प्रशिक्षण कार्यक्रम:दूध उत्पादों के रसायनिक व सूक्ष्म जैविक गुणवत्ता मूल्यांकन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन शुरू

करनाल18 दिन पहले
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  • एनडीआरआई के डेयरी रसायन विज्ञान व डेयरी माइक्रोबायोलॉजी डिवीजन द्वारा किया जा रहा कार्यक्रम

राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के डेयरी रसायन विज्ञान और डेयरी माइक्रोबायोलॉजी डिवीजन द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम का आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम 26 अक्टूबर तक आईडीपी-एनएएचईपी के तहत दूध, दूध उत्पादों के रसायनिक और सूक्ष्म जैविक गुणवत्ता मूल्यांकन पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्यातिथि एनडीआरआई के संयुक्त निदेशक डॉ धीर सिंह रहे।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम गुणात्मक सुधार लाने और डेयरी कर्मियों को नवीन विश्लेषणात्मक तकनीकों में नवीनतम ज्ञान ग्रहण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उपकरण आधारित विधियों का उपयोग अकसर डेयरी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा का आंकलन करने के लिए किया जाता है।

किसी खाद्य उत्पाद में जैविक या रसायनिक खतरे की संभावना से इंकार करने के लिए खाद्य उत्पाद का प्रयोगशाला परीक्षण एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का पाठ्यक्रम डेयरी और खाद्य उद्योग की गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशालाओं में काम करने वाले कर्मियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।

प्रशिक्षण में नवीनतम विधियों को बताया जाएगा

डेयरी रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रमन सेठ ने बताया कि कार्यक्रम में बुनियादी तकनीकों के अलावा दूध और दूध उत्पादों के परीक्षण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ नवीनतम तकनीकों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम में किए गए विचार-विमर्श खाद्य सुरक्षा और डेयरी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता आश्वासन के क्षेत्र में प्रतिभागियों के लिए फायदेमंद होगा।

डॉ. अनिल कुमार पुनिया, विभागाध्यक्ष ने डेयरी माइक्रोबायोलॉजी डिवीजन ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सामग्री के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में डेयरी रसायन विभाग से 17 व्याख्यान-सह-व्यावहारिक और डेयरी माइक्रोबायोलॉजी डिवीजन से लगभग 20 व्याख्यान-सह-व्यावहारिक शामिल हैं।

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