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  • Paddy Trolleys Reaching Karnal Mandi Despite 24 hour Permanent Blocks On UP Border, Arrangements Failed, More Than 100 Trolleys Arrived With Paddy From UP

​​​​​​​भ्रष्टाचार पकड़े जाने के बाद भी व्यवस्था बेहतर नहीं:यूपी बॉर्डर पर 24 घंटे के स्थाई नाकों के बावजूद करनाल मंडी में पहुंची रही धान की ट्राॅलियां, इंतजाम फेल, यूपी से 100 से ज्यादा ट्राॅलियां धान लेकर पहुंची

करनाल3 महीने पहले
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  • सेक्रेटरी को आढ़ती बोला- इसमें 1509 है, जांच की तो पीआर धान मिला
  • अनाज मंडी में मार्केट कमेटी की टीम की रुटीन जांच नहीं होने का फायदा उठा रहे आढ़ती-मिलर्स

करनाल अनाजमंडी में यूपी की पीआर धान पर सरेआम भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। शुक्रवार को करनाल अनाज मंडी में पहुंचे मार्केट कमेटी सेक्रेटरी ने यूपी से आई ट्राॅलियाें की जांच की तो इनमें 1509 की जगह पीआर धान मिला। उन्होंने माना कि यूपी से आए धान में गड़बड़ी होती है। यूपी की धान से पूरी मंडी जाम में फंसी है और मंडी के बाहर हजारों की संख्या में ट्राॅलियों की लाइनें लगी हैं।

घीड़ मंडी में भ्रष्टाचार पकड़े जाने के बाद भी मंडियों में व्यवस्था बेहतर नहीं है। इससे लोकल किसान बहुत परेशान हैं। अब अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा कि इस भ्रष्टाचार को कैसे राेका जाए। शुक्रवार को दर्जनभर गाड़ियों को सेक्रेटरी ने पकड़ा, लेकिन कार्रवाई के समय आढ़ती हाथ जोड़कर खड़े हो गए। गड़बड़ी को रोकने के प्रशासन के सभी इंतजाम फेल साबित हो रहे हैं। मंडी में काफी आढ़ती, मिलर्स यूपी से 1600 से 1700 रुपए प्रति क्विंटल धान लेकर आते हैं और करनाल मंडी में लोकल किसान के पोर्टल पर सरकार को ही 1960 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बेच रहे हैं। अधिकारी अपनी ईमानदारी का राग अलाप रहे हैं, लेकिन मंडी में यूपी का धान बिक रहा है। घीड़ मंडी में भ्रष्टाचार के बाद 28 आढ़ती, 4 अधिकारियों पर केस दर्ज करने के बाद भी जिलेभर की मंडियों में भ्रष्टाचार रुक नहीं रहा है।

मंडी के अंदर से उठान नहीं हो रहा है। मंडी में व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई है, लेकिन कोई भी आढ़ती, मिलर्स इस परेशानी को जाहिर नहीं कर रहा है, क्योंकि मंडी में यूपी के धान से मुनाफा ज्यादा हो रहा है। इसलिए परेशान को उजागर नहीं कर रहे हैं। घीड़ मंडी में भ्रष्टाचार के आरोप में मार्केट कमेटी के चार अधिकारियों केस दर्ज हो चुका है, लेकिन खरीद एजेंसी फूड सप्लाई के परचेज इंचार्ज कवरदीप, सूरजभान, नितेश शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी है। इसी तरह हैफेड के सचिन के खिलाफ रिपोर्ट बनाई है। 9 राइस मिलों को जो सीएमआर का धान दिया जा चुका है, वह वापस लिया जाएगा। आढ़तियों का कहना है कि भ्रष्टाचार में तो खरीद एजेंसी भी जिम्मेदार है।

सेक्रेटरी बोले- अधिकारी भी सख्ती नहीं कर पा रहे

करनाल मंडी में सेक्रेटरी चंद्रप्रकाश ने एक आढ़ती के पास से यूपी की पीआर धान पकड़ ली। आढ़ती ने गुमराह करने के लिए सेक्रेटरी को झूठ बोला कि इस ट्राली में तो 1509 धान है। सेक्रेटरी ने ट्राली से धान उठाकर देखा तो उसमें पीआर धान पाया गया। इसके बाद सेक्रटरी के कहने के बाद भी आढ़ती ने यूपी के धान की ट्राॅली को मंडी से बाहर नहीं करवाया, बल्कि धान उतरवा ली। इस पर अधिकारी भी सख्ती नहीं कर पाते। क्योंकि वह स्टॉक कम होने का राग अलाप रहे हैं।

करनाल मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी चंद्रप्रकाश ने बताया कि करनाल मंडी में यूपी का धान पकड़ा है। मंडी के अंदर से एक कैंटर, एक ट्रैक्टर-ट्राॅली समेत तीन अन्य वाहनों को भी यूपी के माल के साथ पकड़ा था। इनमें तीन वाहनों में 1509 धान मिला, जो ला सकते थे। इसके लिए दर्जनभर वाहनों में पीआर धान को मंडी से बाहर कर दिया है। पुलिस को बुलाकर इन वाहनों को बाहर निकाला जा रहा है। मानते हैं कि यूपी के धान से गड़बड़ होती है। प्रशासन को यूपी बॉर्डर पर सख्ताई करवाने के लिए बोला गया है।

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