरोपियों को किया गिरफ्तार - Dainik Bhaskar
गुम हुए मोबाइल के भी 60% मामले अनट्रेस, 675 आरोपियों को किया गिरफ्तार
  • पुलिस की ढीले रवैये से 10 साल में मोबाइल चोरी-स्नेचिंग के 49% केस अनट्रेस

सड़क पर सैर करते-करते मोबाइल पर बातें करने में व्यस्त रहना और हाथ में मोबाइल लेकर चलने वालों के साथ मोबाइल स्नेचिंग गैंग वारदात कर रहा है। जनवरी से जुलाई तक ही चोरी व स्नेचिंग की 94 लोगों से घटनाएं हुई हैं। इनमें 90 प्रतिशत लोगों से पार्क, घर के बाहर, सड़क पर सैर करते हुए मोबाइल छीनने के मामले हैं।

इनमें 30 महिलाएं एवं युवतियों के साथ घटनाएं हुई हैं। इसी गति में मोबाइल गुम हुए हैं। पुलिस की ट्रेसिंग रिपोर्ट बिल्कुल ढीली है। पिछले 10 साल में पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक चोरी-स्नेचिंग हुए 49 प्रतिशत केस अनट्रेस हैं। डेढ़ साल में गुम हुए मोबाइल भी 60 प्रतिशत ट्रेस नहीं हुए हैं।

इसका मुख्य कारण है कि पुलिस की साइबर सेल में एक्सपर्ट स्टाफ का अभाव है। सूचना के आधार पर तुरंत रेड नहीं कर पा रही है। पुलिस ने जाे केस ट्रेस किए हैं, इनकी लाेकेशन बंगाल, यूपी, बिहार में मिली है। इस कारण पुलिस को केस ट्रेस करने में अधिक टाइम लग रहा है और आमजन परेशान है।

2020 में मोबाइल गुम हाेने के आए 395 मामले

पुलिस की तरफ से वर्ष 2012 से अब तक 753 मोबाइल चोरी-स्नेचिंग के केस दर्ज किए गए हैं। इनमें से 384 केसों को ट्रेस कर दिया और इन घटनाओं को अंजाम देने वाले 675 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वर्ष 2020 में 395 मोबाइल गुम हुए। इनमें से 158 केस ट्रेस हुए। जनवरी से जुलाई 2021 तक 220 मोबाइल गुम हाेने के मामले आ चुके हैं, पुलिस इनमें से 89 मोबाइल ही ट्रेस कर पाई है।

लूट व चोरी हुए मोबाइल के बंगाल में 55, बिहार में 15 प्रतिशत और यूपी में 30 प्रतिशत केस ट्रेस

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक जो केस ट्रेस हुए हैं उनमें बंगाल से 55 प्रतिशत, बिहार से 15 प्रतिशत और यूपी से 30 प्रतिशत मोबाइल मिले हैं। बंगाल में 10-10 हजार के मोबाइल दो-दो हजार में बेचे गए हैं। बिहार में 700 से एक हजार रुपए में बेचे गए हैं। यूपी में एक हजार से 1500 रुपए में बेचे गए। यह मोबाइल उन्हीं के पास मिले हैं, मजदूरी का काम करते हैं।

आठ महीने पहले चोरी हुआ मोबाइल, नहीं मिला

ललैन गांव के सोनू बताया कि उसका मोबाइल अक्टूबर 2020 में घर से ही चोरी हो गया था। इसकी शिकायत पुलिस थाना में दी गई। अब तक मोबाइल नहीं मिला है। पुलिस के पास जाते हैं तो कुछ नहीं बताते हैं। इसके अलावा सावन ने बताया कि फरवरी 2021 में उसका मोबाइल असंध में गुम हो गया था। असंध थाना में डीडीआर दर्ज है। अब तक कोई पता नहीं चला है।

सेक्टर-4 में बात करते हुए छीना था मोबाइल

सेक्टर-4 वासी राजन ने बताया कि पार्क से घर जाते वक्त शाम के समय दोस्त से मोबाइल पर बात कर रहा था। इस दौरान मोटरसाइकिल पर दो लड़के आए और मोबाइल छीनकर भाग गए। जब तक घर से बाइक लेकर उनका पीछा किया, वह मेरठ रोड से फरार हो गए। आरोपियों की बाइक के नंबर प्लेट नहीं थी। पुलिस ने स्नेचिंग का केस दर्ज कर लिया है, लेकिन मोबाइल ट्रेस नहीं हुआ है।

मोबाइल चोरी-स्नेचिंग की काफी वारदातें ट्रेस हाे चुकी हैं। गुम हुए मोबाइल वर्ष 2020 में 158 और इस साल भी 89 केस ट्रेस कर दिए हैं। जो केस ट्रेस हुए हैं, वह मोबाइल बिहार, बंगाल, यूपी में मिले हैं। पुलिस छापेमार कार्रवाई कर रही है। गंगाराम पुनिया, एसपी, करनाल

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